Q. मुस्लिम लीग के भीतर पाकिस्तान की माँग कैसे विकसित हुई, इसका विश्लेषण कीजिए और 1940 के दशक के दौरान इस माँग पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्रतिक्रिया का आकलन कीजिए। (10 अंक, 150 शब्द)

March 14, 2026

GS Paper IModern History

प्रश्न की मुख्य माँग

  • बताइए कि मुस्लिम लीग के भीतर पाकिस्तान की माँग कैसे विकसित हुई।
  • इस माँग के क्रमिक परिवर्तन और उसके कारणों की चर्चा कीजिए।

उत्तर

1940 का दशक भारत के स्वतंत्रता संग्राम में एक निर्णायक मोड़ सिद्ध हुआ, जब मुस्लिम लीग ने अलग राष्ट्र की माँग को स्पष्ट रूप से सामने रखा। इस परिवर्तन ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के लिए भी नई राजनीतिक चुनौतियाँ उत्पन्न कीं, जिससे इस माँग के क्रमिक विकास को समझना आवश्यक हो जाता है।

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मुस्लिम लीग के भीतर पाकिस्तान की माँग का विकास

  • प्रारंभिक चरण: सुरक्षा और अधिकारों पर जोर (1906–1930 का दशक): मुस्लिम लीग की स्थापना का उद्देश्य एक संयुक्त भारत के भीतर मुस्लिमों के हितों की रक्षा करना था। इस चरण में अलग राष्ट्र की माँग नहीं थी, बल्कि पृथक निर्वाचक मंडल और संवैधानिक सुरक्षा की माँग प्रमुख थी।
    • उदाहरण: वर्ष 1916 का लखनऊ समझौता, जिसमें कांग्रेस और लीग ने मिलकर अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर सहमति बनाई।
  • वर्ष 1937 के चुनावों के बाद निराशा: प्रांतीय चुनावों में लीग के कमजोर प्रदर्शन और कांग्रेस के प्रभुत्व ने बहुसंख्यकवाद के भय को बढ़ा दिया।
    • उदाहरण: कई प्रांतों में कांग्रेस सरकारों में लीग को शामिल नहीं किया गया, जिसे जिन्ना ने अलग राजनीतिक पहचान की आवश्यकता के रूप में प्रस्तुत किया।
  • लाहौर प्रस्ताव, 1940: यह एक निर्णायक मोड़ था, जहाँ पहली बार अलग राष्ट्र की माँग को औपचारिक रूप से व्यक्त किया गया। इसमें कहा गया कि मुसलमान एक अलग राष्ट्र हैं और उन्हें मुस्लिम-बहुल क्षेत्रों में स्वतंत्र राज्य मिलना चाहिए।
  • जन-आधारित आंदोलन (1940–1946): मोहम्मद अली जिन्ना ने लीग को एक जन-आधारित राजनीतिक दल में परिवर्तित कर दिया और भावनात्मक अपीलों के माध्यम से समर्थन जुटाया। उन्होंने यह तर्क दिया कि हिंदू और मुस्लिमों के मध्य कोई साझा आधार नहीं है
  • राजनीतिक वैधता: 1946 के चुनावों में लीग की भारी जीत ने पाकिस्तान की माँग को लोकतांत्रिक आधार प्रदान किया।
    • उदाहरण: लीग ने मुस्लिम मतों का लगभग 75% और बंगाल व पंजाब में सभी मुस्लिम सीटें जीतीं।
  • सांप्रदायिक विभाजन का तीव्र होना (1946): कैबिनेट मिशन योजना की विफलता और कांग्रेस-लीग के बीच गतिरोध के बाद लीग ने 16 अगस्त, 1946 को “प्रत्यक्ष कार्रवाई दिवस” घोषित किया।
    • उदाहरण: कलकत्ता दंगे (1946) ने हिंदू-मुस्लिम तनाव को और बढ़ा दिया, जिससे विभाजन लगभग अपरिहार्य प्रतीत होने लगा।

इस माँग के क्रमिक परिवर्तन और उसके कारण

  • द्विराष्ट्र सिद्धांत का स्पष्ट विरोध: कांग्रेस का मानना था कि भारतीय राष्ट्रवाद धार्मिक नहीं, बल्कि क्षेत्रीय और समावेशी है। उसने देश के विभाजन का विरोध किया।
    • उदाहरण: मौलाना आजाद और जवाहरलाल नेहरू ने तर्क दिया कि सभी समुदाय एक संयुक्त भारत के समान भागीदार हैं।
  • लाहौर प्रस्ताव का विरोध: कांग्रेस के नेताओं ने लाहौर प्रस्ताव को अस्पष्ट और विभाजनकारी बताया। उनका मानना था कि अलग राष्ट्र की अवधारणा अव्यावहारिक है और इससे व्यापक अव्यवस्था और विस्थापन उत्पन्न होगा।
  • वार्ताओं के माध्यम से समाधान का प्रयास: कांग्रेस ने विभाजन को टालने के लिए विभिन्न योजनाओं में भाग लिया- क्रिप्स मिशन (1942), वेवेल योजना (1945), और कैबिनेट मिशन (1946)।
    • उदाहरण: कांग्रेस ने कैबिनेट मिशन योजना के संयुक्त भारत के प्रस्ताव को स्वीकार किया, लेकिन लीग के साथ मतभेदों के कारण यह सफल नहीं हो सकी।
  • अंतरिम सरकार और संविधान सभा के प्रयास: कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के साथ मिलकर अंतरिम सरकार बनाने पर सहमति जताई। हालाँकि, लीग के असहयोग और समान प्रतिनिधित्व की माँग ने तनाव उत्पन्न किया।
    • उदाहरण: लीग ने अक्टूबर 1946 में अंतरिम सरकार में भाग लिया, लेकिन मतभेदों के कारण शीघ्र ही अलग हो गई।

निष्कर्ष

पाकिस्तान की माँग मुस्लिम लीग के उद्देश्यों में क्रमिक परिवर्तन के परिणामस्वरूप विकसित हुई। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, यद्यपि एक संयुक्त भारत के प्रति प्रतिबद्ध थी, इस परिवर्तन का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने में पूरी तरह सफल नहीं हो सकी। दोनों दलों के भिन्न राजनीतिक दृष्टिकोण, बढ़ते सांप्रदायिक तनाव और औपनिवेशिक शासन की तात्कालिकताओं के संयुक्त प्रभाव ने अंततः वर्ष 1947 में विभाजन को एक राजनीतिक अनिवार्यता के रूप में स्वीकार करने की स्थिति उत्पन्न कर दी।

Analyse how the demand for Pakistan evolved within the Muslim League and assess the response of the Indian National Congress to this demand during the 1940s. in hindi

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