Q. हाल ही में अमेरिका ने ग्रीनलैंड पर अपना रणनीतिक फोकस केंद्रित किया है। आर्कटिक भू-राजनीति और वैश्विक सुरक्षा संरचना के लिए इस महत्वाकाँक्षा के निहितार्थों पर चर्चा कीजिए। आर्कटिक क्षेत्र में तनाव को रोकने के लिए बहुपक्षीय संस्थाएँ क्या उपाय कर सकती हैं? (15 अंक, 250 शब्द)

January 13, 2026

GS Paper IIInternational Relations

प्रश्न की मुख्य माँग

  • आर्कटिक भू-राजनीति पर प्रभाव
  • वैश्विक सुरक्षा संरचना पर प्रभाव
  • बहुपक्षीय संस्थानों के लिए उपाय।

उत्तर

अमेरिका ने उत्तरी अमेरिकी सुरक्षा की एक महत्त्वपूर्ण कड़ी और रूसी एवं चीनी विस्तार को प्रतिसंतुलित के रूप में देखते हुए ग्रीनलैंड पर अपना रणनीतिक फोकस और भी गहरा कर दिया है, । अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति (2025) द्वारा रेखांकित इस नवप्रवर्तित महत्त्वाकांक्षा का उद्देश्य महत्त्वपूर्ण खनिज आपूर्ति शृंखलाओं को सुरक्षित करना और “मुनरो सिद्धांत” को पुनर्जीवित करना है।

आर्कटिक भू-राजनीति के लिए निहितार्थ

  • संप्रभुता के मानदंडों को चुनौती: अमेरिका द्वारा  ग्रीनलैंड पर अधिग्रहण के लिए दबाव डेनमार्क के भीतर महत्त्वपूर्ण तनाव उत्पन्न करता है और यूरोपीय संप्रभुता को चुनौती देता है।
    • उदाहरण: जनवरी 2026 में डेनमार्क के प्रधानमंत्री ने कहा कि ग्रीनलैंड पर अमेरिका का एकतरफा दबाव नाटो गठबंधन के “अंत” का संकेत दे सकता है।
  • संसाधन राष्ट्रवाद में वृद्धि: ग्रीनलैंड के दुर्लभ मृदा तत्त्वों (REE) के विशाल भंडार [जैसे- क्वानेफजेल्ड (Kvanefjeld)] चीन के एकाधिकार को चुनौती देने के लिए भू-आर्थिक प्रतिस्पर्द्धा का केंद्र बन गए हैं।
    • उदाहरण: अमेरिकी निर्यात-आयात बैंक ने हाल ही में ग्रीनलैंड में तानब्रीज दुर्लभ मृदा खदान के लिए 120 मिलियन डॉलर के ऋण हेतु आशय-पत्र जारी किया है।
  • आर्कटिक शिपिंग मार्ग: ग्रीनलैंड पर नियंत्रण उभरते उत्तर-पश्चिमी मार्ग के प्रबंधन में एक रणनीतिक लाभ प्रदान करता है, जो जल्द ही एक व्यवहार्य ग्रीष्मकालीन पारगमन मार्ग बन सकता है।
    • उदाहरण: वैश्विक तापमान वृद्धि मानचित्रों को बदल रही है, जिससे ग्रीनलैंड का दक्षिणी छोर भविष्य के अंतर-ध्रुवीय व्यापार के लिए संभावित “उत्तर का सिंगापुर” बन सकता है।
  • स्वदेशी स्वायत्तता बनाम शक्ति: ग्रीनलैंड की ‘नथिंग अबाउट अस विदआउट अस’ (Nothing about us without us) की रणनीति की परीक्षा हो रही है क्योंकि उसकी स्वतंत्रता की आकांक्षा महाशक्तियों की हितों से टकरा रही है।

