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प्रश्न की मुख्य माँग
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जल बजटिंग एक वैज्ञानिक लेखांकन ढाँचा है, जो जल के अंतर्वाह (वर्षा, भूजल) और बहिर्वाह (मानवीय, कृषि माँग) को मापकर आपूर्ति-माँग संतुलन का आकलन करता है। नवंबर 2025 में, नीति आयोग ने “आकांक्षी ब्लॉकों में जल बजटिंग” रिपोर्ट जारी की, जिसमें वरुणी वेब-प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हुए 18 पायलट ब्लॉकों में डेटा-आधारित जल नियोजन को क्रियान्वित किया गया, जिससे जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाले जल संकट के प्रति लचीलापन सुनिश्चित किया जा सके।
वरुणी प्लेटफॉर्म के माध्यम से जल बजटिंग, 2047 तक जल लक्ष्य को प्राप्त करने में एक क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकती है। आकांक्षी ब्लॉकों को जल प्रशासन का विकेंद्रीकरण करके, भारत एक चक्रीय जल अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर है। यह नैदानिक उपकरण सुनिश्चित करता है कि जल की प्रत्येक बूँद का हिसाब रखा जाए, जिससे संवेदनशील ब्लॉक जलवायु परिवर्तन के प्रति लचीले केंद्रों में परिवर्तित हो सकें, जो अनियमित मानसून के बावजूद आजीविका तथा पारिस्थितिकी स्वास्थ्य दोनों को बनाए रख सकें।
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