प्रश्न की मुख्य माँग
- वैश्विक खनिज आपूर्ति श्रृंखला को नया रूप देने और चीन पर निर्भरता कम करने में अफ्रीकी देशों में रणनीतिक नीतिगत परिवर्तनों की भूमिका पर चर्चा कीजिए।
- वैश्विक खनिज आपूर्ति श्रृंखला में चुनौतियों और चीन पर निर्भरता का उल्लेख कीजिये।
- समान लाभ और अवसंरचना प्रतिबद्धताओं की सुरक्षा के लिए सुझावात्मक उपाय प्रदान कीजिए।
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उत्तर
दुनिया के कुछ सबसे महत्त्वपूर्ण खनिजों के समृद्ध भंडारों से संपन्न अफ्रीका ने लंबे समय से चीन के साथ असंतुलित समझौतों के तहत कच्चे माल की आपूर्ति की है, जो कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) में कोबाल्ट उत्पादन के लगभग 80% को नियंत्रित करता है। आर्थिक संप्रभुता की बढ़ती माँग और अधूरी अवसंरचनाओं की प्रतिबद्धताओं से संबंधित जनता के दबाव के कारण अफ्रीकी देश असंसाधित खनिजों के निर्यात पर प्रतिबंध जैसे रणनीतिक नीतिगत परिवर्तन करने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
अफ्रीकी देशों में रणनीतिक नीतिगत परिवर्तन खनिज आपूर्ति श्रृंखला को नया रूप दे रहे हैं
- अप्रसंस्कृत खनिजों पर निर्यात प्रतिबंध: अफ्रीकी देश स्थानीय प्रसंस्करण को बढ़ावा देने तथा घरेलू स्तर पर अधिक मूल्य प्राप्त करने के लिए निर्यात प्रतिबंधों का उपयोग कर रहे हैं।
- उदाहरण: नामीबिया ने अप्रसंस्कृत लिथियम और अन्य महत्त्वपूर्ण खनिजों के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है।
- पुराने अनुबंधों पर पुनः वार्ता: सरकारें पुराने सौदों की पुनः समीक्षा कर रही हैं ताकि अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सकें और संयुक्त उपक्रमों में निष्पक्ष शर्तें सुनिश्चित की जा सकें।
- उदाहरण: DRC ने सिनोहाइड्रो और चाइना रेलवे ग्रुप के साथ संयुक्त उद्यम में अपनी हिस्सेदारी 32% से बढ़ाकर 70% कर दी है।
- शोषणकारी अधिग्रहणों को निरस्त करना: अफ्रीकी राज्य स्थानीय हितों की रक्षा और एकाधिकार को रोकने के लिए संदिग्ध अधिग्रहणों को रोक रहे हैं।
- उदाहरण: चीन की नोरिन माइनिंग को शेमाफ रिसोर्सेज की बिक्री, DRC के गेकामाइन्स के विरोध के बाद रद्द कर दी गई।
- स्थानीय मूल्य संवर्द्धन को अनिवार्य करना: कानूनों के अंतर्गत तेजी से यह अनिवार्य किया जा रहा है कि निर्यात से पहले घरेलू स्तर पर खनिज मूल्य संवर्द्धन किया जाए।
- पर्यावरणीय परीक्षण में वृद्धि: पर्यावरणीय निकाय पारिस्थितिकी तंत्र और समुदायों की रक्षा के लिए हानिकारक खनन प्रस्तावों को अस्वीकार कर रहे हैं।
- उदाहरण: जिम्बाब्वे ने ह्वांगे नेशनल पार्क में ‘सनी यी फेंग’ के कोयला खनन परमिट को रोक दिया।
- सामुदायिक और गैर सरकारी संगठन सक्रियता: नागरिक समाज सरकारों पर पारदर्शिता और न्यायपूर्ण लाभ-साझेदारी की माँग के लिए दबाव डाल रहा है।
- उदाहरण: “कांगो इज नॉट फॉर सेल’ गठबंधन ने वर्ष 2024 में चीनी कर छूट से हुए 132 मिलियन डॉलर के कर नुकसान का खुलासा किया।
- साझेदारों का रणनीतिक विविधीकरण: चीनी पूंजी और प्रौद्योगिकी पर निर्भरता कम करने के लिए वैकल्पिक निवेशकों की खोज।
- उदाहरण: नमीबिया लिथियम प्रसंस्करण के लिए यूरोपीय संघ आधारित कंपनियों के साथ साझेदारी की संभावनाओं पर विचार कर रहा है।
वैश्विक खनिज आपूर्ति श्रृंखला में चुनौतियाँ और चीन पर निर्भरता
- चीन में खनिज प्रसंस्करण का संकेंद्रण: महत्त्वपूर्ण खनिजों के शोधन और प्रसंस्करण में चीन का वर्चस्व है, जिससे आपूर्ति श्रृंखलाओं में रणनीतिक अवरोध उत्पन्न हो रहा है।
- उदाहरण के लिए: सिकोमाइन्स सौदे के माध्यम से कांगो गणराज्य के 80% कोबाल्ट उत्पादन पर चीनी कंपनियों का नियंत्रण है।
