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Lokesh Pal
April 04, 2026 05:00
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इंडियास्पोरा रिपोर्ट (2026) और विश्व बैंक के हालिया रिपोर्ट के अनुसार, जहाँ भारत प्रेषण (Remittances) के मामले में वैश्विक स्तर पर अग्रणी बना हुआ है, वहीं भारतीय प्रवासी समुदाय में कम वेतन वाले प्रवासन से उच्च-कौशल वाले वैश्विक नेतृत्व की ओर एक संरचनात्मक बदलाव आया है।
भारतीय प्रवासी समुदाय (Indian Diaspora)
प्रेषण (Remittances)
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तरल पूँजी से परे, एक परिपक्व प्रवासी समुदाय संस्थागत मूल्य उत्पन्न करता है, जो एक वितरित राष्ट्रीय संपत्ति के रूप में कार्य करता है:
भारत का $5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य और विकसित भारत 2047 की परिकल्पना केवल प्रेषण के बल पर पूरी नहीं हो सकती। हालाँकि तरल पूँजी एक सुरक्षा कवच प्रदान करती है, लेकिन वास्तविक “डायस्पोरा लाभ” ज्ञान नेटवर्क, संस्थागत निर्माण और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण में निहित है। भारत को अपने प्रवासी समुदाय को केवल प्रवासियों के समूह के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्रीय विकास के एक वितरित इंजन के रूप में परिवर्तित करना होगा।
मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्न:प्रश्न: प्रेषण भारत की प्रवासी कहानी का प्रारंभिक अध्याय हैं। विकसित भारत (Viksit Bharat) के लिए द्वितीयक लाभों (Second-Order Benefits) पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है। विश्लेषण कीजिए। (15 अंक, 250 शब्द) |
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