//php print_r(get_the_ID()); ?>
Lokesh Pal
February 23, 2026 05:15
4
0
हालिया बजट सत्र के दौरान, विपक्षी दल के भाषणों के कुछ हिस्सों को हटाने (expunction) ने संसदीय वाक् स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने की चिंताओं को जन्म दिया है। इसने इस चर्चा को पुनर्जीवित कर दिया है, कि क्या सदन के नियम अनुच्छेद 105 के तहत प्राप्त संरक्षण को कमजोर कर रहे हैं।
अनुच्छेद 105 संसद में वाक् स्वतंत्रता की संवैधानिक गारंटी का प्रतीक है, जो जवाबदेही और विमर्शी लोकतंत्र के लिए अनिवार्य है। इसलिए, प्रक्रियात्मक नियमों को इस विशेषाधिकार को ओवरराइड किए बिना आचरण को विनियमित करना चाहिए, यह सुनिश्चित करते हुए कि संसदीय कार्यप्रणाली के भीतर असहमति के प्रावधान सुरक्षित रहें।
मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्नप्रश्न. “संसद के भीतर सांसदों की वाक् स्वतंत्रता संवैधानिक रूप से संरक्षित है, फिर भी यह संस्थागत अनुशासन के अधीन है।” चर्चा कीजिए। (10 अंक, 150 शब्द) |
<div class="new-fform">
</div>

Latest Comments