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Lokesh Pal
June 17, 2026 05:30
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हालिया संघर्षों जैसे कि रूस-यूक्रेन युद्ध, इजराइल-हिजबुल्लाह संघर्ष, हौथिस द्वारा लाल सागर में किए गए हमलों और अमेरिका-इरान संघर्ष ने युद्ध में ड्रोन की बढ़ती भूमिका को प्रदर्शित किया है।
ड्रोन क्रांति का तात्पर्य मानव रहित प्रणालियों (Unmanned Systems), कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), स्वायत्त प्रौद्योगिकियों और नेटवर्क वाले निगरानी तंत्र के व्यापक उपयोग के माध्यम से युद्ध परिदृश्य में आए परिवर्तनों से है।
ड्रोन क्रांति युद्ध परिदृश्यओं में एक प्रतिमान बदलाव का प्रतिनिधित्व करती है। कम लागत वाली मानव रहित प्रणालियाँ पारंपरिक सैन्य संतुलनों को बदल रही हैं, जिससे छोटे अभिकर्ता भी पारंपरिक शक्तियों को चुनौती देने में सक्षम हो रहे हैं। भारत के लिए, भविष्य की राष्ट्रीय सुरक्षा हेतु स्वदेशी ड्रोन क्षमताओं, काउंटर-ड्रोन प्रौद्योगिकियों और एआई-सक्षम रक्षा प्रणालियों को सुदृढ़ करना अनिवार्य है।
मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्नप्र. हालिया वैश्विक संघर्ष पारंपरिक हथियार प्रणालियों से विघटनकारी मानव रहित हवाई प्रणालियों की ओर एक निश्चित बदलाव को रेखांकित करते हैं। इस संदर्भ में, ‘ड्रोन क्रांति’ का विश्लेषण कीजिए तथा भारत को असममित ड्रोन खतरों से अपनी सीमाओं को सुरक्षित करने के उपाय सुझाइए। (15 अंक, 250 शब्द) |
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