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Q. भारत प्रमुख क्षेत्रों में विदेशी प्रौद्योगिकी पर अत्यधिक निर्भर बना हुआ है, जिससे उसकी नवाचार क्षमता प्रभावित हो रही है। भारत में तकनीकी निर्भरता के उदाहरणों पर चर्चा कीजिए और राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए तकनीकी स्वतंत्रता प्राप्त करने के उपाय सुझाइए। (10 अंक, 150 शब्द)

September 11, 2025

GS Paper IIIScience & Tech

प्रश्न की मुख्य माँग

  • भारत में विदेशी देशों पर तकनीकी निर्भरता के उदाहरण।
  • राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए तकनीकी स्वतंत्रता प्राप्त करने के उपाय।

उत्तर

प्रस्तावना

भारत ने वर्ष 2025 में अपनी 79वीं स्वतंत्रता दिवस की वर्षगाँठ मनाई, परंतु आज की सच्ची स्वतंत्रता केवल राजनीतिक संप्रभुता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह तकनीकी आत्मनिर्भरता तक भी विस्तारित हो चुकी है। ऐसे दौर में, जब युद्ध साइबरस्पेस, सॉफ्टवेयर और ड्रोन के माध्यम से लड़े जा रहे हैं, भारत का विदेशी-नियंत्रित ऑपरेटिंग सिस्टम, क्लाउड सेवाओं और सेमीकंडक्टरों पर निर्भर रहना, राष्ट्रीय सुरक्षा और नवाचार क्षमता के लिए गंभीर जोखिम उत्पन्न करता है।

मुख्य भाग

भारत की विदेशी तकनीकी निर्भरता के उदाहरण

  • महत्त्वपूर्ण अवसंरचना पर नियंत्रण: भारत के बैंक, रेलवे और पॉवर ग्रिड आयातित सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी प्रणालियों पर निर्भर हैं।
    • उदाहरण: क्लाउड या AI सेवाएँ, जो कुछ वैश्विक कंपनियों द्वारा नियंत्रित हैं, यदि विदेशी सरकारों के दबाव में बंद कर दी जाएँ तो आवश्यक सेवाएँ ठप हो सकती हैं।
  • ऑपरेटिंग सिस्टम पर निर्भरता: भारत के पास अपना स्वदेशी ऑपरेटिंग सिस्टम या डेटाबेस नहीं है और विदेशी सॉफ्टवेयर पर ही निर्भरता बनी हुई है।
    • उदाहरण: विंडोज, एंड्राइड और अन्य प्रोप्राइटरी डेटाबेस पूरी तरह से विदेशी कंपनियों द्वारा नियंत्रित हैं।
  • क्लाउड और डेटा केंद्रीकरण का जोखिम: यद्यपि आज का अधिकांश सॉफ्टवेयर ओपन सोर्स है, परंतु क्लाउड और डेटा का नियंत्रण विदेशी दिग्गजों के हाथों में है।
    • उदाहरण: गूगल जैसी क्लाउड कंपनियों द्वारा केंद्रीकृत डेटा प्रबंधन भारत की साइबर-सुरक्षा को कमजोर करता है।
  • राष्ट्रीय सुरक्षा की संवेदनशीलता: आधुनिक युद्ध पारंपरिक हथियारों से कम और सॉफ्टवेयर तथा ड्रोन से अधिक लड़े जा रहे हैं। इस स्थिति में विदेशी प्रणालियों पर भारत की निर्भरता उसे साइबर हमलों के प्रति असुरक्षित बनाती है।
  • हार्डवेयर और सेमीकंडक्टर पर निर्भरता: भारत के पास सेमीकंडक्टर निर्माण संयंत्र (fabs) नहीं हैं और यह चिप्स के लिए वैश्विक आपूर्ति शृंखला पर निर्भर है।

राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु तकनीकी आत्मनिर्भरता के उपाय

  • ओपन सोर्स के माध्यम से सॉफ्टवेयर संप्रभुता: भारत को Linux और एंड्राइड के अपने संस्करण विकसित कर समर्पित सहायता और अनुरक्षण टीमों द्वारा भरोसेमंद, बैकडोर-रहित सॉफ्टवेयर सुनिश्चित करना चाहिए।
    • उदाहरण: आईटी पेशेवरों की राष्ट्रीय टीम सुरक्षित और स्वदेशी सॉफ्टवेयर विकसित कर विदेशी निर्भरता घटा सकती है।
  • हार्डवेयर संप्रभुता: रक्षा, संचार और औद्योगिक प्रणालियों को सुरक्षित रखने के लिए सेमीकंडक्टर डिजाइन और आवश्यक हार्डवेयर घटकों में निवेश करना आवश्यक है।
  • ओपन सोर्स सहयोग: पारदर्शी ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर को बढ़ावा देना, जिनमें नियमित अद्यतन होते रहें, ताकि विदेशी बैकडोर और जासूसी से बचाव हो सके।
  • राष्ट्रीय कार्यान्वयन मिशन की स्थापना: केवल अकादमिक शोध ही नहीं, बल्कि वास्तविक विकास और कार्यान्वयन पर केंद्रित एक समर्पित मिशन बनाना, जिसमें इंजीनियर और परियोजना प्रबंधक सक्रिय हों।
  • तकनीकी स्वायत्तता हेतु सामाजिक आंदोलन: तकनीकी समुदाय को संगठित कर भरोसेमंद सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर के निर्माण की सामूहिक पहल करनी चाहिए, ठीक वैसे ही जैसे स्वतंत्रता संग्राम के दौरान हुआ था।

निष्कर्ष

भारत की तकनीकी स्वतंत्रता की यात्रा उसी सामूहिक संकल्प का प्रतीक होनी चाहिए, जिसने कभी राजनीतिक स्वतंत्रता दिलाई थी। चुनौती क्षमता की नहीं, बल्कि राष्ट्रीय इच्छाशक्ति की है। यदि भारत मिशन-उन्मुख दृष्टिकोण अपनाए और अपने प्रतिभाशाली संसाधनों को संगठित करे, तो वह आत्मनिर्भर, सुरक्षित और वैश्विक प्रतिस्पर्द्धी तकनीकी नेतृत्व स्थापित कर सकता है।

India continues to rely heavily on foreign technology in key sectors, impacting its innovation capacity. Discuss instances of technological dependence in India and suggest measures to achieve technological independence, ensuring national security. in hindi

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