Q. पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हालिया तनाव दक्षिण एशिया में क्षेत्रीय सुरक्षा की संवेदनशीलता को उजागर करता है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बार-बार होने वाले तनाव के कारणों की जाँच कीजिए और क्षेत्रीय स्थिरता और भारत के रणनीतिक हितों के लिए इस संघर्ष के निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए। (15 अंक, 250 शब्द)

February 28, 2026

GS Paper IIInternational Relations

प्रश्न की मुख्य माँग

  • पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच आवर्ती तनावों के कारणों का उल्लेख कीजिए।
  • क्षेत्रीय स्थिरता पर प्रभावों का वर्णन कीजिए।
  • बताइए कि भारत के रणनीतिक हितों पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

उत्तर

काबुल और कंधार पर पाकिस्तान द्वारा हाल में किए गए हवाई हमले तथा “खुले युद्ध” की घोषणा, अफगानिस्तान–पाकिस्तान संबंधों में गंभीर उग्रता को दर्शाते हैं। बार-बार होने वाली सीमा झड़पें, उग्रवादी गुटों को सुरक्षित आश्रय देने के आरोप तथा विफल युद्धविराम प्रयास- ये सभी गहरे संरचनात्मक तनावों को रेखांकित करते हैं, जो दक्षिण एशिया की क्षेत्रीय स्थिरता और भारत के रणनीतिक हितों के लिए गंभीर जोखिम उत्पन्न करते हैं।

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच आवर्ती तनावों के कारण

  • सीमापार उग्रवाद के आरोप: पाकिस्तान तालिबान शासन पर आरोप लगाता है कि वह अफगान क्षेत्र से पाकिस्तान-विरोधी उग्रवादी समूहों को संचालन की अनुमति देता है।
  • सीमा विवाद और डूरंड रेखा का प्रश्न: डूरंड रेखा ऐतिहासिक रूप से विवादित बनी हुई है, जिससे सीमा पर बार-बार झड़पें होती रहती हैं।
  • प्रतिशोधात्मक सैन्य उग्रता: हवाई हमलों और थल-आक्रमणों के माध्यम से प्रतिशोध की चक्रीय प्रवृत्ति देखी जाती है।
    • उदाहरण: फरवरी 2026 में अफगान हमलों के पश्चात् पाकिस्तान द्वारा काबुल, पकतिका और कंधार पर किए गए हमले।
  • युद्धविराम तंत्र की विफलता: कतर और तुर्की की मध्यस्थता से हुए युद्धविराम प्रयास सफल नहीं हो सके; हाल ही में सऊदी अरब ने बंदियों की रिहाई में मध्यस्थता की।
  • अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी समूहों का उदय: आईएसआईएस-खुरासान जैसे संगठनों की उपस्थिति अस्थिरता को और बढ़ाती है।
    • उदाहरण: इस्लामिक स्टेट–खुरासान ने इस्लामाबाद और काबुल में हमलों की जिम्मेदारी ली।

क्षेत्रीय स्थिरता पर प्रभाव

  • खुले संघर्ष की आशंका: “खुले युद्ध” की औपचारिक घोषणा दीर्घकालिक सैन्य टकराव का जोखिम उत्पन्न करती है।
  • नागरिक हताहत और मानवीय संकट: हवाई हमलों और गोलाबारी का प्रभाव शरणार्थियों तथा सीमावर्ती आबादी पर पड़ता है।
    • उदाहरण: संयुक्त राष्ट्र मिशन ने नंगरहार और पकतिका में 13 नागरिकों की मृत्यु तथा तोर्खम के निकट शरणार्थियों के घायल होने की सूचना दी।
  • सीमा बंद होने से व्यापार बाधित: अक्टूबर 2025 से स्थलीय सीमा पार मार्ग अधिकांशतः बंद रहे हैं।
    • उदाहरण: तोर्खम सीमा-पार मार्ग के बंद होने से क्षेत्रीय पारगमन व्यापार प्रभावित हुआ।
  • आतंकी शून्य का विस्तार: अस्थिरता का लाभ उठाकर उग्रवादी संगठन अपनी गतिविधियाँ बढ़ा सकते हैं।
  • बाह्य शक्तियों की संलिप्तता: अंतरराष्ट्रीय शक्तियाँ कूटनीतिक या रणनीतिक रूप से हस्तक्षेप कर सकती हैं।
    • उदाहरण: संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा पाकिस्तान के “आत्मरक्षा के अधिकार” का समर्थन; कतर, तुर्की और सऊदी अरब के मध्यस्थता प्रयास।

भारत के रणनीतिक हितों पर प्रभाव

  • क्षेत्रीय सुरक्षा संबंधी चिंताएँ: अस्थिरता भारत-विरोधी आतंकी नेटवर्कों को प्रोत्साहित कर सकती है।
  • संपर्क और व्यापार में व्यवधान: अफगानिस्तान के माध्यम से मध्य एशिया तक भारत की पहुँच प्रभावित हो सकती है।
    • उदाहरण: पाकिस्तान को दरकिनार करने हेतु चाबहार बंदरगाह में भारत का निवेश अफगान स्थिरता पर निर्भर करता है।
  • कूटनीतिक संतुलन की चुनौती: भारत को काबुल और इस्लामाबाद, दोनों के साथ सावधानीपूर्वक संवाद बनाए रखना होगा।
    • उदाहरण: वर्ष 2022 से भारत ने काबुल में सीमित राजनयिक उपस्थिति बनाए रखी है।
  • कट्टरपंथ के प्रसार का जोखिम: तनाव की वृद्धि क्षेत्र में उग्रवादी कथनों को सुदृढ़ कर सकती है।
  • भू-राजनीतिक पुनर्संरेखण का दबाव: विस्तारित संघर्ष से चीन या संयुक्त राज्य अमेरिका की बढ़ी हुई संलिप्तता संभव है, जो भारत की रणनीतिक गणना को प्रभावित कर सकती है।

निष्कर्ष

स्थायी शांति के लिए सुव्यवस्थित सीमा-प्रबंधन, विश्वसनीय आतंकवाद-निरोधी प्रतिबद्धताएँ तथा सार्क या शंघाई सहयोग संगठन जैसे बहुपक्षीय मंचों के अंतर्गत क्षेत्रीय संवाद का पुनर्जीवन आवश्यक है। भारत को संतुलित कूटनीति अपनानी चाहिए, आतंकवाद-रोधी सहयोग को सुदृढ़ करना चाहिए तथा आर्थिक संपर्क पहलों को प्रोत्साहित करना चाहिए, जिससे अफगानिस्तान को एक स्थिर और सहयोगात्मक दक्षिण एशियाई ढाँचे में समाहित किया जा सके।

The recent escalation between Pakistan and Afghanistan highlights the fragility of regional security in South Asia. Examine the causes of recurring tensions between Pakistan and Afghanistan and analyse the implications of this conflict for regional stability and India’s strategic interests. in hindi

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