Q. सामाजिक विकास की संभावनाओं को बेहतर बनाने के लिए, विशेष रूप से वृद्धावस्था और मातृ स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्रों में, सुदृढ़ और पर्याप्त स्वास्थ्य देखभाल नीतियों की आवश्यकता है। चर्चा कीजिए। (10 अंक, 150 शब्द)

प्रश्न की मुख्य माँग

  • स्वास्थ्य नीति और सामाजिक विकास के बीच संबंधों का उल्लेख कीजिए। 
  • वृद्धावस्था और मातृ देखभाल के लिए लक्षित स्वास्थ्य नीतियों की आवश्यकता को समझाइए।

उत्तर

सतत् सामाजिक विकास की नींव सुदृढ़ और न्यायसंगत स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों पर टिकी है। भारत में, वृद्धावस्था और मातृ स्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिकता देना केवल एक नीतिगत विकल्प नहीं है, बल्कि सबसे कमजोर आबादी के कल्याण और गरिमा को सुनिश्चित करने और इस प्रकार राष्ट्र की समग्र प्रगति के लिए एक मूलभूत आवश्यकता है।

स्वास्थ्य नीति एवं सामाजिक विकास के अंतर्संबंध

  • मानव पूँजी: अच्छा स्वास्थ्य उत्पादकता और आर्थिक भागीदारी को बढ़ाता है।
    • उदाहरण: आयुष्मान भारत योजना विनाशकारी स्वास्थ्य व्यय को कम करती है, जिससे कार्यबल की स्थिरता बढ़ती है।
  • गरीबी में कमी: स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच, परिवारों को चिकित्सा खर्चों के कारण गरीबी में जाने से बचाती है।
    • उदाहरण: राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के अनुसार, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के तहत खर्च कम हुआ है।
  • लैंगिक समानता: मातृ स्वास्थ्य नीतियाँ महिलाओं को सशक्त बनाती हैं और मृत्यु दर को कम करती हैं।
    • उदाहरण: जननी सुरक्षा योजना ने संस्थागत प्रसवों में वृद्धि की है।
  • जनसांख्यिकीय लाभांश: स्वस्थ जनसंख्या युवा शक्ति के बेहतर उपयोग को सुनिश्चित करती है।
    • उदाहरण: पोषण अभियान (POSHAN Abhiyaan) कुपोषण को कम कर भविष्य के कार्यबल की गुणवत्ता सुधारता है।
  • सामाजिक न्याय: समान स्वास्थ्य सेवाएँ क्षेत्रीय और वर्गीय असमानताओं को कम करती हैं।
    • उदाहरण: यूनाइटेड किंगडम का मनोवैज्ञानिक उपचारों तक पहुँच में सुधार (IAPT) कार्यक्रम वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क परामर्श प्रदान करता है।

लक्षित स्वास्थ्य नीतियों की आवश्यकता (वृद्ध एवं मातृ स्वास्थ्य)

  • वृद्ध जनसंख्या का बढ़ता बोझ: बढ़ती वृद्ध आबादी के लिए विशेषीकृत स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता है।
    • उदाहरण: राष्ट्रीय वृद्ध स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम जिला स्तर पर जराचिकित्सा सेवाएँ प्रदान करता है।
  • मातृ मृत्यु दर: लक्षित नीतियाँ प्रसव के दौरान होने वाली रोकथाम योग्य मृत्यु को कम करती हैं।
    • उदाहरण: भारत की मातृ मृत्यु दर (MMR) घटकर 97 (नमूना पंजीकरण प्रणाली 2018-20) हो गई है।
  • दीर्घकालिक रोग: वृद्धों में गैर-संचारी रोगों की बढ़ती समस्या के लिए दीर्घकालिक देखभाल आवश्यक है।
    • उदाहरण: आयुष्मान भारत के तहत स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र जाँच और स्क्रीनिंग सेवाएँ प्रदान करते हैं।
  • पोषण संबंधी आवश्यकताएँ: गर्भवती महिलाओं और वृद्धों का पोषण सीधे स्वास्थ्य परिणामों को प्रभावित करता है।
    • उदाहरण: पोषण अभियान गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को लक्षित करता है।
  • देखभाल अवसंरचना: विशेषीकृत स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी नीति-स्तर पर ध्यान की माँग करती है।
    • उदाहरण: प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना मातृ देखभाल के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है।

निष्कर्ष

लक्षित स्वास्थ्य नीतियाँ, विशेषकर मातृ और वृद्ध स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में, समावेशी और न्यायसंगत सामाजिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित निदान, चिकित्सा, और समुदाय-आधारित हस्तक्षेपों के माध्यम से इन क्षेत्रों को सुदृढ़ कर एक समावेशी, लचीला, और स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है।

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