UPSC PYQs

Prelims, Mains & Optional PYQs

UPSC Notes

Comprehensive & Short Notes

Q. प्रमुख शक्तियों द्वारा एकतरफा सैन्य कार्रवाइयों का पुनरुत्थान नियम-आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था के लिए एक मूलभूत चुनौती प्रस्तुत करता है। ईरान पर हाल ही में हुए अमेरिकी-इजरायल सैन्य हमलों के संदर्भ में इस कथन का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए। (15 अंक, 250 शब्द)

March 2, 2026

GS Paper IIInternational Relations

प्रश्न की मुख्य माँग

  • बताइए कि एकपक्षीय सैन्य कार्रवाइयाँ, नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को किस प्रकार चुनौती देती हैं।
  • एकपक्षीय सैन्य कार्रवाइयों के पक्ष में तर्क दीजिए।
  • आगे की राह।

उत्तर

संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हालिया सैन्य हमले पश्चिम एशिया में तनाव की तीव्र वृद्धि को दर्शाते हैं। बहुपक्षीय तंत्रों को दरकिनार करते हुए बल का इस प्रकार एकपक्षीय प्रयोग अंतरराष्ट्रीय कानून के क्षरण तथा नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न उठाता है।

एकपक्षीय सैन्य कार्रवाइयाँ नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को किस प्रकार चुनौती देती है

  • संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों का उल्लंघन: संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुसार बल प्रयोग केवल आत्मरक्षा या सुरक्षा परिषद की अनुमति से ही वैध है।
    • उदाहरण: ईरान द्वारा किसी तात्कालिक हमले के स्पष्ट प्रमाणों का अभाव।
  • कूटनीतिक प्रक्रियाओं का क्षरण: सैन्य कार्रवाई ने चल रही वार्ताओं का स्थान ले लिया, जिससे शांतिपूर्ण विवाद समाधान में विश्वास कमजोर हुआ है।
    • उदाहरण: फरवरी के हमलों से पूर्व, ओमान की मध्यस्थता में वार्ताएँ समझौते के निकट बताई जा रही थीं।
  • अंतरराष्ट्रीय कानूनी मानकों की अवहेलना: किसी राष्ट्राध्यक्ष की लक्षित हत्या संप्रभुता और अहस्तक्षेप के सिद्धांतों को चुनौती देती है।
    • उदाहरण: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या संप्रभु नेतृत्व पर प्रत्यक्ष आघात के रूप में देखी जा रही है।
  • वैश्विक साझा संसाधनों की अस्थिरता: तनाव की वृद्धि से महत्त्वपूर्ण व्यापार मार्गों के बाधित होने का खतरा उत्पन्न होता है, जिससे वैश्विक आर्थिक स्थिरता प्रभावित हो सकती है।
    • उदाहरण: ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने की चेतावनी भारत जैसे प्रमुख तेल आयातकों के लिए जोखिम उत्पन्न कर सकती है।
  • बहुपक्षीय संस्थाओं का कमजोर होना: बार-बार की एकपक्षीय कार्रवाइयाँ संघर्ष नियमन के लिए स्थापित वैश्विक संस्थाओं की प्राधिकारिता को कम करती हैं।
    • उदाहरण: वर्ष 2018 में संयुक्त राज्य अमेरिका का 2015 के परमाणु समझौते (JCPOA) से हटना सामूहिक सुरक्षा तंत्र को पहले ही कमजोर कर चुका था।

