UPSC PYQs

Prelims, Mains & Optional PYQs

UPSC Notes

Comprehensive & Short Notes

Q. जलवायु कूटनीति के बातचीत से कार्यान्वयन की ओर बढ़ने के साथ, COP-30 वैश्विक जवाबदेही का परीक्षण करेगा। दक्षिण एशिया की जलवायु संवेदनशीलता के संदर्भ में, जलवायु प्रतिबद्धताओं के क्रियान्वयन में बाधा डालने वाली प्रमुख चुनौतियों की जाँच कीजिए। बहुपक्षीय जलवायु शासन में विश्वसनीयता बहाल करने के उपाय सुझाएँ। (10 अंक, 150 शब्द)

November 11, 2025

GS Paper IIEnvironment & Ecology

प्रश्न की मुख्य माँग

  • जलवायु प्रतिबद्धताओं की पूर्ति में बाधा डालने वाली प्रमुख चुनौतियाँ।
  • बहुपक्षीय जलवायु शासन में विश्वसनीयता बहाल करने के उपाय।

उत्तर

जब जलवायु कूटनीति बातचीत से क्रियान्वयनकी ओर बढ़ रही है, तो COP3 0 वैश्विक जवाबदेही की एक परीक्षा बन गई है। दक्षिण एशिया जैसे क्षेत्र के लिए, जो पहले से ही बाढ़, हीटवेव्स, और समुद्र-स्तर वृद्धि का सामना कर रहा है, अब केवल वादे पर्याप्त नहीं हैं। अब यह तय करेगा कि वित्त, प्रौद्योगिकी, और अनुकूलन समर्थन की आपूर्ति जलवायु न्याय को वास्तविकता बनाएगी या इसे केवल एक राजनैतिक नारा बनाकर छोड़ देगी।

जलवायु प्रतिबद्धताओं के क्रियान्वयन में बाधक प्रमुख चुनौतियाँ

  • वादों और कार्यों के बीच क्रियान्वयन का अंतर: देश महत्वाकांक्षी जलवायु लक्ष्यों की घोषणा तो करते हैं, परंतु उनका वास्तविक क्रियान्वयन कमजोर रहता है।
    लगभग 5% वैश्विक जलवायु पहलें ही अपने घोषित लक्ष्यों तक पहुँची हैं।

    • उदाहरण: CEEW अध्ययन के अनुसार, कई दक्षिण एशियाई NDCs में स्पष्ट समयसीमा और निगरानी ढाँचा नहीं है।
  • अप्रत्याशित और अपर्याप्त जलवायु वित्त: वित्तपोषण तंत्र बिखरे हुए, धीमे और ऋण-निर्माण हैं, जबकि उन्हें अनुदानात्मक होना चाहिए।
  • क्षेत्रीय संस्थागत समन्वय की कमी:  दक्षिण एशिया के पास EU जलवायु शासन जैसी एकीकृत जलवायु कार्य प्रणाली नहीं है।
    • उदाहरण: BIMSTEC सहयोग अभी भी परियोजना-आधारित है, क्रियान्वयन-उन्मुख नहीं।
  • शमन पर अत्यधिक ध्यान, अनुकूलन पर कम निवेश: जलवायु वित्त का अधिकांश भाग सौर और पवन ऊर्जा पर जाता है, जबकि कृषि, जल प्रबंधन, और सुदृढ़ अवसंरचना जैसे अनुकूलन क्षेत्रों को उपेक्षित किया जाता है।
  • प्रौद्योगिकी हस्तांतरण में बाधाएँ और व्यापारिक संरक्षणवाद: विकसित देश जलवायु प्रौद्योगिकी पर पहुँच सीमित करते हैं, और उच्च पेटेंट लागत विकासशील देशों में उनके उपयोग को रोकती है।
    • उदाहरण: विश्व की एक-तिहाई से भी कम तकनीकी पहलें केवल दक्षिण एशिया पर केंद्रित हैं।

