UPSC PYQs

Prelims, Mains & Optional PYQs

UPSC Notes

Comprehensive & Short Notes

Q. वर्तमान डिजिटल युग में, सोशल मीडिया ने हमारे संचार और अंतःक्रिया के तरीके में क्रांति ला दी है। हालाँकि, इसने कई नैतिक मुद्दे और चुनौतियाँ भी खड़ी कर दी हैं। इस संदर्भ में प्रमुख नैतिक दुविधाओं का वर्णन कीजिए। (10 अंक, 150 शब्द)

March 28, 2026

GS Paper IVEthics, Integrity and Aptitude

प्रश्न की मुख्य माँग

  • नैतिक मुद्दे और चुनौतियाँ
  • प्रमुख नैतिक दुविधाएँ

उत्तर

सोशल मीडिया ने संचार को विचारों के तीव्र और सीमाहीन आदान-प्रदान में बदल दिया है, फिर भी इसकी एल्गोरिदम-आधारित संरचना और व्यापक पहुँच ने जटिल नैतिक चिंताएँ पैदा की हैं, जो गोपनीयता, सत्य, जवाबदेही और उपयोगकर्ताओं के मनोवैज्ञानिक कल्याण को चुनौती दे रही हैं।

नैतिक मुद्दे और चुनौतियाँ

  • गोपनीयता का उल्लंघन: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अक्सर सूचित सहमति के बिना भारी मात्रा में व्यक्तिगत डेटा एकत्र करते हैं, जिससे निगरानी, प्रोफाइलिंग और दुरुपयोग का जोखिम बढ़ जाता है।
    • उदाहरण: भारत का डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 डेटा प्रोसेसिंग को विनियमित करने और उपयोगकर्ता की सहमति सुनिश्चित करने का प्रयास करता है।
  • भ्रामक सूचनाओं का प्रसार: एल्गोरिदम आधारित विस्तार फर्जी खबरों के तेजी से प्रसार को सक्षम बनाता है, जिससे सार्वजनिक विश्वास और सूचित निर्णय लेने की प्रक्रिया कमजोर होती है।
    • उदाहरण: PIB फैक्ट चेक यूनिट अक्सर सरकारी योजनाओं और नीतियों से संबंधित वायरल भ्रामक सूचनाओं का खंडन करती है।
  • लत लगाने वाली बनावट: ‘इनफिनिट स्क्रॉलिंग’, ‘पुश नोटिफिकेशन’ और लघु-सामग्री (Short-form content) जैसी विशेषताएँ जुड़ाव बढ़ाने के लिए व्यावहारिक मनोविज्ञान का लाभ उठाती हैं।
    • उदाहरण: युवाओं में अत्यधिक स्क्रीन टाइम को बाध्यकारी उपयोग के पैटर्न से जोड़ा गया है।
  • डेटा मुद्रीकरण (Data Monetisation): उपयोगकर्ता डेटा का वस्तुकरण कर उसे विज्ञापनदाताओं को बेचा जाता है, जिससे डिजिटल बाजारों में शोषण और पारदर्शिता की कमी को लेकर चिंताएँ उत्पन्न होती हैं।
    • उदाहरण: ब्राउजिंग और बातचीत के इतिहास के आधार पर लक्षित विज्ञापन (Targeted advertisements)।
  • कमजोर निगरानी: तेजी से होता तकनीकी विकास नियामक ढाँचों से आगे निकल जाता है, जिससे जवाबदेही और प्रवर्तन में कमियाँ उत्पन्न होती हैं।
    • उदाहरण: सूचना प्रौद्योगिकी (IT) नियम 2021 प्लेटफॉर्मों पर दायित्व तो डालते हैं, लेकिन कार्यान्वयन और अनुपालन में चुनौतियों का सामना करते हैं।

