UPSC PYQs

Prelims, Mains & Optional PYQs

UPSC Notes

Comprehensive & Short Notes

Q. कृत्रिम बुद्धिमत्ता जमीनी स्तर पर समुदाय-नेतृत्व वाले विकास के लिए परिवर्तनकारी क्षमता प्रदान करती है, लेकिन साथ ही यह महत्वपूर्ण नैतिक और अवसंरचनात्मक चुनौतियाँ भी प्रस्तुत करती है। चर्चा कीजिए। (15 अंक, 250 शब्द)

April 28, 2026

GS Paper IIIScience & Tech

प्रश्न की मुख्य माँग

  • समुदाय-आधारित विकास में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की परिवर्तनकारी भूमिका की चर्चा कीजिए।
  • समुदाय-आधारित विकास में कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़ी नैतिक चुनौतियों का वर्णन कीजिए।
  • समुदाय-आधारित विकास में कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़ी अवसंरचनात्मक चुनौतियों को रेखांकित कीजिए।

उत्तर

राजस्थान के जल-संकटग्रस्त सिरोही और पाली जिलों में एआई 4वाटरपॉलिसी परियोजना ने यह दिखाया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रभावी उपयोग समुदायों पर ऊपर से समाधान थोपने में नहीं, बल्कि उनकी आवश्यकताओं और अनुभवों को आत्मसात कर सहभागी एवं उत्तरदायी स्थानीय शासन को सुदृढ़ करने में निहित है। यह सामुदायिक-आधारित विकास में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की परिवर्तनकारी क्षमता को दर्शाता है, साथ ही इससे जुड़े नैतिक और अवसंरचनात्मक चिंताओं को भी उजागर करता है।

सामुदायिक-आधारित विकास में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की परिवर्तनकारी भूमिका

  • अंतिम छोर के शासन को सुदृढ़ करना: कृत्रिम बुद्धिमत्ता स्थानीय कमियों की पहचान कर लक्षित हस्तक्षेप संभव बनाती है, जिससे शासन अधिक उत्तरदायी होता है।
    • उदाहरण: राजस्थान में एआई 4वाटरपॉलिसी (AI4WaterPolicy) ने सामुदायिक प्रतिक्रिया के आधार पर जल सुदृढ़ता और जमीनी स्तर पर समन्वय को बेहतर किया।
  • सेवा वितरण में सुधार: एआई-संचालित चैटबॉट और परामर्श तंत्र सूचना की बाधाओं को कम कर नागरिकों की कल्याण योजनाओं, कृषि संसाधनों और स्वास्थ्य सेवाओं तक प्रभावी एवं समावेशी पहुँच को सुदृढ़ करते हैं।
    • उदाहरण: पीएम-किसान से जुड़े चैटबॉट किसानों को सब्सिडी संबंधी प्रश्नों के समाधान में सहायता करते हैं।
  • सहभागी निर्णय-निर्माण को बढ़ावा: यह स्थानीय शिकायतों और नागरिक फीडबैक का विश्लेषण कर शासन को नीचे से ऊपर दृष्टिकोण की ओर ले जाती है।
    • उदाहरण: ग्राम पंचायत योजनाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित डेटा मानचित्रण के माध्यम से गाँव की आवश्यकताओं का आकलन।
  • संसाधन प्रबंधन की दक्षता: कृत्रिम बुद्धिमत्ता जल, फसल और आपदा प्रबंधन के लिए पूर्वानुमान विश्लेषण सक्षम बनाती है।
    • उदाहरण: कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सूखे का पूर्वानुमान ‘जल शक्ति अभियान’ की योजना बनाने में सहायक होता है।

समुदाय-आधारित विकास में कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े नैतिक चुनौतियाँ

  • एल्गोरिदमिक पक्षपात और भेदभाव: यदि एल्गोरिदम पक्षपाती डेटा पर आधारित हों, तो वे हाशिए पर स्थित समुदायों के प्रति भेदभावपूर्ण परिणाम उत्पन्न कर सकते हैं, जिससे सामाजिक समावेशन और न्यायसंगत शासन प्रभावित होता है। 
    • उदाहरण: त्रुटिपूर्ण डिजिटल प्रोफाइलिंग के कारण कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों का गलत तरीके से बाहर हो जाना।
  • गोपनीयता और डेटा सुरक्षा जोखिम: व्यक्तिगत और सामुदायिक डेटा का सूचित सहमति के बिना संग्रह निजता के लिए खतरा बनता है।
  • पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी: अस्पष्ट कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रणालियाँ यह समझना कठिन बना देती हैं कि निर्णय कैसे लिए गए और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
    • उदाहरण: नागरिकों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित लाभ अस्वीकृति को चुनौती देना कठिन होता है।
  • निर्णय-निर्माण का अति-केंद्रीकरण: कृत्रिम बुद्धिमत्ता स्थानीय संस्थाओं से शक्ति हटाकर केंद्रीकृत तकनीकी नियंत्रण की ओर ले जा सकती है।
    • उदाहरण: टॉप-डाउन एल्गोरिदमिक नियोजन स्थानीय लोकतंत्र की आधारशिला—ग्राम सभा की सार्थक भागीदारी—को कमजोर कर सकता है।
  • मानवीय एजेंसी का क्षरण: कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर अत्यधिक निर्भरता से सामुदायिक भागीदारी और जमीनी स्तर के विवेक में कमी आ सकती है।
    • उदाहरण: क्षेत्रीय अधिकारी स्थानीय ज्ञान के बजाय केवल कृत्रिम बुद्धिमत्ता के सुझावों पर निर्भर हो जाते हैं।

