Q. सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MPLADS) की कथित दुरुपयोग और जवाबदेही के सवालों को लेकर अक्सर आलोचना होती रही है, फिर भी आँकड़े पर्याप्त उपयोग और स्थानीय विकासात्मक प्रभाव का संकेत देते हैं। जमीनी स्तर की विकासात्मक आवश्यकताओं को पूरा करने में MPLADS की भूमिका का विश्लेषण कीजिए और इसकी जवाबदेही और प्रभावशीलता में सुधार के उपाय सुझाइए। (15 अंक, 250 शब्द)

February 4, 2026

GS Paper IISocial Justice

प्रश्न की मुख्य माँग

  • जमीनी स्तर की विकासात्मक आवश्यकताओं को पूरा करने में MPLADS की भूमिका का वर्णन कीजिए।
  • इससे जुड़ी चुनौतियों को रेखांकित कीजिए।
  • उत्तरदायित्व बढ़ाने के उपाय सुझाइए।
  • प्रभावशीलता सुधारने के उपाय सुझाइए।

उत्तर

सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MPLADS), जिसके तहत प्रत्येक सांसद को प्रति वर्ष ₹5 करोड़ आवंटित किए जाते हैं, विकेंद्रीकृत विकास का एक महत्त्वपूर्ण माध्यम है। यद्यपि इस योजना की पारदर्शिता और “शक्तियों के पृथक्करण” सिद्धांत को लेकर आलोचना होती रही है, लेकिन तथ्यों से स्पष्ट होता है कि इस योजना ने उच्च फंड उपयोग और टिकाऊ सामुदायिक परिसंपत्तियों के निर्माण में उल्लेखनीय योगदान दिया है, जो अक्सर पारंपरिक नौकरशाही योजनाओं से वंचित रह जाते हैं।

जमीनी स्तर की विकासात्मक आवश्यकताओं को पूरा करने में भूमिका

  • बुनियादी ढाँचे की कमियों को पूरा करना: योजनाओं से छूट जाने वाली स्थानीय आवश्यकताओं जैसे-सामुदायिक केंद्र, पेयजल सुविधाएँ आदि का निर्माण संभव होता है।
    • उदाहरण: वर्ष 2024-25 में 80% से अधिक राशि ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक सार्वजनिक सुविधाओं पर खर्च की गई।
  • त्वरित आपदा प्रतिक्रिया: यह योजना सांसदों को स्थानीय प्राकृतिक आपदाओं के दौरान तत्काल राहत और पुनर्वास के लिए धनराशि आवंटित करने की सुविधा प्रदान करती है। 
    • उदाहरण: वायनाड (2024) के सांसदों ने भूस्खलन के बाद क्षतिग्रस्त स्कूल भवनों के तत्काल पुनर्निर्माण के लिए MPLADS निधि का उपयोग किया। 
  • योजनाओं में लचीलापन: कठोर विभागीय बजटों के विपरीत, MPLADS योजना स्थानीय निवासियों को अपने प्रतिनिधियों के माध्यम से तात्कालिक और अनुभव आधारित आवश्यकताओं के आधार पर कार्यों का सुझाव देने का अधिकार देती है। 
  • वंचित क्षेत्रों को सहायता: यह सुनिश्चित करता है कि निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले वंचित अथवा दूरस्थ गाँवों को अस्पतालों और पुस्तकालयों जैसे सामाजिक बुनियादी ढाँचे के विकास हेतु समर्पित धनराशि उपलब्ध हो। 
  • स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण: आँकड़ों से पता चलता है कि अधिकांश कार्य “ठोस” परिसंपत्तियों से संबंधित है, जो दशकों तक समुदाय की सेवा करती हैं। 
    • उदाहरण: सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के अनुसार, इस योजना के माध्यम से हजारों प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का उन्नयन किया गया है।

संबंधित चुनौतियाँ

  • कार्यान्वयन में देरी: सिफारिश, जिला प्राधिकरण की स्वीकृति और अंतिम क्रियान्वयन की प्रक्रिया अक्सर नौकरशाही की “लालफीताशाही” से प्रभावित होती है।
  • पारदर्शिता की कमी: कई नागरिकों को यह जानकारी ही नहीं होती कि उनके क्षेत्र में कौन-कौन से कार्यों की सिफारिश की गई है या निधियों का उपयोग किस प्रकार हो रहा है।
  • गुणवत्ता नियंत्रण की समस्याएँ: तृतीय-पक्ष ऑडिट से अक्सर यह सामने आता है कि बनाए गए संसाधन निम्न गुणवत्ता के होते हैं, जिसका कारण ठेकेदारों की कमजोर निगरानी होती है।
  • निधियों का अपर्याप्त उपयोग: कुछ शहरी निर्वाचन क्षेत्रों में कार्यकाल समाप्त होने तक निधियों का एक बड़ा हिस्सा अप्रयुक्त रह जाता है।
    • उदाहरण: एक संसदीय रिपोर्ट (2024) में बताया गया कि लगभग ₹1,200 करोड़ रुपये वैश्विक स्तर पर प्रशासनिक अड़चनों के कारण खर्च नहीं हो पाए।
  • शक्तियों का पृथक्करण: आलोचकों का तर्क है कि यह योजना विधायिका (जो कानून बनाती है) और कार्यपालिका (जो काम को क्रियान्वित करती है) के बीच की रेखा को धुँधला कर देती है।

