Q. विश्व स्तर पर एक अरब टन खाद्य अपशिष्ट और एक अरब भूखे लोगों का सह-अस्तित्व कोई विडंबना नहीं, बल्कि व्यवस्थागत अक्षमता का प्रमाण है। वैश्विक भूख सूचकांक में भारत की रैंकिंग के संदर्भ में, खाद्य अपशिष्ट के कारणों का आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए और शून्य-अपशिष्ट खाद्य पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिए व्यापक उपाय सुझाइए। (15 अंक, 250 शब्द)

April 15, 2026

GS Paper IIGovernance

प्रश्न की मुख्य माँग

  • व्यवस्थागत अक्षमता को स्पष्ट कीजिए।
  • खाद्य अपशिष्ट के कारणों का उल्लख कीजिए।
  • शून्य अपशिष्ट उपाय सुझाइए।

उत्तर

वर्ष 2025 के वैश्विक भुखमरी सूचकांक में, भारत 123 देशों में से 102वें स्थान पर है, जिसका स्कोर 25.8 है। फिर भी, बड़े पैमाने पर खाद्य अपशिष्ट जारी है, जो वितरण, शासन और उपभोग पैटर्न में व्यवस्थागत अक्षमताओं को उजागर करता है।

व्यवस्थागत अक्षमता 

  • उत्पादन–उपभोग असंतुलन: कुल खाद्य उपलब्धता सभी वर्गों तक समान रूप से पहुँच सुनिश्चित नहीं कर पाती है।
  • संरचनात्मक असमानता: गहरी सामाजिक-आर्थिक विषमताएँ, अधिशेष उत्पादन के बावजूद भुखमरी की समस्या को बनाए रखती हैं।
    • उदाहरण: पर्याप्त खाद्य भंडार होने के बावजूद लाखों लोगों के पास क्रय शक्ति का अभाव है।
  • विशाल खाद्य अपशिष्ट: उत्पादित भोजन का बड़ा हिस्सा नष्ट या व्यर्थ हो जाता है।
    • उदाहरण: UNEP (2024) के अनुसार, वैश्विक स्तर पर लगभग 1.05 अरब टन भोजन बर्बाद होता है।

खाद्य अपशिष्ट के कारण

  • भंडारण की कमी: पर्याप्त कोल्ड चेन और भंडारण क्षमता के अभाव में बड़े पैमाने पर खाद्य पदार्थ खराब हो जाते हैं।
    • उदाहरण: भारतीय खाद्य निगम (FCI) द्वारा भंडारण की कमी के कारण अनाज हानि की रिपोर्ट।
  • आपूर्ति शृंखला की अक्षमताएँ: कमजोर भंडारण, परिवहन और वितरण तंत्र के कारण भोजन जरूरतमंदों तक नहीं पहुँच पाता है।
  • खुदरा व्यापार: कठोर औपचारिक मानक और अधिक स्टॉक रखने से भोजन को फेंक दिया जाता है।
    • उदाहरण: वैश्विक खाद्य अपशिष्ट का लगभग 12% खुदरा क्षेत्र से होता है (UNEP)।
  • घरेलू अपशिष्ट: अधिक खरीद और खराब उपभोग योजना के कारण बड़ी मात्रा में भोजन बर्बाद होता है।
    • उदाहरण: घरों से लगभग 60% वैश्विक खाद्य अपशिष्ट होता है (UNEP, 2024)।
  • खाद्य सेवा क्षेत्र: बड़े हिस्से और बुफे संस्कृति के अंतर्गत अधिक मात्रा में भोजन बनाया होता है।
    • उदाहरण: खाद्य सेवा क्षेत्र, कुल खाद्य अपशिष्ट का लगभग 28% योगदान देता है (UNEP)।

शून्य-अपशिष्ट उपाय

  • भंडारण अवसंरचना का विस्तार: फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने के लिए कोल्ड चेन और आधुनिक गोदामों को सुदृढ़ करना।
    • उदाहरण: प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना खाद्य प्रसंस्करण और भंडारण अवसंरचना के विकास को बढ़ावा देती है।
  • आपूर्ति शृंखला दक्षता: परिवहन और बाजार संपर्क में सुधार कर वितरण के दौरान होने वाले नुकसान को कम करना।
  • कानूनी एवं नियामक ढाँचा: खाद्य अपशिष्ट को कम करने और अधिशेष भोजन के पुनर्वितरण के लिए नियमों का प्रभावी क्रियान्वयन।
    • उदाहरण: FSSAI के दिशा-निर्देश सुरक्षित अधिशेष भोजन दान को बढ़ावा देते हैं।
  • व्यवहारिक जागरूकता: उपभोक्ताओं में जिम्मेदार उपभोग और अपशिष्ट को कम करने के प्रति जागरूकता बढ़ाना।
    • उदाहरण: “भोजन बचाओ भोजन शेयर करो” जैसे अभियान।
  • खाद्य पुनर्वितरण तंत्र: संगठित नेटवर्क के माध्यम से अतिरिक्त भोजन को जरूरतमंदों तक पहुँचाना।
    • उदाहरण: इंडियन फूड बैंकिंग नेटवर्क द्वारा अधिशेष भोजन का पुनर्वितरण।

निष्कर्ष

खाद्य अपशिष्ट के बीच भूख की समस्या को दूर करने के लिए आपूर्ति शृंखला, नीतिगत समन्वय और व्यवहार परिवर्तन में व्यापक सुधार आवश्यक हैं। संयुक्त राष्ट्र के सतत् विकास लक्ष्य-2 (भुखमरी समाप्ति) और सतत् विकास लक्ष्य-12 (जिम्मेदार उपभोग और उत्पादन) के अनुरूप, भोजन तक समान पहुँच सुनिश्चित करना गरिमा, पोषण तथा समावेशी एवं सतत् विकास के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण है।

The coexistence of a billion tonnes of food waste and a billion hungry stomachs globally is not an irony, but an indictment of systemic inefficiency. In the context of India’s ranking in the Global Hunger Index, critically analyze the causes of food waste and suggest comprehensive measures to build a zero-waste food ecosystem. in hindi

Explore UPSC Foundation Course

Need help preparing for UPSC or State PSCs?

Connect with our experts to get free counselling & start preparing

Aiming for UPSC?

Download Our App

      
Quick Revise Now !
AVAILABLE FOR DOWNLOAD SOON
UDAAN PRELIMS WALLAH
Comprehensive coverage with a concise format
Integration of PYQ within the booklet
Designed as per recent trends of Prelims questions
हिंदी में भी उपलब्ध
Quick Revise Now !
UDAAN PRELIMS WALLAH
Comprehensive coverage with a concise format
Integration of PYQ within the booklet
Designed as per recent trends of Prelims questions
हिंदी में भी उपलब्ध

<div class="new-fform">







    </div>

    Subscribe our Newsletter
    Sign up now for our exclusive newsletter and be the first to know about our latest Initiatives, Quality Content, and much more.
    *Promise! We won't spam you.
    Yes! I want to Subscribe.