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Q. ‘धातु-कार्बनिक ढाँचे’ (Metal–Organic Frameworks-MOF) क्या हैं? उनके प्रमुख गुणों की रूपरेखा प्रस्तुत कीजिए। चर्चा कीजिए कि वे कैसे कार्य करते हैं और रियल वर्ल्ड पर उनके प्रभाव को उजागर कीजिए। (15 अंक, 250 शब्द)

October 9, 2025

GS Paper IIIScience & Tech

प्रश्न की मुख्य माँग

  • MOFs के प्रमुख गुण
  • MOFs की कार्यप्रणाली
  • MOFs के वास्तविक- विश्व अनुप्रयोग और सामाजिक प्रभाव

उत्तर

मेटल-ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क्स (MOFs) धातु आयनों और कार्बनिक लिंकरों से बने छिद्रयुक्त स्फटिकीय पदार्थ हैं, जो अत्यधिक सुव्यवस्थित त्रि-आयामी संरचनाएँ बनाते हैं। इनमें अत्यधिक विशाल आंतरिक सतह क्षेत्र और गुहाएँ होती हैं, जिन्हें अणुओं को फँसाने या संगृहीत करने हेतु सटीक रूप से नियंत्रित किया जा सकता है। वर्ष 2025 का रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार उनके विकासकर्ताओं को प्रदान किया गया, जिन्होंने “पदार्थ की व्याकरण” (Grammar of Matter) का निर्माण किया — जिससे ऊर्जा, पर्यावरण और सततता के क्षेत्र में क्रांतिकारी अनुप्रयोगों के लिए अनुकूलित MOFs तैयार किए जा सके।

MOFs के प्रमुख गुण

  • उच्च रंध्रता: MOFs में अत्यधिक विशाल आंतरिक सतह क्षेत्र होता है, जिससे ये अणुओं की बहुत बड़ी मात्रा को संगृहीत कर सकते हैं।
    • उदाहरण: MOF-5, जिसे ओमर यागी ने वर्ष 1999 में विकसित किया था, में कुछ ग्राम सामग्री का सतह क्षेत्र एक पूरे फुटबॉल मैदान के बराबर होता है।
  • अनुकूलन क्षमता: इनके छिद्र-आकार और रासायनिक संरचना को इस प्रकार अभिकल्पित किया जा सकता है कि वे विशिष्ट अणुओं को लक्षित करें — जिससे ये अत्यधिक बहुउद्देशीय बन जाते हैं।
    • उदाहरण: नोबेल-विजेता अनुसंधान में यह दर्शाया गया कि MOFs को ग्रीनहाउस गैसों को पकड़ने या वायु से पेय जल प्राप्त करने हेतु डिजाइन किया जा सकता है।
  • संरचनात्मक स्थिरता: कुछ MOFs अतिथि अणुओं के निकल जाने के बाद भी अपनी संरचना बनाए रखते हैं, जिससे वे व्यावहारिक उपयोग में टिकाऊ रहते हैं।
  • लचीलापन: कुछ MOFs “साँस लेने वाले ठोस” की तरह व्यवहार करते हैं, जो विभिन्न अणुओं को समायोजित करने हेतु आकार बदलते हैं।
    • उदाहरण: वर्ष 1998 में कितागावा ने ऐसे कोमल MOFs का विचार प्रस्तुत किया, जो अणुओं के प्रवेश या निकास पर फैलते या सिकुड़ते हैं, जिससे चयनात्मक अवशोषण में वृद्धि होती है।
  • विविध संरचना: MOFs विभिन्न धातु आयनों (जैसे- ताँबा, कोबाल्ट, निकल, जस्ता) और कार्बनिक लिंकरों (जैसे बाइपाइरीडीन) से बनाए जाते हैं, जिससे लक्षित कार्यों के लिए हजारों प्रकार की विविधताएँ संभव होती हैं।

