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December 26, 2025
प्रश्न की मुख्य माँग
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भारत वर्ष 2030 में शताब्दी राष्ट्रमंडल खेलों और वर्ष 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लक्ष्य के साथ एक वैश्विक खेल महाशक्ति बनने की आकांक्षा रखता है, तब उसे लगातार तीन वर्षों तक विश्व में सर्वाधिक डोपिंग उल्लंघनकर्ता होने की एक ‘संदिग्धता’ का सामना करना पड़ रहा है। उच्च महत्त्वाकांक्षा और निम्न नैतिकता का यह विरोधाभास खेल परितंत्र में व्याप्त नैतिक क्षरण का गंभीर एवं समालोचनात्मक मूल्यांकन आवश्यक बनाता है।
डोपिंग की चुनौती से उबरने के लिए भारत को ‘परीक्षण और दंड’ मॉडल से आगे बढ़कर ‘रोकथाम और संरक्षण’ की कार्यशैली अपनानी होगी। राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी की पूर्ण स्वायत्तता सुनिश्चित कर तथा खेल विज्ञान में निवेश बढ़ाकर भारत ‘सबसे खराब उल्लंघनकर्ता’ से ‘नैतिकता के आदर्श’ में परिवर्तित हो सकता है। इससे वर्ष 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए भारत एक विश्वसनीय और अडिग दावा प्रस्तुत कर सकेगा।
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