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Lokesh Pal
January 21, 2026 05:15
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भारतीय पर्यटकों के एक समूह ने पेरिस में एक स्ट्रीट परफॉर्मर (सड़क पर प्रदर्शन करने वाले कलाकार) को “जय महाराष्ट्र”, “छत्रपति शिवाजी महाराज की जय” और एकनाथ शिंदे के उल्लेख जैसे क्षेत्रीय तथा राजनीतिक नारे लगाकर परेशान किया।
आध्यात्मिकता और संस्कृति को दूसरों पर थोपा नहीं जाना चाहिए; आक्रामक प्रदर्शनों की तुलना में आंतरिक जागरूकता तथा स्थानीय नियमों का सम्मान करना अधिक महत्त्वपूर्ण है।
मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्नप्रश्न: पेरिस में भारतीय पर्यटकों द्वारा नारे लगाने की हालिया घटना सांस्कृतिक गौरव और नागरिक उत्तरदायित्व के मध्य संवेदनशील संतुलन को रेखांकित करती है। परीक्षण कीजिए, कि वैश्वीकृत दुनिया में नागरिक बोध किस प्रकार नैतिक व्यवहार को आकार देता है, तथा उत्तरदायी सांस्कृतिक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करने के उपाय सुझाइए। (10 अंक, 150 शब्द) |
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