बहुपक्षीय जलवायु शासन में विश्वसनीयता पुनर्स्थापित करने के उपाय

  • परस्पर स्पष्टता: हर जलवायु वादा मापनीय डिलीवरी रोडमैप से जुड़ा होना चाहिए।
    • उदाहरण: “बाकू-टू-बेलेम रोडमैप टू $1.3 ट्रिलियन फाइनेंस गोल” में यह स्पष्ट होना चाहिए कि “कौन भुगतान करेगा और कब करेगा।”
  • क्षेत्रीय गठबंधन और दक्षिण-दक्षिण नेतृत्व: दक्षिण एशियाई देश जलवायु कूटनीति में सामूहिक रूप से कार्य कर अपनी वार्ताकारी शक्ति  को मजबूत करें।
    • उदाहरण: नेपाल का सगरमाथा संवाद क्षेत्रीय समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है।
  • निगरानी और परिणाम-आधारित जवाबदेही: घोषणाओं के बजाय परिणामों पर ध्यान केंद्रित किया जाए — “कितना किया गया”, यह दिखाने के लिए प्रदर्शन-आधारित मूल्यांकन प्रणाली अपनाई जाए।
  • समर्पित और सुलभ जलवायु वित्त तंत्र: ऋण-मुक्त अनुदानों और सरल पहुँच वाले वित्तीय ढाँचे की ओर बढ़ना आवश्यक है।
    • उदाहरण: “दक्षिण एशियाई रेज़िलिएंस फाइनेंस सुविधा” जैसी पहल नवाचार और प्रकृति-आधारित समाधानों के लिए पूँजी जुटा सकती है।
  • गैर-राज्य अभिकर्ता को सशक्त बनाना: निजी क्षेत्र वित्त जुटाता है, युवा नवाचार लाते हैं, और स्थानीय समुदाय जमीनी स्तर पर अनुकूलन सुनिश्चित करते हैं।

निष्कर्ष

जलवायु कूटनीति अब केवल घोषणाओं पर नहीं चल सकती अब “क्रियान्वयन ही विश्वास की नई मुद्रा” है। दक्षिण एशिया जैसे क्षेत्र के लिए, जो प्रतिदिन जलवायु संकट का सामना कर रहा है, COP-30 को वादों से प्रदर्शन की ओर बढ़ना होगा ऐसे वित्त के माध्यम से जो पहुंचे, ऐसी तकनीक के माध्यम से जो समावेशी हो, और ऐसे शासन के माध्यम से जो परिणाम दे।

With climate diplomacy moving from negotiation to implementation, COP30 will test global accountability. In the context of South Asia’s climate vulnerability, examine the key challenges hindering the delivery of climate commitments. Suggest measures to restore credibility in multilateral climate governance. in hindi

Need help preparing for UPSC or State PSCs?

Connect with our experts to get free counselling & start preparing

Free Counselling for UPSC Aspirants

Connect with our experts and take the right next step.

Expert Guidance
Personalized Strategy
100% Free

Book Your Free Session

NEED ASSISTANCE?

Request a Callback

Our counsellor will connect with you and help you choose the right course and centre.

  • Expert Guidance
  • Course & Fee Information
  • Quick Callback Support

Request a Callback

Books
UPSC PYQs
UPSC Notes
Current Affairs
Quick Revise Now !
AVAILABLE FOR DOWNLOAD SOON
UDAAN PRELIMS WALLAH
Comprehensive coverage with a concise format
Integration of PYQ within the booklet
Designed as per recent trends of Prelims questions
हिंदी में भी उपलब्ध
Quick Revise Now !
UDAAN PRELIMS WALLAH
Comprehensive coverage with a concise format
Integration of PYQ within the booklet
Designed as per recent trends of Prelims questions
हिंदी में भी उपलब्ध

<div class="new-fform">







    </div>

    Subscribe our Newsletter
    Sign up now for our exclusive newsletter and be the first to know about our latest Initiatives, Quality Content, and much more.
    *Promise! We won't spam you.
    Yes! I want to Subscribe.