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Q. उत्पादकता आधारित विकास के लिए श्रम का औपचारिककरण आवश्यक है। विश्लेषण कीजिए कि नए श्रम कोड औपचारिक रोजगार को मजबूत करने के लिए नियोक्ताओं और श्रमिकों दोनों के लिए प्रोत्साहनों को कैसे पुनः व्यवस्थित करते हैं। (10 अंक, 150 शब्द)

November 24, 2025

GS Paper IIIIndian Economy

प्रश्न की मुख्य माँग

  • नई श्रम संहिता नियोक्ताओं के लिए प्रोत्साहनों को कैसे पुनर्व्यवस्थित करती है l
  • नई श्रम संहिता श्रमिकों के लिए प्रोत्साहनों को कैसे पुनर्व्यवस्थित करती है l

उत्तर

उत्पादकता-आधारित विकास को बढ़ावा देने के लिए श्रम औपचारिकीकरण को भारत की आर्थिक रणनीति के केंद्र में रखा गया है। नई श्रम संहिताएँ, विखंडित कानूनों को एकीकृत ढाँचे से बदलकर, नियोक्ताओं और श्रमिकों के लिए पूर्वानुमानित, औपचारिक रोजगार की दिशा में प्रोत्साहनों को पुनर्व्यवस्थित करती हैं।

नई श्रम संहिताएँ नियोक्ताओं के लिए प्रोत्साहनों को कैसे पुनर्संयोजित करते हैं

  • अनुपालन संबंधी अस्पष्टता कम करना: वेतन, रोजगार श्रेणियों और शर्तों की एक समान तथा स्पष्ट परिभाषाएँ कानूनी अस्पष्टता को कम करती हैं, जिससे फर्मों के लिए औपचारिक रूप से नियुक्ति करना आसान हो जाता है।
    • उदाहरण: किसी अन्य राज्य में विस्तार करने वाली विनिर्माण फर्म को अब वेतन परिभाषाओं की पुनर्व्याख्या नहीं करनी पड़ती।
  • कम लेन-देन लागत: एकल लाइसेंस, एकल राष्ट्रीय रिटर्न और एकीकृत पंजीकरण प्रशासनिक बोझ और देरी को कम करते हैं।
    • उदाहरण: एक लॉजिस्टिक्स स्टार्टअप 29 अलग-अलग प्रणालियों के बजाय पूरे देश में एक अनुपालन पोर्टल का उपयोग करता है।
  • पूर्वानुमानशीलता विस्तार को प्रोत्साहित करती है: ओवरलैपिंग थ्रेसोल्ड को हटाने से फर्म के बढ़ने पर अप्रत्याशित दायित्वों के शुरू होने का डर कम हो जाता है।
  • आकस्मिक गैर-अनुपालन का कम जोखिम: स्पष्ट नियम त्रुटियों को कम करते हैं, दंड और मुकदमेबाजी की लागत बचाते हैं, जिससे औपचारिक नियुक्ति कम जोखिमपूर्ण हो जाती है।
    • उदाहरण: एक मध्यम आकार का उद्यम विभिन्न राज्य की व्याख्याओं के कारण पहले लगने वाले जुर्माने से बच जाता है।
  • लिखित अनुबंधों के साथ बेहतर कार्यबल नियोजन: अनिवार्य लिखित नियुक्ति-पत्र मानव संसाधन प्रक्रियाओं को मानकीकृत करते हैं, जिससे दीर्घकालिक श्रम नियोजन और उत्पादकता में वृद्धि होती है।
    • उदाहरण: आईटी सेवा कंपनियाँ कुशल ऑनबोर्डिंग के लिए सभी शाखाओं में एक समान नियुक्ति प्रारूप का उपयोग करती हैं।

नई श्रम संहिता किस प्रकार श्रमिकों के लिए प्रोत्साहनों को पुनः व्यवस्थित करती हैं

  • औपचारिक अनुबंध आय सुरक्षा प्रदान करते हैं: लिखित नियुक्ति-पत्र दस्तावेजीकृत रोजगार और पूर्वानुमानित वेतन चक्र सुनिश्चित करते हैं।
    • उदाहरण: फैक्टरी कर्मचारियों को परिवर्तनशील नकद भुगतान के बजाय समय पर मासिक वेतन मिलता है।
  • सामाजिक सुरक्षा तक बेहतर पहुँच: गिग/प्लेटफॉर्म कर्मचारियों को मान्यता मिलने से सामाजिक सुरक्षा लाभों के रास्ते खुलते हैं।
    • उदाहरण: डिलीवरी पार्टनर निर्दिष्ट योजनाओं के तहत ESIC-लिंक्ड  कवरेज के लिए पात्र हो जाते हैं।
  • उन्नत स्वास्थ्य और सुरक्षा मानक: अद्यतन सुरक्षा मानदंड श्रमिकों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करते हैं और व्यावसायिक जोखिम कम करते हैं।
    • उदाहरण: गोदामों में नई संहिता के अंतर्गत अनिवार्य सुरक्षा उपकरण और आपातकालीन प्रोटोकॉल अपनाए जाते हैं।
  • बेहतर गतिशीलता और कौशल विकास: औपचारिकीकरण के साथ, कर्मचारी लंबे समय तक रोजगार में बने रहते हैं और स्थिर अनुबंधों के कारण अपने कौशल विकास में निवेश करते हैं।
  • महिलाओं के लिए अवसरों का विस्तार: सुरक्षा उपायों के साथ नाईट शिफ्ट के प्रतिबंधों में ढील दी गई है, जिससे महिलाओं के लिए विविध क्षेत्रों में प्रवेश का दायरा बढ़ रहा है।
    • उदाहरण: महिलाएँ अनिवार्य परिवहन और सुरक्षा प्रावधानों के साथ BPO में नाईट शिफ्ट की भूमिका में शामिल हो रही हैं।

निष्कर्ष

नई श्रम संहिता स्पष्टता, पूर्वानुमेयता और व्यापक सामाजिक संरक्षण की दिशा में संरचनात्मक परिवर्तन का संकेत देती हैं, परंतु इनका वास्तविक प्रभाव कठोर एवं समान रूप से लागू करने पर निर्भर करता है। डिजिटल प्रणालियों को सुदृढ़ करना, राज्य-स्तरीय समन्वयन सुनिश्चित करना तथा विश्वास-आधारित अनुपालन विकसित करना अत्यावश्यक है, ताकि निरंतर औपचारिकता और उत्पादकता-निर्देशित वृद्धि की पूर्ण संभावनाएँ खुल सकें।

Formalisation of labour is essential for productivity-led growth. Analyse how the new Labour Codes realign incentives for both employers and workers to strengthen formal employment. in hindi

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