प्रमुख नैतिक दुविधाएँ

  • स्वतंत्रता बनाम नियंत्रण: हानिकारक या अवैध सामग्री पर अंकुश लगाते हुए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना सेंसरशिप और पक्षपात की चिंता पैदा करता है।
  • गोपनीयता बनाम सुरक्षा: हानिकारक सामग्री की निगरानी और उसे ट्रेस करने के प्रयास व्यक्तिगत गोपनीयता और एन्क्रिप्शन सुरक्षा उपायों का उल्लंघन कर सकते हैं।
    • उदाहरण: आईटी नियमों के तहत ‘ट्रेसिबिलिटी’ (ट्रेस करने की क्षमता) के प्रावधान व्हाट्सऐप जैसे प्लेटफॉर्मों के बीच एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन को लेकर चिंता पैदा करते हैं।
  • जुड़ाव बनाम कल्याण: प्लेटफॉर्म लाभ के लिए उपयोगकर्ता जुड़ाव को प्राथमिकता देते हैं, जो अक्सर मानसिक स्वास्थ्य और सार्थक बातचीत की कीमत पर होता है।
    • उदाहरण: ऑनलाइन बिताए गए समय को बढ़ाने के लिए सनसनीखेज या भावनात्मक रूप से उकसाने वाली सामग्री को बढ़ावा देने वाले एल्गोरिदम।
  • गुमनामी बनाम जवाबदेही: हालांकि गुमनामी मुक्त अभिव्यक्ति की रक्षा करती है, लेकिन यह बिना जिम्मेदारी के दुरुपयोग को भी सक्षम बनाती है।
    • उदाहरण: ट्रोलिंग, साइबर बुलिंग और ऑनलाइन उत्पीड़न के मामलों में वृद्धि।
  • सत्य बनाम व्यापकता (Virality): वह सामग्री जो सनसनीखेज या भावनात्मक रूप से आकर्षक होती है, तथ्यात्मक जानकारी की तुलना में तेजी से फैलती है, जिससे सार्वजनिक विमर्श विकृत हो जाता है।
    • उदाहरण: चुनावों के दौरान आधिकारिक सत्यापित अपडेट की तुलना में फर्जी खबरों का अधिक चर्चा में आना।

निष्कर्ष

सोशल मीडिया की नैतिक दुविधाएँ तकनीकी प्रगति और मानवीय मूल्यों के बीच गहरे तनाव को दर्शाती हैं। डिजिटल स्थानों को सुरक्षित, समावेशी और विश्वसनीय बनाए रखने के लिए संतुलित विनियमन, जिम्मेदार प्लेटफॉर्म डिजाइन और सूचित उपयोगकर्ता व्यवहार की आवश्यकता है।

In the present digital age, social media has revolutionised our way of communication and interaction. However, it has raised several ethical issues and challenges. Describe the key ethical dilemmas in this regard. in hindi

Need help preparing for UPSC or State PSCs?

Connect with our experts to get free counselling & start preparing

Free Counselling for UPSC Aspirants

Connect with our experts and take the right next step.

Expert Guidance
Personalized Strategy
100% Free

Book Your Free Session

NEED ASSISTANCE?

Request a Callback

Our counsellor will connect with you and help you choose the right course and centre.

  • Expert Guidance
  • Course & Fee Information
  • Quick Callback Support

Request a Callback

Books
UPSC PYQs
UPSC Notes
Current Affairs
Quick Revise Now !
AVAILABLE FOR DOWNLOAD SOON
UDAAN PRELIMS WALLAH
Comprehensive coverage with a concise format
Integration of PYQ within the booklet
Designed as per recent trends of Prelims questions
हिंदी में भी उपलब्ध
Quick Revise Now !
UDAAN PRELIMS WALLAH
Comprehensive coverage with a concise format
Integration of PYQ within the booklet
Designed as per recent trends of Prelims questions
हिंदी में भी उपलब्ध

<div class="new-fform">







    </div>

    Subscribe our Newsletter
    Sign up now for our exclusive newsletter and be the first to know about our latest Initiatives, Quality Content, and much more.
    *Promise! We won't spam you.
    Yes! I want to Subscribe.