प्रश्न की मुख्य माँग
- शहरी नियोजन और विद्युत सुरक्षा प्रोटोकॉल में प्रणालीगत खामियों का वर्णन कीजिए।
- राष्ट्रीय भवन संहिता आधारित उपाय सुझाइए।
|
उत्तर
पर्याप्त अग्नि सुरक्षा नियोजन के बिना तीव्र शहरीकरण ने भारत के अनेक आवासीय परिसरों को उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में परिवर्तित कर दिया है। दिल्ली में हाल के अग्निकांड यह दर्शाते हैं कि नियोजन संबंधी विफलताएँ और विद्युत सुरक्षा में लापरवाही किस प्रकार आपातकालीन परिस्थितियों में घरों को प्राणघातक संकट-स्थलों में बदल देती हैं।
शहरी नियोजन और विद्युत सुरक्षा प्रोटोकॉल में प्रणालीगत खामियाँ
- भीड़भाड़युक्त पहुँच मार्ग: सँकरी गलियाँ तथा अवरुद्ध प्रवेश मार्ग आपातकालीन परिस्थितियों में दमकल वाहनों की पहुँच और बचाव कार्यों में विलंब उत्पन्न करते हैं।
- उदाहरण: द्वारका (2025) में एक सोसायटी में ऐसी ही एक स्थिति के कारण दमकल वाहन परिसर में प्रवेश नहीं कर सके।
- असुरक्षित निकास मार्ग: बंद छतें, इलेक्ट्रॉनिक लॉक तथा जालीदार बालकनियाँ निकासी प्रक्रिया को बाधित करती हैं और लोगों को जलती इमारतों के भीतर फँसा देती हैं।
- उदाहरण: शाहदरा अग्निकांड (2026) में धातु की ग्रिलों और छत तक पहुँच के अभाव के कारण नौ लोगों की मृत्यु हुई।
- मिश्रित उपयोग संबंधी उल्लंघन: व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए प्रयुक्त आवासीय भवनों में प्रायः अनिवार्य अग्निशमन प्रणालियों का अभाव होता है तथा सुरक्षा मानकों पर अत्यधिक दबाव पड़ता है।
- उदाहरण: पालम अग्निकांड (2026) एक ऐसे मिश्रित-उपयोग भवन में हुआ, जहाँ अनुशंसित अग्निशमन सुविधाएँ उपलब्ध नहीं थीं।
- विद्युत अधिभार: एयर कंडीशनर जैसे उच्च-भार वाले उपकरण वायरिंग क्षमता से अधिक दबाव उत्पन्न करते हैं, जिससे विशेषकर गर्मियों में अत्यधिक ताप और शॉर्ट सर्किट की स्थिति बनती है।
- दोषपूर्ण सर्किट ब्रेकर व्यवस्था: सर्किट ब्रेकरों की अनुचित संरचना अधिभार की स्थिति में ट्रिपिंग को रोकती है, जिससे आग तेजी से फैलती है।
- उदाहरण: भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा किए गए विद्युत सुरक्षा ऑडिट घरेलू सुरक्षा हेतु उपयुक्त सर्किट ब्रेकर डिजाइन के महत्त्व पर बल देते हैं।
राष्ट्रीय भवन संहिता आधारित उपाय
- विस्तृत पहुँच मार्ग: आवासीय परिसरों के आस-पास दमकल वाहनों की सुगम आवाजाही हेतु न्यूनतम सड़क चौड़ाई तथा अवरोध-मुक्त प्रवेश सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
- उदाहरण: भारत का राष्ट्रीय भवन संहिता (NBC) भवनों के आस-पास दमकल वाहनों की निर्बाध आवाजाही हेतु स्पष्ट स्थान निर्धारित करती है।
- सुरक्षित निकासी व्यवस्था: आपातकालीन निकास हेतु सुलभ छतें, खुली सीढ़ियाँ तथा अवरोध-रहित बालकनियाँ अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जानी चाहिए।
- उदाहरण: NBC बहुमंजिला भवनों में संरक्षित निकासी मार्गों और एकाधिक निकास द्वारों का प्रावधान करता है।
- अग्नि सुरक्षा प्रणालियाँ: सभी आवासीय एवं मिश्रित-उपयोग भवनों में फायर अलार्म, अग्निशामक यंत्र, स्प्रिंकलर तथा धुआँ संवेदक (Smoke Detectors) स्थापित किए जाने चाहिए।
- उदाहरण: NBC के भाग-4 में ऊँची इमारतों के लिए अग्निशमन व्यवस्थाओं को अनिवार्य बनाया गया है।
- विद्युत ऑडिट: विशेषकर ग्रीष्मकाल में वायरिंग, भार क्षमता तथा अर्थिंग की नियमित जाँच को अनिवार्य बनाया जाना चाहिए।
- उदाहरण: दिल्ली अग्निशमन सेवा गर्मियों के चरम मौसम से पूर्व नियमित विद्युत ऑडिट की अनुशंसा करती है।
- कठोर अनुपालन: नगर निकायों को पूर्ण अग्नि एवं विद्युत सुरक्षा अनुपालन के पश्चात् ही अधिभोग प्रमाण-पत्र जारी करना चाहिए।
निष्कर्ष
अग्नि सुरक्षा की शुरुआत आपदा के बाद की प्रतिक्रिया से नहीं, बल्कि रोकथाम से होनी चाहिए। एनबीसी मानकों का प्रभावी अनुपालन, सुरक्षित विद्युत अवसंरचना तथा सुव्यवस्थित शहरी नियोजन यह सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं कि घर सुरक्षित आश्रय बने रहें, न कि प्राणघातक संकट-स्थल।