Q.
जहाँ 20वीं सदी में जनसंख्या विस्फोट की स्थिति प्रभावी थी, वहीं 21वीं सदी भारत में जनसांख्यिकीय वृद्धावस्था (डेमोग्राफिक एजिंग) और क्षेत्रीय जनसांख्यिकीय असमानताओं की दोहरी चुनौती प्रस्तुत करती है। इन बदलते जनसांख्यिकीय रुझानों के सामाजिक-आर्थिक और राजनीतिक निहितार्थों का आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (15 अंक, 250 शब्द)
July 14, 2026
GS Paper I
Answer will be published shortly.