समुदाय-आधारित विकास में कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़ी अवसंरचनात्मक चुनौतियाँ

  • डिजिटल विभाजन: सीमित इंटरनेट कनेक्टिविटी और उपकरणों की कमी के कारण ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग बाधित होता है।
    • उदाहरण: कमजोर ब्रॉडबैंड वाले गाँव AI आधारित सेवाओं का लाभ नहीं उठा पाते हैं।
  • कम डिजिटल साक्षरता: नागरिकों और स्थानीय अधिकारियों में आवश्यक कौशल की कमी के कारण AI उपकरणों का प्रभावी उपयोग नहीं हो पाता है।
    • उदाहरण: पंचायत कर्मचारी AI द्वारा तैयार डेटा डैशबोर्ड को समझने में असमर्थ रहते हैं।
  • भाषा और स्थानीय संदर्भ की बाधाएँ: अधिकांश AI प्रणालियाँ क्षेत्रीय भाषाओं और स्थानीय सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भों के अनुसार पर्याप्त रूप से प्रशिक्षित नहीं होती हैं।
    • उदाहरण: चैटबॉट जनजातीय बोलियों में सही प्रतिक्रिया देने में विफल रहते हैं।
  • संस्थागत क्षमता की कमजोरी: प्रशिक्षित कर्मियों और तकनीकी सहायता की कमी से कार्यान्वयन और रखरखाव में बाधाएँ आती हैं।
    • उदाहरण: पंचायतों में AI आधारित शासन के लिए समर्पित आईटी कर्मियों का अभाव।
  • उच्च लागत: AI प्रणालियों के लिए हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और अद्यतन पर निरंतर निवेश की आवश्यकता होती है, जिसे कई स्थानीय निकाय वहन नहीं कर पाते हैं।

निष्कर्ष

कृत्रिम बुद्धिमत्ता को केवल प्रौद्योगिकी-केंद्रित दृष्टिकोण से आगे बढ़ाकर मानव-केंद्रित बनाना आवश्यक है। इसके लिए डिजिटल अवसंरचना को सुदृढ़ करना, स्थानीय क्षमताओं का विकास, नैतिक सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित करना तथा निर्णय-निर्माण का विकेंद्रीकरण करना आवश्यक है, ताकि कृत्रिम बुद्धिमत्ता वास्तव में समुदायों को सशक्त बना सके और जमीनी स्तर पर विकास को सहभागी, समावेशी और सतत् बनाया जा सके।

While Artificial Intelligence offers transformative potential for community-led development at the grassroots, it also introduces significant ethical and infrastructural challenges. Discuss. in hindi

Explore UPSC Foundation Batches

Need help preparing for UPSC or State PSCs?

Connect with our experts to get free counselling & start preparing

Free Counselling for UPSC Aspirants

Connect with our experts and take the right next step.

Expert Guidance
Personalized Strategy
100% Free

Book Your Free Session

NEED ASSISTANCE?

Request a Callback

Our counsellor will connect with you and help you choose the right course and centre.

  • Expert Guidance
  • Course & Fee Information
  • Quick Callback Support

Request a Callback

Books
UPSC PYQs
UPSC Notes
Current Affairs
Quick Revise Now !
AVAILABLE FOR DOWNLOAD SOON
UDAAN PRELIMS WALLAH
Comprehensive coverage with a concise format
Integration of PYQ within the booklet
Designed as per recent trends of Prelims questions
हिंदी में भी उपलब्ध
Quick Revise Now !
UDAAN PRELIMS WALLAH
Comprehensive coverage with a concise format
Integration of PYQ within the booklet
Designed as per recent trends of Prelims questions
हिंदी में भी उपलब्ध

<div class="new-fform">







    </div>

    Subscribe our Newsletter
    Sign up now for our exclusive newsletter and be the first to know about our latest Initiatives, Quality Content, and much more.
    *Promise! We won't spam you.
    Yes! I want to Subscribe.