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Lokesh Pal
July 01, 2026 05:30
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पश्चिम एशिया में तेजी से हो रहे भू-राजनीतिक परिवर्तनों के कारण भारत को एक संतुलित, लचीली और स्वतंत्र विदेश नीति अपनाने की आवश्यकता है। भारत को अपने ऊर्जा, आर्थिक और भू-राजनीतिक हितों की रक्षा करते हुए इज़राइल, ईरान तथा अरब खाड़ी देशों के साथ अपने रणनीतिक संबंधों को बनाए रखना होगा।
तेजी से बहुध्रुवीय होते जा रहे पश्चिम एशिया में भारत के दीर्घकालिक हित रणनीतिक स्वायत्तता, संतुलित कूटनीति और लचीले जुड़ाव के माध्यम से ही सर्वोत्तम रूप से पूरे हो सकते हैं, जिससे वह अपनी ऊर्जा सुरक्षा, आर्थिक हितों, क्षेत्रीय साझेदारियों एवं वैश्विक नेतृत्व की आकांक्षाओं की रक्षा करने में सक्षम हो सके।
मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्नप्र. पश्चिम एशिया में हाल के भू-राजनीतिक पुनर्गठन के संदर्भ में, मूल्यांकन कीजिए कि क्या इज़राइल के साथ भारत के बेहतर होते संबंध उसके व्यापक रणनीतिक हितों तथा ‘ग्लोबल साउथ के प्रतिनिधित्वकर्ता’ के रूप में उसकी स्थिति के लिए जोखिम उत्पन्न करता है। (15 अंक, 250 शब्द) |
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