प्रश्न की मुख्य माँग
- क्षेत्रीय एकीकरण में बाधा उत्पन्न करने वाले कारकों की चर्चा कीजिए।
- एकीकरण को सुदृढ़ करने के उपाय सुझाइए।
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उत्तर
भौगोलिक निकटता और साझा ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के बावजूद दक्षिण एशिया आर्थिक रूप से विखंडित बना हुआ है, जिसका कारण नीतिगत बाधाएँ, अवसंरचनात्मक कमी और आपसी विश्वास की कमी है। क्षेत्रीय व्यापार एकीकरण को सुदृढ़ करना विकास, सहनशीलता और पारस्परिक समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
क्षेत्रीय एकीकरण में बाधा उत्पन्न करने वाले कारक
- संरक्षणवादी नीतियाँ: भारत का पड़ोसी देशों के साथ अपेक्षाकृत प्रतिबंधात्मक व्यापार दृष्टिकोण क्षेत्रीय एकीकरण को सीमित करता है, भले ही वैश्विक स्तर पर व्यापार उदारीकरण हो रहा हो।
- उदाहरण: बांग्लादेश और नेपाल के उत्पादों के लिए गैर-शुल्क बाधाएँ और सीमित बाजार पहुँच।
- कमजोर संपर्क अवसंरचना: परिवहन और सीमा अवसंरचना की कमी सीमा-पार व्यापार की दक्षता को घटाती है।
- उदाहरण: लगभग 4,000 किमी. सीमा होने के बावजूद भारत-बांग्लादेश व्यापार लॉजिस्टिक्स पर्याप्त विकसित नहीं हैं।
- विश्वास की कमी: ऐतिहासिक राजनीतिक तनाव गहन आर्थिक सहयोग और समझौतों में बाधा डालते हैं।
- उदाहरण: हालिया सुधारों के बावजूद भारत-श्रीलंका संबंधों पर पूर्व अविश्वास का प्रभाव।
- असंतुलित व्यापार: व्यापार असंतुलन छोटे पड़ोसी देशों में गहन सहभागिता को लेकर संकोच उत्पन्न करता है।
- उदाहरण: नेपाल और श्रीलंका के साथ भारत का व्यापार अधिशेष चिंता का कारण बनता है।
- बाहरी निर्भरता: पड़ोसी देश क्षेत्रीय व्यापार के बजाय दूरस्थ अर्थव्यवस्थाओं पर अधिक निर्भर हैं।
- उदाहरण: आयात में चीन का प्रभुत्व और निर्यात में पश्चिमी बाजारों की प्रमुखता।
एकीकरण को सुदृढ़ करने के उपाय
- बाजार पहुँच का विस्तार: भारत को आयात बढ़ाकर पड़ोसी देशों को निष्पक्ष बाजार पहुँच प्रदान करनी चाहिए।
- उदाहरण: व्यापार संतुलन सुधारने हेतु बांग्लादेश के वस्त्र आयात में वृद्धि।
- व्यापार सुगमता: सीमा-पार व्यापार को सरल बनाने के लिए प्रक्रियाओं को आसान किया जाए और गैर-शुल्क बाधाएँ कम की जाएँ।
- उदाहरण: पेट्रापोल–बेनापोल जैसे एकीकृत जाँच चौकियों से व्यापार सुगमता में सुधार।
- उत्पत्ति के नियम: व्यापार विचलन रोकने और वास्तविक क्षेत्रीय मूल्य संवर्द्धन सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट और कठोर नियम बनाए जाएँ।
- उदाहरण: मुक्त व्यापार समझौतों में ऐसे प्रावधान, जिससे तीसरे देशों के उत्पाद पड़ोसी देशों के माध्यम से प्रवेश न कर सकें।
- संपर्क अवसंरचना को बढ़ावा: क्षेत्र में परिवहन, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल संपर्क में निवेश बढ़ाया जाए।
- उदाहरण: बांग्लादेश, भूटान, भारत और नेपाल के बीच मोटर वाहन समझौता।
- ऊर्जा सहयोग: क्षेत्रीय ऊर्जा व्यापार को बढ़ावा देकर परस्पर निर्भरता और स्थिरता सुनिश्चित की जाए।
- उदाहरण: भारत द्वारा नेपाल और बांग्लादेश को विद्युत निर्यात।
- नीतिगत परिवर्तन: संरक्षणवादी या आश्रित दृष्टिकोण के बजाय समान भागीदारी आधारित सहयोग को अपनाया जाए।
निष्कर्ष
दक्षिण एशिया में क्षेत्रीय एकीकरण के लिए संरक्षणवाद से साझेदारी की ओर परिवर्तन आवश्यक है। संपर्क, विश्वास और बाजार पहुँच को सुदृढ़ करके भारत एक सहयोगात्मक आर्थिक संरचना का निर्माण कर सकता है, जो भौगोलिक निकटता को साझा समृद्धि और रणनीतिक सहनशीलता में परिवर्तित करे।