एकपक्षीय सैन्य कार्रवाइयों के पक्ष में तर्क

  • आत्मरक्षा का अधिकार (अनुच्छेद-51): राज्य संभावित खतरों के विरुद्ध पूर्व-निरोधात्मक आत्मरक्षा का तर्क प्रस्तुत कर सकते हैं।
    • उदाहरण: इजरायल ने इस कार्रवाई को ईरान की परमाणु महत्त्वाकांक्षाओं को रोकने हेतु “पूर्व-निरोधात्मक” कदम बताया है।
  • बहुपक्षीय तंत्रों की विफलता: जब संयुक्त राष्ट्र जैसे संस्थान, वीटो राजनीति के कारण निष्क्रिय हो जाते हैं, तब राज्य स्वतंत्र रूप से कार्रवाई करने का निर्णय ले सकते हैं।
    • उदाहरण: पश्चिम एशिया के संदर्भ में सुरक्षा परिषद के भीतर मतभेदों ने कई बार निर्णायक कदमों को अवरुद्ध किया है।
  • निरोधात्मक रणनीति: एकपक्षीय सैन्य बल का प्रयोग शत्रुतापूर्ण शासन व्यवस्थाओं को निरुत्साहित करने और दीर्घकालिक अस्थिरता को रोकने के साधन के रूप में देखा जा सकता है।
  • रणनीतिक हितों की रक्षा: महाशक्तियाँ अपने सहयोगियों की सुरक्षा और भू-राजनीतिक संतुलन बनाए रखने के लिए ऐसी कार्रवाइयों को उचित ठहरा सकती हैं।
  • परमाणु प्रसार की रोकथाम: सैन्य हमलों को परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने के प्रयास के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है।
    • उदाहरण: ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चिंताओं ने ऐतिहासिक रूप से अमेरिका–इजरायल की नीतिगत स्थिति को प्रभावित किया है।

आगे की राह

  • बहुपक्षीय कूटनीति का पुनर्जीवन: तटस्थ मध्यस्थता के अंतर्गत संरचित वार्ताओं को पुनः प्रारंभ किया जाना चाहिए।
    • उदाहरण: परमाणु सुरक्षा उपायों पर ओमान या संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता में वार्ताओं का पुनरुद्धार।
  • संयुक्त राष्ट्र तंत्र को सुदृढ़ करना: संघर्ष स्थितियों में गतिरोध को कम करने के लिए सुरक्षा परिषद की प्रक्रियाओं में सुधार आवश्यक है।
  • अंतरराष्ट्रीय कानून की पुनर्पुष्टि: महाशक्तियों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों और अनुपातिकता के मानकों के प्रति पुनः प्रतिबद्ध होना चाहिए।
  • क्षेत्रीय सुरक्षा संवाद: खाड़ी देशों, ईरान और वैश्विक हितधारकों को शामिल करते हुए पश्चिम एशिया में एक क्षेत्रीय सुरक्षा ढाँचे को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
  • वैश्विक आर्थिक स्थिरता की सुरक्षा: होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे सामरिक समुद्री मार्गों में नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने हेतु बहुपक्षीय नौसैनिक समन्वय आवश्यक है।

निष्कर्ष

ईरान पर किए गए हमले समकालीन वैश्विक व्यवस्था की संवेदनशील स्थिति को दर्शाते हैं। यदि शक्तिशाली राष्ट्र बहुपक्षीय मानकों को दरकिनार करते हैं, तो अंतरराष्ट्रीय कानून की विश्वसनीयता और अधिक क्षीण हो जाती है। कूटनीति, विधिक संयम और संस्थागत सुधारों के माध्यम से विश्वास का पुनर्निर्माण आवश्यक है, ताकि अनियंत्रित शक्ति-राजनीति की दिशा में बढ़ते झुकाव को रोका जा सके।

The resurgence of unilateral military actions by major powers poses a fundamental challenge to the rules-based international order. Critically examine this statement in the context of recent US–Israel military strikes on Iran. in hindi

Explore UPSC Foundation Batches

Need help preparing for UPSC or State PSCs?

Connect with our experts to get free counselling & start preparing

Free Counselling for UPSC Aspirants

Connect with our experts and take the right next step.

Expert Guidance
Personalized Strategy
100% Free

Book Your Free Session

NEED ASSISTANCE?

Request a Callback

Our counsellor will connect with you and help you choose the right course and centre.

  • Expert Guidance
  • Course & Fee Information
  • Quick Callback Support

Request a Callback

Books
UPSC PYQs
UPSC Notes
Current Affairs
Quick Revise Now !
AVAILABLE FOR DOWNLOAD SOON
UDAAN PRELIMS WALLAH
Comprehensive coverage with a concise format
Integration of PYQ within the booklet
Designed as per recent trends of Prelims questions
हिंदी में भी उपलब्ध
Quick Revise Now !
UDAAN PRELIMS WALLAH
Comprehensive coverage with a concise format
Integration of PYQ within the booklet
Designed as per recent trends of Prelims questions
हिंदी में भी उपलब्ध

<div class="new-fform">







    </div>

    Subscribe our Newsletter
    Sign up now for our exclusive newsletter and be the first to know about our latest Initiatives, Quality Content, and much more.
    *Promise! We won't spam you.
    Yes! I want to Subscribe.