वैश्विक सुरक्षा संरचना के लिए निहितार्थ

  • सुदूर उत्तर का सैन्यीकरण: पिटुफिक अंतरिक्ष अड्डे का विस्तार वैज्ञानिक अनुसंधान से आगे बढ़कर मिसाइल रक्षा और अंतरिक्ष निगरानी की ओर एक परिवर्तन का संकेत देता है।
    • उदाहरण: वर्ष 2026 में अमेरिकी रणनीतिक संदेशों में रूसी हाइपरसोनिक और पनडुब्बी खतरों का मुकाबला करने के लिए ग्रीनलैंड में प्रारंभिक चेतावनी संपत्तियों को प्राथमिकता दी गई है।
  • नाटो सामंजस्य संकट: अमेरिका और एक अन्य सहयोगियों के मध्य क्षेत्रीय विवाद सामूहिक रक्षा और क्षेत्रीय अखंडता के अनुच्छेद-5 सिद्धांत के लिए खतरा हैं।
    • उदाहरण: यूरोपीय नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि एक सदस्य दूसरे पर क्षेत्र को लेकर दबाव डालता है तो गठबंधन की विश्वसनीयता “पतन” हो जाएगी।
  • GIUK गैप का पुनरुद्धार: ग्रीनलैंड, GIUK (ग्रीनलैंड-आइसलैंड-यूके) गैप का केंद्र है, जो शीतयुद्ध के दौरान एक महत्त्वपूर्ण चोकपॉइंट था, जिसे अब अटलांटिक में रूसी नौसैनिक गतिविधियों की निगरानी में महत्त्वपूर्ण माना जाता है, जिसके चलते इसका रणनीतिक महत्त्व पुनः स्थापित हो गया   है।
    • उदाहरण: नाटो उत्तरी अटलांटिक को आपूर्ति के लिए एक सुरक्षित “राजमार्ग” बनाए रखने के लिए पनडुब्बी रोधी निगरानी प्रणालियों को पुनः तैनात कर रहा है।
  • आर्कटिक शासन का विखंडन: अमेरिका द्वारा “गोलार्द्ध की रक्षा” पर केंद्रित होने से आर्कटिक परिषद के और अधिक हाशिए पर जाने का खतरा है, जो वर्ष 2022 से रूस के बहिष्कार के कारण पहले ही कमजोर हो चुकी है।

बहुपक्षीय संस्थानों के लिए उपाय

  • आर्कटिक परिषद को पुनर्स्थापित करना: बहुपक्षीय निकायों को सभी आर्कटिक राष्ट्रों के साथ पूर्ण कार्यात्मक सहयोग बहाल करना चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यह क्षेत्र युद्धक्षेत्र के बजाय “शांति क्षेत्र” बना रहे।
  • आर्कटिक संधि को औपचारिक रूप देना: अंटार्कटिका के विपरीत, आर्कटिक में कोई व्यापक संधि नहीं है, जो क्षेत्रीय विलय को प्रतिबंधित करने वाले संयुक्त राष्ट्र समर्थित बाध्यकारी ढाँचे की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
  • UNCLOS प्रवर्तन को मजबूत करना: बहुपक्षीय मंचों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी के लिए नौवहन की स्वतंत्रता की रक्षा हेतु उभरते हुए जल मार्गों को UNCLOS द्वारा नियंत्रित किया जाए।
    • उदाहरण: UNCLOS के तहत एक तटस्थ समुद्री शासन ढाँचा विकसित करने से अंतर-ध्रुवीय मार्गों पर एकतरफा नियंत्रण को रोका जा सकता है।
  • स्वदेशी मुद्दों को संस्थागत रूप देना: आर्कटिक उत्तरी अमेरिकी मंच जैसे मंचों को यह सुनिश्चित करने के लिए सशक्त बनाया जाना चाहिए कि किसी भी संसाधन या सुरक्षा समझौते के लिए स्थानीय ग्रीनलैंड की सहमति एक पूर्व शर्त हो।

निष्कर्ष

आर्कटिक अब 21वीं सदी की प्रतिस्पर्द्धा का अग्रिम क्षेत्र है, जिसके लिए प्रतिस्पर्द्धात्मक सौदेबाजी से हटकर साझा निवेश और पर्यावरणीय प्रबंधन की एक अंतर-अटलांटिक रणनीति की आवश्यकता है, जिसमें इसके खनिज और रणनीतिक संपदा को एकतरफा प्रभुत्व के बजाय सहयोगात्मक बहुपक्षवाद के माध्यम से नियंत्रित किया जाए।

Recently, America has intensified its strategic focus on Greenland. Discuss the implications of this ambition for Arctic geopolitics and global security architecture. What measures can multilateral institutions take to avert tensions in the Arctic region? in hindi

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