Q.
भारत में दहेज अब केवल एक सामाजिक बुराई मात्र नहीं रह गया है, बल्कि यह हिंसा की एक ऐसी निरंतरता बन गया है जो 'नारी-हत्या' (femicide) के समान है। मौजूदा कानूनी ढाँचों के आलोक में इस कथन का आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए और इसे समाप्त करने के लिए एक व्यापक रणनीति सुझाइए। (15 अंक, 250 शब्द)
May 29, 2026
GS Paper IISocial Justice
Answer will be published shortly.