- अधूरी अवसंरचना संबंधी प्रतिबद्धताएँ: चीन द्वारा समर्थित कई खनन समझौतों में सार्वजनिक कार्यों की प्रतिबद्धता तो की गई, लेकिन उन्हें पूरा नहीं किया गया जिससे मेजबान देश का चीन पर विश्वास कम हो गया।
- मूल्य अस्थिरता से आर्थिक संवेदनशीलता: अस्थिर बाजार मूल्यों से जुड़े खनन सौदे राजस्व और परियोजनाओं को असुरक्षित बनाते हैं।
- खनन से पर्यावरणीय क्षरण: चीन द्वारा संचालित खदानों में पर्यावरणीय सुरक्षा उपायों के अनुचित अनुपालन के परिणामस्वरूप प्रदूषण, जैव विविधता का ह्रास और जन स्वास्थ्य संबंधी खतरे उत्पन्न होते हैं।
- उदाहरण: जाम्बिया में चीनी स्वामित्व वाली तांबे की खदान से हुए ‘एसिड लीकेज’ ने काफू नदी को प्रदूषित कर दिया।
- कौशल हस्तांतरण और प्रौद्योगिकी साझाकरण का अभाव: निष्कर्षण परियोजनाएँ, प्रायः स्थानीय विशेषज्ञता विकसित करने में विफल रहती हैं, जिससे देश, विदेशी तकनीकी पर निर्भर हो जाते हैं।
- उदाहरण: नामीबिया का लिथियम क्षेत्र वर्षों से निष्कर्षण के बावजूद चीनी तकनीक पर निर्भर है।
- अस्पष्ट अनुबंध और शासन संबंधी अंतराल: अपारदर्शी खनन समझौते जवाबदेही को सीमित करते हैं और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देते हैं।
- राजनीतिक जोखिम और अभिजात वर्ग का अधिकार: खनन संपदा प्रायः राजनीतिक अभिजात वर्ग के अधिकार में होती है, जिससे समुदायों को समान लाभ से वंचित रहना पड़ता है।
समान लाभ और बुनियादी ढाँचे की प्रतिबद्धताओं की सुरक्षा के लिए सुझावात्मक उपाय
- पारदर्शी अनुबंध ढाँचे अपनाना: नागरिक निगरानी सुनिश्चित करने और भ्रष्टाचार कम करने के लिए खनन अनुबंधों और शर्तों का सार्वजनिक प्रकटीकरण अनिवार्य करना चाहिए।
- उदाहरण: सभी अनुबंधों को प्रकाशित करने के लिए ‘एक्सट्रैक्टिव इंडस्ट्रीज ट्रांसपेरेंसी इनिशिएटिव’ (EITI) मानकों का उपयोग करना चाहिए।
- लाभ प्रदान करना और स्थानीय उद्योग नीतियों को मजबूत करना: घरेलू प्रसंस्करण और मूल्य संवर्द्धन को अनिवार्य बनाना तथा विदेशी कंपनियों द्वारा अनुपालन न करने पर कानूनी दंड का प्रावधान करना चाहिए।
- खनिज मूल्य स्थिरीकरण कोष का निर्माण करना चाहिये: राजस्व को स्थिर करने और कमोडिटी मूल्य अस्थिरता से बुनियादी ढाँचे के बजट की रक्षा हेतु संप्रभु कोष स्थापित करना चाहिए।
- स्वतंत्र नियामक निकायों की स्थापना: खनन कानूनों, सुरक्षा मानकों और पर्यावरण मानदंडों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए स्वायत्त प्राधिकारियों को सशक्त बनाना चाहिये।
- क्षेत्रीय खनिज गठबंधनों को बढ़ावा देना: बेहतर खनन शर्तों पर वार्ता करने और महत्त्वपूर्ण खनिज रणनीतियों का समन्वय करने के लिए क्षेत्रीय ब्लॉकों का गठन करना चाहिए।
- विविध विदेशी निवेश को प्रोत्साहित करना: चीन के प्रभाव को संतुलित करने और एकल स्रोत पर निर्भरता को कम करने के लिए यूरोपीय संघ, भारत और जापान जैसे कई देशों से निवेश प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए।
- न्यायिक निगरानी और भ्रष्टाचार विरोधी निकायों का लाभ उठाना: सौदों की समीक्षा हेतु न्यायपालिका और निगरानी संस्थाओं को सशक्त बनाना।
निष्कर्ष
अफ्रीका के हालिया नीतिगत परिवर्तन, जैसे निर्यात प्रतिबंध और अनुबंध पुन: समझौते, इसे कच्चे माल आपूर्तिकर्ता राष्ट्र से वैश्विक मूल्य शृंखला में सक्रिय मूल्य सृजनकर्ता राष्ट्र बना रहे हैं। पारदर्शी शासन, स्थानीय मूल्य संवर्द्धन और विविधीकृत साझेदारियों के माध्यम से अफ्रीकी राष्ट्र चीन पर निर्भरता को कम करके निष्पक्ष अवसंरचना सौदे सुनिश्चित कर सकते हैं और हरित अर्थव्यवस्था की मूल्यवर्द्धित आपूर्ति शृंखला में अफ्रीका को एक रणनीतिक केंद्र बना सकते हैं।