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Lokesh Pal
June 06, 2026 05:00
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सरकार ने 15 जून से प्रारंभ होने वाली पाँच वर्षीय संक्रमण योजना की घोषणा की है, जिसके तहत थोक मूल्य सूचकांक (WPI) को चरणबद्ध तरीके से समाप्त कर उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) को अपनाया जाएगा। यह बदलाव भारत में उत्पादक-स्तर की मुद्रास्फीति को मापने की प्रणाली में एक महत्वपूर्ण संरचनात्मक सुधार का प्रतीक है।

PPI की ओर यह बदलाव भारत की सांख्यिकीय प्रणाली की एक दीर्घकालिक कमी को दूर करता है, क्योंकि अब देश के प्रमुख सेवा क्षेत्र को भी उत्पादन-स्तर की मुद्रास्फीति मापन प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। मुद्रास्फीति को उसके स्रोत स्तर पर मापने से यह सुनिश्चित होगा कि नीतिगत निर्णय आधुनिक भारतीय अर्थव्यवस्था की वास्तविकताओं के अनुरूप हों।
मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्न:प्रश्न: थोक मूल्य सूचकांक (WPI) से उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) की ओर संक्रमण भारत द्वारा अपने व्यापक आर्थिक संकेतकों को मापने की पद्धति में एक मौलिक पुनर्विचार को दर्शाता है। दोनों सूचकांकों के बीच संरचनात्मक अंतरों की चर्चा कीजिए तथा मूल्यांकन कीजिए कि PPI किस प्रकार मौद्रिक नीति निर्माण को अधिक प्रभावी बनाएगा। (15 अंक, 250 शब्द) |
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