UPSC PYQs

Prelims, Mains & Optional PYQs

UPSC Notes

Comprehensive & Short Notes

Q. हाल ही में वेनेजुएला में हुए अमेरिकी हस्तक्षेप के संदर्भ में, अंतरराष्ट्रीय निष्क्रियता से एक ऐसी वैश्विक व्यवस्था को सामान्य बनाने का जोखिम है जहाँ संप्रभुता अंतरराष्ट्रीय कानून के बजाय अमेरिका के रणनीतिक हितों के अधीन हो जाती है। इस संदर्भ में, ऐसे एकतरफा हस्तक्षेपों के निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए आगे की राह सुझाइए। (250 शब्द, 15 अंक)

January 5, 2026

GS Paper IIInternational Relations

प्रश्न की मुख्य माँग

  • एकतरफा हस्तक्षेप के निहितार्थ
  • अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए आगे की राह

उत्तर

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी और जबरन निर्वासन अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद-2 का उल्लंघन है, जो पुरानी मुनरो सिद्धांत वाली मानसिकता के पुनरुत्थान को दर्शाता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शासनकाल में, अमेरिकी हस्तक्षेपवाद ने न केवल चुनौतीपूर्ण परिणाम उत्पन्न किए हैं, बल्कि एक राजनीतिक असंतुलन की स्थिति उत्पन्न की है।

एकतरफा हस्तक्षेप के निहितार्थ

  • संप्रभुता का क्षरण: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की अनुमति के बिना एकतरफा हमले ‘संप्रभु राष्ट्र” की अवधारणा को महाशक्ति की स्वीकृति पर निर्भर सशर्त स्थिति तक सीमित कर देते हैं।
  • न्यायिक पहुँच का विस्तार: किसी मौजूदा विदेशी नेता को घरेलू न्यायालयों में मुकदमे के लिए गिरफ्तार करना एक ऐसी मिसाल कायम करता है, जहाँ राष्ट्रीय कानून संप्रभु प्रतिरक्षा से ऊपर हो जाता है।
  • संसाधन और आर्थिक नियंत्रण: हस्तक्षेप अक्सर महत्त्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधनों पर नियंत्रण की रणनीतिक इच्छाओं को छुपाते हैं, जिससे “सत्ता परिवर्तन का व्यावसायीकरण” होता है।
    • उदाहरण: राष्ट्रपति ट्रंप के वर्ष 2026 के उस बयान ने कि अमेरिका लाभ के लिए वेनेजुएला के तेल अवसंरचना का आधुनिकीकरण करने हेतु उसे “नियंत्रित” करेगा, “संसाधन नव-उपनिवेशवाद” को लेकर वैश्विक चिंताएँ बढ़ा दीं।
  • अस्थिरता का क्षेत्रीय क्षेत्र: CELAC या CARICOM जैसे क्षेत्रीय निकायों को दरकिनार करने से नामित “शांति क्षेत्र” अस्थिर हो जाते हैं और सीमा पार संघर्ष के फैलने का खतरा बढ़ जाता है।
  • “नारकोटेररिज्म” के बहाने सामान्यीकरण: कानून प्रवर्तन श्रेणियों (नशीली दवाओं की तस्करी) का उपयोग सैन्य आक्रमणों को उचित ठहराने के लिए करना भविष्य के “पुलिस-कार्रवाई” के लिए एक खतरनाक मिसाल कायम करता है।
  • बहुपक्षवाद का कमजोर होना: बार-बार एकतरफा कार्रवाई संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को अप्रचलित बना देती है, जिससे मध्यम शक्तियाँ या तो निष्क्रिय अनुपालन अथवा रक्षात्मक पुनर्शस्त्रीकरण की ओर धकेल दी जाती हैं।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए आगे की राह