MOFs की कार्य-प्रणाली  

  • रेक्टिकुलर केमिस्ट्री डिजाइन: MOFs को पूर्व-निर्धारित निर्माण-खंडों धातु आयन और कार्बनिक लिंकर को अत्यधिक सुव्यवस्थित छिद्रयुक्त स्फटिकीय संरचनाओं में संयोजित करके तैयार किया जाता है।
  • स्व-संयोजन द्वारा नियंत्रित ढाँचे: ये निर्माण-खंड स्वतः संयोजित होकर कठोर, परंतु अनुकूलनीय ढाँचों का निर्माण करते हैं, जिनमें विशाल आंतरिक गुहाएँ और मार्ग होते हैं।
  •  आणविक कंटेनरों के रूप में कार्य करना: इन गुहाओं का व्यवहार अणुओं के “कंटेनरों” की तरह होता है, जिनका आकार, रूप और रासायनिक वातावरण सटीक रूप से नियंत्रित किया जा सकता है। इससे गैसों या जलवाष्प जैसे अणुओं का चयनात्मक अवशोषण, भंडारण और मुक्तिकरण संभव होता है।
  • अनुप्रयोगों हेतु परमाणु-स्तर पर नियंत्रण: यह सटीक संरचनात्मक नियंत्रण MOFs को “पदार्थ की व्याकरण” के रूप में कार्य करने में सक्षम बनाता है — जिससे ऊर्जा-भंडारण, पर्यावरणीय स्थिरता और औद्योगिक उपयोगों के लिए अनुकूल समाधान विकसित किए जा सकते हैं।

MOFs के वास्तविक अनुप्रयोग 

  • ग्रीनहाउस गैसों का अवरोधन: रेटिक्युलर केमिस्ट्री से विकसित कुछ MOFs को औद्योगिक उत्सर्जनों से ग्रीनहाउस गैसों को चयनात्मक रूप से पकड़ने हेतु तैयार किया गया है, जिससे जलवायु परिवर्तन को कम करने में सहायता मिलती है।
  • वायु-से-जल संग्रहण: विशेष रूप से अभिकल्पित गुहाओं वाले MOFs जलवाष्प को अवशोषित कर उसे पेयजल के रूप में मुक्त कर सकते हैं, जिससे सतत जल समाधान प्राप्त होते हैं।
  • स्वच्छ ईंधन का भंडारण: MOFs हाइड्रोजन या मेथेन को प्रभावी रूप से संगृहीत कर सकते हैं, जो स्वच्छ ऊर्जा स्रोत के रूप में प्रयुक्त हो सकते हैं।
    • उदाहरण: MOF-5 अपनी विशाल सतह के कारण हाइड्रोजन का उच्च-घनत्व भंडारण संभव बनाता है, जिससे हाइड्रोजन-ईंधन प्रौद्योगिकी की व्यवहार्यता बढ़ती है।
  • रासायनिक विनिर्माण में उत्प्रेरण: विशिष्ट सक्रिय स्थलों वाले MOFs औषधि और अर्द्धचालक निर्माण जैसे क्षेत्रों में रासायनिक अभिक्रियाओं को उत्प्रेरित कर सकते हैं।
  • पर्यावरणीय निस्पंदन: MOF-आधारित उत्प्रेरक फिल्टर वायु और जल से प्रदूषकों को अणु-स्तर पर हटाने में सक्षम हैं, जिससे उन्नत प्रदूषण नियंत्रण संभव होता है।

निष्कर्ष

मेटल-ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क्स (MOFs) पदार्थ विज्ञान में एक परिवर्तनकारी प्रगति का प्रतिनिधित्व करते हैं। अणु-स्तर पर पारस्परिक क्रियाओं पर सटीक नियंत्रण सक्षम कर, ये “पदार्थ की नई व्याकरण” प्रस्तुत करते हैं — जो जलवायु और संसाधन-संबंधी चुनौतियों के सतत् समाधान उपलब्ध कराते हैं। यह वैज्ञानिक विकास सतत् नवाचार और हरित भविष्य की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।

What are Metal–Organic Frameworks (MOFs)? Outline their key properties. Discuss how they work and highlight their real world impact. in hindi

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