UPSC PYQs

Prelims, Mains & Optional PYQs

UPSC Notes

Comprehensive & Short Notes

Q. रोगाणुरोधी प्रतिरोध (AMR) न केवल एक गंभीर स्वास्थ्य संकट है, बल्कि वैश्विक स्थिरता के लिए एक बड़ा आर्थिक खतरा भी है। हाल के निष्कर्षों के आलोक में इस कथन की चर्चा कीजिए और इस आसन्न चुनौती को कम करने के लिए एक बहु-क्षेत्रीय ढाँचा सुझाइए। (15 अंक, 250 शब्द)

January 28, 2026

GS Paper IISocial Justice

प्रश्न की मुख्य माँग

  • हालिया निष्कर्षों के आलोक में AMR (2025–2026)
  • AMR को कम करने के लिए बहु-क्षेत्रीय रूपरेखा (2026–2036)।

उत्तर

रोगाणुरोधी प्रतिरोध (AMR) एक “मूक महामारी” के रूप में विकसित हो चुका है, जो नैदानिक सीमाओं से परे जाकर वैश्विक स्थिरता के लिए एक गंभीर खतरा बन गया है। वर्ष 2026 तक, यह केवल ‘गैर-उपचार्य संक्रमणों’ की एक चिकित्सकीय चुनौती नहीं रह गया है, बल्कि एक व्यापक-स्तरीय आर्थिक जोखिम बन चुका है, जो आधुनिक चिकित्सा, खाद्य सुरक्षा और गरीबी उन्मूलन में दशकों की प्रगति को उलट सकता है तथा संभावित रूप से लाखों लोगों को पुनः अत्यधिक गरीबी की ओर धकेल सकता है।

हालिया निष्कर्षों के आलोक में AMR (2025–2026)

WHO GLASS (ग्लोबल एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस सर्विलांस रिपोर्ट) रिपोर्ट 2025 और आईएचएमई से प्राप्त हालिया आँकड़े इस संकट की भयावह व्यापकता को उजागर करते हैं:

  • चौंकाने वाली मृत्यु दर: वर्ष 2021 में, दवा-प्रतिरोधी संक्रमणों के कारण प्रत्यक्ष रूप से 11.4 लाख मौतें हुईं, जबकि वैश्विक स्तर पर 47.1 लाख मौतें इनसे संबद्ध पाई गईं।
  • व्यापक स्वास्थ्य-देखभाल लागत: वैश्विक स्वास्थ्य प्रणालियाँ वर्तमान में विशेष रूप से प्रतिरोधी संक्रमणों के उपचार से जुड़ी अनुमानित 66 अरब अमेरिकी डॉलर की वार्षिक लागत वहन कर रही हैं।
  • उत्पादकता और जीडीपी में हानि: अनुमानों से संकेत मिलता है कि यदि प्रतिरोध की दरें बढ़ती रहीं, तो वर्ष 2050 तक वैश्विक अर्थव्यवस्था का आकार 1.7 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक कम हो सकता है, जबकि निम्न-आय वाले देशों को 5–7% की जीडीपी गिरावट का सामना करना पड़ सकता है।
  • कृषि क्षेत्र की सुभेद्यता : पशुधन और जलीय कृषि में AMR, खाद्य-उत्पादक पशुओं में सामान्य रोगजनकों के अनुपचार्य हो जाने के कारण, 2 अरब से अधिक लोगों की खाद्य सुरक्षा को खतरे में डाल रहा है।
  • “पाइपलाइन संकट”: बढ़ते प्रतिरोध के बावजूद, एंटीबायोटिक अनुसंधान एवं विकास (R&D) के विकास की रफ्तार लगभग ठहर-सी गई है और विगत एक दशक में लगभग कोई भी नई दवा-श्रेणी अनुमोदित नहीं की गई है।
  • क्षेत्रीय असमानताएँ: दक्षिण एशिया और उप-सहारा अफ्रीका सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र बने हुए हैं; केवल भारत में ही वर्ष 2021 में अनुमानित 2.67 लाख मौतें AMR से जुड़ी थीं।
  • उभरती हुई उपचार असमानता: प्रतिरोधी संक्रमण का उपचार करने की लागत अधिकतम 30,000 अमेरिकी डॉलर तक हो सकती है, जिससे गरीब लोगों के लिए आवश्यक देखभाल असंभव हो जाती है और यह एक “गरीबी-एएमआर जाल” का कारण बनता है।

आँकड़ों से परे: कमजोर निगरानी प्रणाली, अवमानक (substandard) या नकली दवाओं का तेजी से विस्तार और अस्पतालों तथा समुदायों में स्वच्छ जल, स्वच्छता तथा हाइजीन (WASH) की गंभीर कमी इस चुनौती को और बढ़ा देते हैं। ये परिस्थितियाँ प्रतिरोधी जीनों के प्रसार के लिए “सुपर-स्प्रेडर” का कार्य करती हैं, जिससे संक्रमण तेजी से और व्यापक रूप से फैलते हैं।

