Q.
भारत में प्रवेश परीक्षा के अंकों को अक्सर योग्यता (मेरिट) के स्थायी टैग के रूप में देखा जाता है। चर्चा कीजिए कि पेशेवर भर्ती प्रक्रियाओं से इन शुरुआती-स्तर के पैमानों (एंट्री-लेवल मैट्रिक्स) को हटाने से सामाजिक समानता को कैसे बढ़ावा मिल सकता है और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य में कैसे सुधार हो सकता है। (15 अंक, 250 शब्द)
July 13, 2026
GS Paper IISocial Justice
Answer will be published shortly.