  • संयुक्त राष्ट्र महासभा के अधिदेशों को सुदृढ़ करना: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) को सुरक्षा परिषद के निष्क्रिय होने की स्थिति में कार्रवाई करने के लिए सशक्त बनाना और आक्रामकता की निंदा करने के लिए ‘शांति के लिए एकजुटतातंत्र का उपयोग करना।
  • बहुपक्षीय प्रतिबंधों की निगरानी: एकतरफा ‘अधिकतम दबाव’ अभियानों से हटकर संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व वाली निगरानी प्रणालियों की ओर बढ़ना, जो मानवीय अपवादों को प्राथमिकता देती हैं।
    • उदाहरण: संयुक्त राष्ट्र उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने गैर-न्यायिक हमलों को तत्काल रोकने और बहुपक्षीय कानून प्रवर्तन सहयोग की वापसी का आह्वान किया।
  • राजनयिक मध्यस्थता पैनल: बाहरी सैन्य बलों के बजाय एक तटस्थ, तृतीय-पक्ष मध्यस्थता समूहों (जैसे- ‘मोंटेवीडियो तंत्र’) की स्थापना करना।
  • संप्रभु प्रतिरक्षा की पुनः पुष्टि: अंतरराष्ट्रीय कानूनी निकायों को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आपराधिक आरोप राज्यों को विदेशी अधिकारियों पर आक्रमण करने या अपहरण करने का “अधिकार” नहीं देते हैं।
  • क्षेत्रीय सुरक्षा संरचना: महाशक्तियों के सैन्य हस्तक्षेप को आमंत्रित किए बिना आंतरिक संकटों को हल करने के लिए क्षेत्रीय गुटों की क्षमता को मजबूत करना।
    • उदाहरण: दक्षिण अफ्रीका द्वारा वर्ष 2026 में सुरक्षा परिषद के एक आपातकालीन सत्र के आह्वान से क्षेत्रीय शांति की रक्षा के लिए एक सामूहिक वैश्विक प्रतिक्रिया की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया है।
  • उल्लंघनों के लिए जवाबदेही: राज्य प्रायोजित दमन और अनधिकृत विदेशी सैन्य हमलों की वैधता की जाँच के लिए अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) का उपयोग करना।

निष्कर्ष

वेनेजुएला की त्रासदी इस बात को रेखांकित करती है कि ‘युद्धपोतों द्वारा स्थापित लोकतंत्र’ एक ऐसी व्यवस्था है, जो उन मूल्यों को ही नष्ट कर देती है, जिनका वह समर्थन करने का दावा करती है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए आगे बढ़ने का रास्ता “डॉन-रो सिद्धांत” के प्रभाव क्षेत्रों को अस्वीकार करने और एक बहुध्रुवीय विश्व की पुष्टि करने में निहित है, जहाँ संयुक्त राष्ट्र चार्टर ही राज्यों के व्यवहार का एकमात्र वैध आधार बना रहे और यह सुनिश्चित करे कि संप्रभुता को रणनीतिक अभिमान की कीमत पर क्षरित  न किया जाए।

In the context of recent U.S. intervention in Venezuela, international silence risks normalising a global order where sovereignty is subordinate to Washington’s strategic interests rather than international law. In this context, examine the implications of such unilateral interventions and suggest a way forward for the international community. in hindi

Need help preparing for UPSC or State PSCs?

Connect with our experts to get free counselling & start preparing

Free Counselling for UPSC Aspirants

Connect with our experts and take the right next step.

Expert Guidance
Personalized Strategy
100% Free

Book Your Free Session

NEED ASSISTANCE?

Request a Callback

Our counsellor will connect with you and help you choose the right course and centre.

  • Expert Guidance
  • Course & Fee Information
  • Quick Callback Support

Request a Callback

Books
UPSC PYQs
UPSC Notes
Current Affairs
Quick Revise Now !
AVAILABLE FOR DOWNLOAD SOON
UDAAN PRELIMS WALLAH
Comprehensive coverage with a concise format
Integration of PYQ within the booklet
Designed as per recent trends of Prelims questions
हिंदी में भी उपलब्ध
Quick Revise Now !
UDAAN PRELIMS WALLAH
Comprehensive coverage with a concise format
Integration of PYQ within the booklet
Designed as per recent trends of Prelims questions
हिंदी में भी उपलब्ध

<div class="new-fform">







    </div>

    Subscribe our Newsletter
    Sign up now for our exclusive newsletter and be the first to know about our latest Initiatives, Quality Content, and much more.
    *Promise! We won't spam you.
    Yes! I want to Subscribe.