एएमआर को कम करने के लिए बहु-क्षेत्रीय रूपरेखा (2026–2036)

आर्थिक टाइम बम” को टालने के लिए, एक “वन हेल्थ” एकीकृत दृष्टिकोण अनिवार्य है:

  • एकीकृत वैश्विक शासन: वर्ष 2030 तक बैक्टीरियल AMR से होने वाली मौतों में 10% कमी लाने के लिए अंतरराष्ट्रीय समन्वित निगरानी के माध्यम से वैश्विक कार्य योजना 2026–2036 को लागू करना।
  • नवाचार को प्रोत्साहन देना: “पुल मैकेनिज्म” (जैसे सब्सक्रिप्शन-आधारित राजस्व गारंटियाँ) अपनाकर दवा कंपनियों को नए ग्राम-नेगेटिव एंटीबायोटिक्स विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना।
  • कृषि-खाद्य प्रणाली सुधार: आगामी पाँच वर्षों में पशुधन में वैश्विक रोगाणुरोधी उपयोग को 30% तक कम करना, जिससे वैश्विक जीडीपी में 120 अरब अमेरिकी डॉलर की बढोतरी हो सकती है (चतुर्पक्षीय गठबंधन)।
  • पर्यावरणीय संरक्षण: फार्मास्यूटिकल अपशिष्ट जल और मृदा में रोगाणुरोधी संदूषण के लिए विधिक सीमाएँ निर्धारित करना, जिससे पर्यावरण में प्रतिरोधी “हॉटस्पॉट” के विकास को नियंत्रित किया जा सके।
  • सुदृढ़ निदान: राष्ट्रीय आवश्यक निदान सूची लागू करना, ताकि डॉक्टर संक्रमण का उचित उपचार कर सकें और “एहतियात के तौर पर” ब्रोड-स्पेक्ट्रम एंटीबायोटिक्स लिखने से बचें।
  • समुदाय आधारित कार्रवाई: युवा नेतृत्व कार्यक्रमों और कैंपस आधारित एएमआर क्लबों के माध्यम से समुदायों को वन हेल्थ प्रतिक्रिया के केंद्र में रखना।
  • आईपीसी और WASH को सुदृढ़ करना: अस्पतालों में संक्रमण रोकथाम और नियंत्रण (IPC) को सार्वभौमिक बनाना, ताकि अस्पताल-जनित “सुपरबग” के संचरण को कम किया जा सके।

निष्कर्ष

एएमआर से निपटना केवल स्वास्थ्य की आवश्यकता नहीं, बल्कि एक उच्च-लाभ वाली आर्थिक रणनीति भी है। संक्रमण नियंत्रण और अनुसंधान एवं विकास (R&D) में वार्षिक 63 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश करने से निवेश पर 28:1 का प्रतिफल मिल सकता है, जो वर्ष 2050 तक लगभग 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के आर्थिक लाभ में बदल सकता है। यदि अभी कार्रवाई नहीं की गई, तो सामान्य सर्जरी—जैसे C-सेक्शन और ट्रांसप्लांट—भी असंभव हो जाएँगी, और आधुनिक चिकित्सा युग समाप्त होने का खतरा उत्पन्न हो जाएगा।

Antimicrobial Resistance (AMR) poses not only a severe health crisis but also a substantial economic threat to global stability. Discuss this statement in the light of recent findings and suggest a multi-sectoral framework to mitigate this looming challenge. in hindi

Need help preparing for UPSC or State PSCs?

Connect with our experts to get free counselling & start preparing

Free Counselling for UPSC Aspirants

Connect with our experts and take the right next step.

Expert Guidance
Personalized Strategy
100% Free

Book Your Free Session

NEED ASSISTANCE?

Request a Callback

Our counsellor will connect with you and help you choose the right course and centre.

  • Expert Guidance
  • Course & Fee Information
  • Quick Callback Support

Request a Callback

Books
UPSC PYQs
UPSC Notes
Current Affairs
Quick Revise Now !
AVAILABLE FOR DOWNLOAD SOON
UDAAN PRELIMS WALLAH
Comprehensive coverage with a concise format
Integration of PYQ within the booklet
Designed as per recent trends of Prelims questions
हिंदी में भी उपलब्ध
Quick Revise Now !
UDAAN PRELIMS WALLAH
Comprehensive coverage with a concise format
Integration of PYQ within the booklet
Designed as per recent trends of Prelims questions
हिंदी में भी उपलब्ध

<div class="new-fform">







    </div>

    Subscribe our Newsletter
    Sign up now for our exclusive newsletter and be the first to know about our latest Initiatives, Quality Content, and much more.
    *Promise! We won't spam you.
    Yes! I want to Subscribe.