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Lokesh Pal
November 16, 2024 05:30
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हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय की 7 जजों की बेंच ने 4:3 के बहुमत से वर्ष 1967 के “एस. अज़ीज बाशा और अन्य बनाम भारत संघ वाद” के निर्णय को खारिज कर दिया तथा भारतीय संविधान के अनुच्छेद 30 के तहत “अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय” के अल्पसंख्यक दर्जे के मुद्दे को नियमित बेंच द्वारा तय करने के लिए छोड़ दिया।
वर्ष 1967 के अज़ीज़ बाशा निर्णय को पलटकर न्यायालय ने “अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय” के लिए संभावित रूप से अपना अल्पसंख्यक दर्जा वापस पाने का मार्ग सुरक्षित कर दिया है। अंतिम निर्णय का अल्पसंख्यक शैक्षणिक अधिकारों पर दूरगामी प्रभाव पड़ेगा और यह सम्पूर्ण भारत में अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत करेगा।
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