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Q. लद्दाख में जारी विरोध प्रदर्शन अधिक राजनीतिक सशक्तिकरण की माँग को उजागर करता हैं। वर्ष 2019 में केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद से लद्दाख में बढ़ते अविश्वास के कारणों का विश्लेषण कीजिए। लद्दाख की रणनीतिक स्थिति को देखते हुए, अलगाव को कम करने और वहाँ के लोगों के बीच विश्वास उत्पन्न करने के उपाय सुझाइए। (10 अंक, 150 शब्द)

September 26, 2025

GS Paper IIIndian Polity

प्रश्न की मुख्य माँग

  • केंद्रशासित प्रदेश बनने के बाद से लद्दाख में बढ़ते अविश्वास के कारण।
  • अलगाव को कम करने और लोगों के बीच विश्वास उत्पन्न करने के लिए आगे की राह। 

उत्तर

वर्ष 2019 में केंद्रशासित प्रदेश बनने के बाद से लद्दाख में राजनीतिक सशक्तीकरण की माँग को लेकर आंदोलन तेज हुए हैं। विधानमंडल का अभाव, सीमित अधिकार वाले हिल काउंसिल तथा रोजगार, भूमि अधिकार एवं सांस्कृतिक संरक्षण जैसे अनसुलझे मुद्दों ने अविश्वास को बढ़ाया है। चीन से लगी सामरिक सीमा को देखते हुए स्थिरता और स्थानीय प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।

लद्दाख को केंद्रशासित प्रदेश बनाए जाने के बाद अविश्वास बढ़ने के कारण

  • विधानमंडल का अभाव: लद्दाख को बिना विधानमंडल के केंद्रशासित प्रदेश बनाया गया, जिससे जनता के पास शासन पर नियंत्रण बहुत सीमित रह गया।
    • उदाहरण:  लेह और कारगिल की स्वायत्त हिल डेवलपमेंट काउंसिल सीमित अधिकारों के कारण कमजोर बनी हुई हैं।
  • अपूर्ण आकांक्षाएँ: प्रारंभ में लेह ने श्रीनगर से अलगाव का स्वागत किया था, किंतु केंद्र  से सीधे जुड़ाव और बेहतर पुनर्वितरण की संभावनाएँ  शीघ्र ही समाप्त हो गईं।
    • उदाहरण:  भूमि, रोजगार और सांस्कृतिक संरक्षण की कमी ने उपेक्षा की भावना को और मजबूत किया।
  • संवैधानिक संरक्षण की माँग: लेह का नागरिक समाज लगातार छठी अनुसूची के अंतर्गत जनजातीय और पारिस्थितिकी संरक्षण की माँग करता रहा है, किंतु यह माँग अब तक अधूरी है।
  • पारिस्थितिकी संवेदनशीलता और व्यावसायिक दबाव: तीव्र पर्यटन, खनन और अवसंरचना परियोजनाएँ लद्दाख की संवेदनशील  पारिस्थितिकी और सांस्कृतिक पहचान के लिए खतरा बन रही हैं।
    • उदाहरण:  आंदोलनकारियों का तर्क है कि छठी अनुसूची जैसे संरक्षणों के बिना लद्दाख की पारिस्थितिकी और भूमि अधिकारों पर गंभीर संकट है।
  • संवाद पर अविश्वास और प्रक्रिया की अपारदर्शिता: उच्चाधिकार प्राप्त समिति (HPC) की वार्ताओं को स्थानीय लोग धीमी और अपारदर्शी मानते हैं।
    • उदाहरण:  वर्ष 2023 से केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय की अगुवाई में हुई वार्ताएँ बार-बार गतिरोध में फँसीं, जिससे स्थानीय नेतृत्व में निराशा बढ़ी।

अलगाव को कम करने और विश्वास निर्माण के उपाय

क. अलगाव को कम करना

  • संस्थागत संरक्षण: केंद्र सरकार  को लद्दाख के जनजातीय और पारिस्थितिकी हितों को सुरक्षित करने के लिए छठी अनुसूची का विस्तार करने अथवा एक विशेष मॉडल बनाने पर विचार करना चाहिए।
    • उदाहरण:  भूमि और संस्कृति के कानूनी संरक्षण से अति-व्यावसायीकरण और पहचान के क्षरण को रोका जा सकेगा।
  • स्थानीय शासन को सशक्त करना: हिल काउंसिल को अधिक अधिकार देकर शासन को केंद्र  द्वारा थोपे जाने के बजाय स्थानीय आकांक्षाओं का प्रतिबिंब बनाया जाना चाहिए।
  • सतत् विकास दृष्टिकोण: नीतियों को लद्दाख की संवेदनशील पारिस्थितिकी के अनुरूप बनाया जाए, जिसमें हरित ऊर्जा और जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा मिले, न कि अंधाधुंध औद्योगीकरण को।
    • उदाहरण:  हरित ऊर्जा और जिम्मेदार पर्यटन केंद्रित नीतियाँ आजीविका और संस्कृति दोनों को सुरक्षित करेंगी।

ख. विश्वास निर्माण

  • संवाद और प्रतिनिधित्व: लेह और कारगिल दोनों से विश्वसनीय और संयुक्त प्रतिनिधियों के साथ संवाद स्थापित करना आवश्यक है, जिससे सांप्रदायिक विभाजन से बचा जा सके।
  • युवा सहभागिता: युवाओं को रोजगार अवसर, सांस्कृतिक मंच और भागीदारी के अवसर उपलब्ध कराए जाने चाहिए।
    • उदाहरण:  छात्र कार्यकर्ताओं और स्थानीय पार्षदों को नेतृत्व भूमिकाओं में शामिल करना, जमीनी स्तर पर सहभागिता को मजबूत करता है।
  • पारदर्शी रोडमैप: लद्दाख की शासन व्यवस्था और विकास पर एक स्पष्ट सार्वजनिक प्रतिबद्धता से जवाबदेही तथा विश्वास दोनों बढ़ेंगे।

निष्कर्ष

लद्दाख की परिस्थिति समावेशी शासन और संवेदनशील नीति-निर्माण की आवश्यकता को रेखांकित करती है। संघीय विश्वास को सुदृढ़ कर, स्थानीय माँगों को निर्णय प्रक्रिया में शामिल कर तथा सतत् विकास को प्राथमिकता देकर विरोध आंदोलनों को लोकतांत्रिक बनाया जा सकता है। इससे दीर्घकालिक स्थिरता, सामाजिक-सांस्कृतिक एकता और जनसशक्तीकरण सुनिश्चित होगा।

The continuing protests in Ladakh highlight demands for greater political empowerment. Analyze the reasons behind the growing distrust in Ladakh since its conversion into a Union Territory in 2019. In light of Ladakh’s strategic location, suggest a way forward to reduce alienation and build trust among its people. in hindi

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