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Q. हाल के वर्षों में संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोप के बीच अंतर-अटलांटिक साझेदारी में तनाव बढ़ा है। ट्रंप प्रशासन के तहत उभरते अमेरिका-यूरोप विभाजन के प्रमुख कारकों का विश्लेषण कीजिए और अंतर-अटलांटिक गठबंधन की मजबूती को बनाए रखने के उपाय सुझाइए। (15 अंक, 250 शब्द)

March 13, 2026

GS Paper IIInternational Relations

प्रश्न की मुख्य माँग

  • अमेरिका और यूरोप के बीच उभरते विभाजन के प्रमुख कारणों का विश्लेषण कीजिए। 
  • ट्रांस-अटलांटिक गठबंधन को बनाए रखने के उपाय बताइए।

उत्तर

संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपीय संघ के मध्य ट्रांस-अटलांटिक गठबंधन ऐतिहासिक रूप से नाटो (NATO) जैसे संस्थानों के माध्यम से वैश्विक सुरक्षा और आर्थिक सहयोग का आधार रहा है। हालाँकि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के दौरान नीतिगत मतभेद बढ़ने से दोनों पक्षों के बीच तनाव गहरा हुआ है, जिससे इस साझेदारी की भविष्य की एकजुटता को लेकर चिंताएँ बढ़ गई हैं। 

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अमेरिका–यूरोप के मध्य उभरते विभाजन के प्रमुख कारण

  • व्यापार विवाद और संरक्षणवाद: ट्रंप प्रशासन ने यूरोपीय व्यापार नीतियों की आलोचना की और शुल्क लगाने की धमकी दी, जिससे यूरोपीय संघ को आर्थिक प्रतिस्पर्द्धी के रूप में प्रस्तुत किया गया।
  • नाटो के भीतर रक्षा व्यय का बोझ बाँटना: वाशिंगटन ने बार-बार यह तर्क दिया है कि यूरोपीय सहयोगी रक्षा पर पर्याप्त खर्च नहीं कर रहे हैं और उन्हें अधिक योगदान देना चाहिए।
  • यूक्रेन-रूस नीति पर मतभेद: यूक्रेन संघर्ष के समाधान और रूस के साथ संबंधों को लेकर अमेरिका और यूरोप के बीच दृष्टिकोण में अंतर दिखाई देता है।
  • अमेरिका के एकतरफा विदेश नीति निर्णय: कई बार अमेरिका ने प्रमुख सैन्य कार्रवाइयों से पहले अपने यूरोपीय सहयोगियों से पर्याप्त परामर्श नहीं किया, जिससे असंतोष उत्पन्न हुआ।
    • उदाहरण: ईरान पर अमेरिकी हमलों से पहले कई यूरोपीय देशों को सूचित नहीं किया गया और उन्होंने इस कार्रवाई के लिए अपने सैन्य ठिकानों के उपयोग की अनुमति भी नहीं दी।
  • वैचारिक और नीतिगत मतभेद: प्रवासन, जलवायु नीति और लोकतांत्रिक मूल्यों जैसे मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच गहरे मतभेद मौजूद हैं।
    • उदाहरण: अमेरिकी नेताओं ने यूरोपीय प्रवासन नीतियों की आलोचना की और यूरोपीय संस्थाओं पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित करने का आरोप लगाया। 

ट्रांस-अटलांटिक गठबंधन को बनाए रखने के उपाय

  • रणनीतिक संवाद को पुनर्जीवित करना: नियमित उच्च-स्तरीय परामर्श से विश्वास बहाल किया जा सकता है और वैश्विक संकटों के प्रति समन्वित प्रतिक्रिया विकसित की जा सकती है।
    • उदाहरण: म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन जैसे मंच अमेरिका और यूरोपीय नेताओं के बीच संवाद के अवसर प्रदान करते हैं।
  • NATO के भीतर संतुलित रक्षा उत्तरदायित्व: यूरोपीय देशों द्वारा रक्षा व्यय बढ़ाने से अमेरिका की चिंताओं का समाधान हो सकता है और सामूहिक सुरक्षा भी मजबूत होगी।
  • संस्थागत सहयोग को मजबूत करना: बहुपक्षीय संस्थानों के प्रति प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित करने से गठबंधन की संरचना को बनाए रखा जा सकता है।
    • उदाहरण: नाटो और यूरोपीय संघ-संयुक्त राज्य अमेरिका सुरक्षा सहयोग के माध्यम से निरंतर समन्वय।
  • वैश्विक संघर्षों पर समन्वित दृष्टिकोण: यूक्रेन जैसे संकटों पर संयुक्त निर्णय-निर्माण से नीतिगत मतभेद और रणनीतिक अविश्वास को कम किया जा सकता है।
  • यूरोप से परे रणनीतिक सहयोग का विस्तार: उभरते भू-राजनीतिक क्षेत्रों में हितों का समन्वय आपसी सुरक्षा उद्देश्यों को मजबूत कर सकता है।
    • उदाहरण: हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका की रणनीतिक प्राथमिकताओं के लिए यूरोपीय समर्थन। 

निष्कर्ष

वर्तमान तनावों के बावजूद ट्रांस-अटलांटिक गठबंधन वैश्विक स्थिरता और लोकतांत्रिक सहयोग के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण बना हुआ है। रणनीतिक विश्वास का पुनर्निर्माण, जिम्मेदारियों का संतुलित विभाजन और उभरती भू-राजनीतिक चुनौतियों के प्रति समन्वित प्रतिक्रिया वर्तमान मतभेदों को संस्थागत पुनरुत्थान के अवसर में बदल सकते हैं। इससे अमेरिका–यूरोप साझेदारी भविष्य में भी एक स्थिर अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेगी।

The transatlantic partnership between the United States and Europe has faced growing tensions in recent years. Examine the key factors behind the emerging US–Europe divide under the Trump administration and suggest measures to preserve the strength of the transatlantic alliance. in hindi

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