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Lokesh Pal
July 01, 2026 05:15
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भारतीय शहरों में जलवायु लचीलेपन और अनुकूलन के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य, श्रम कल्याण तथा शहरी शासन को एकीकृत करने की आवश्यकता है। इसमें स्वच्छता कर्मचारियों पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए, जो बढ़ते तापमान, अपर्याप्त आवास एवं सीमित सामाजिक सुरक्षा के कारण अत्यधिक जलवायु जोखिमों का सामना करते हैं।
समावेशी शहरी जलवायु कार्रवाई के लिए जलवायु अनुकूलन, सार्वजनिक स्वास्थ्य, श्रम कल्याण और शहरी शासन को एकीकृत करने की आवश्यकता है। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए, कि आवश्यक कार्यकर्ताओं—विशेष रूप से स्वच्छता कर्मचारियों—की रक्षा मजबूत संस्थानों, लचीले बुनियादी ढाँचे और न्यायसंगत सार्वजनिक नीतियों के माध्यम से की जाए।
मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्नप्र. “भारतीय शहरों में जलवायु परिवर्तन केवल एक पर्यावरणीय संकट नहीं, बल्कि शहरी शासन और सामाजिक समानता का एक गहरा संकट है।” अनौपचारिक क्षेत्र और स्वच्छता कर्मचारियों के विशेष संदर्भ में इस कथन का आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (15 अंक, 250 शब्द) |
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