जवाबदेही बढ़ाने के उपाय

  • डिजिटल रियल-टाइम ट्रैकिंग: परियोजना के संपूर्ण जीवनचक्र के लिए, अनुशंसा से लेकर अंतिम भुगतान तक, e-MPLADS पोर्टल का उपयोग अनिवार्य करना।
    • उदाहरण: वर्ष 2025 में e-MPLADS पोर्टल को अपग्रेड किया गया, जिससे अब नागरिक परियोजना की जियो-टैगिंग और व्यय की जानकारी रियल-टाइम में ट्रैक कर सकते हैं।
  • अनिवार्य सामाजिक ऑडिट: ग्राम सभाओं द्वारा समय-समय पर ऑडिट कर यह सत्यापित करना कि जमीनी स्तर पर संसाधन वास्तव में मौजूद हैं और उनकी गुणवत्ता संतोषजनक है।
  • एकीकृत ऑडिट मानक: हर जिले में MPLADS खातों का वार्षिक ऑडिट करने के लिए कैग (CAG) को सशक्त बनाना, ताकि यह प्रक्रिया यादृच्छिक के बजाय नियमित और व्यापक हो सके।

प्रभावशीलता बढ़ाने के उपाय

  • अंतर-निर्वाचन क्षेत्र समन्वय: सांसदों को यह अनुमति देना कि वे अपनी निधियों को मिलाकर ऐसी बड़ी परियोजनाओं में लगाएँ, जो एक से अधिक जिलों तक लाभ प्रदान करें, जैसे क्षेत्रीय ट्रॉमा सेंटर या विशेषीकृत विद्यालय।
  • परिणाम-आधारित वित्तपोषण: “खर्च की गई राशि” की बजाय “प्राप्त परिणामों” पर जोर देना, जिसे स्वतंत्र प्रभाव मूल्यांकन रिपोर्टों के माध्यम से मापा जाए।
  • जिला अधिकारियों की क्षमता निर्माण: जिला अधिकारियों को e-पोर्टल के कुशल संचालन के लिए प्रशिक्षित करना ताकि सिफारिश और स्वीकृति के बीच की देरी को कम किया जा सके।
    • उदाहरण: MoSPI की वर्ष 2026 की नई गाइडलाइन्स का लक्ष्य है कि स्वीकृति की अवधि को 45 दिनों से कम किया जाए।

निष्कर्ष

जैसा कि तर्क दिया गया है, MPLADS को समाप्त करने का कोई कारण नहीं है; बल्कि, इसके परिष्कृत और विकसित होने की आवश्यकता है। पारदर्शिता के साथ प्रबंधित होने पर, यह एक “लोकतांत्रिक सुरक्षा वाल्व” के रूप में कार्य करता है, जो स्थानीय शिकायतों का समाधान करता है, जिन्हें बड़ी राष्ट्रीय नीतियाँ अनदेखा कर सकती हैं। ई-गवर्नेंस ढाँचे को सुदृढ़ करने से यह सुनिश्चित होगा कि इन निधियों का उपयोग इच्छित उद्देश्य के लिए किया जाए, ताकि अधिक लचीला और न्यायसंगत “विकसित भारत” का निर्माण हो सके।

The Members of Parliament Local Area Development Scheme (MPLADS) has often been criticised for alleged misuse and questions of accountability, yet data suggests substantial utilisation and local developmental impact. Examine the role of MPLADS in addressing grassroots developmental needs and suggest measures to improve its accountability and effectiveness. in hindi

Explore UPSC Foundation Course

Need help preparing for UPSC or State PSCs?

Connect with our experts to get free counselling & start preparing

Aiming for UPSC?

Download Our App

      
Quick Revise Now !
AVAILABLE FOR DOWNLOAD SOON
UDAAN PRELIMS WALLAH
Comprehensive coverage with a concise format
Integration of PYQ within the booklet
Designed as per recent trends of Prelims questions
हिंदी में भी उपलब्ध
Quick Revise Now !
UDAAN PRELIMS WALLAH
Comprehensive coverage with a concise format
Integration of PYQ within the booklet
Designed as per recent trends of Prelims questions
हिंदी में भी उपलब्ध

<div class="new-fform">







    </div>

    Subscribe our Newsletter
    Sign up now for our exclusive newsletter and be the first to know about our latest Initiatives, Quality Content, and much more.
    *Promise! We won't spam you.
    Yes! I want to Subscribe.