प्रश्न की मुख्य माँग
- भारत की UNSC सुधार रणनीति में G4 समूह का विकास एवं महत्त्व।
- G4 की सीमाएँ।
- आगे की राह।
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उत्तर
परिचय
UNSC की स्थायी सदस्यता की भारत की दीर्घकालिक आकांक्षा को परंपरागत रूप से G4 (भारत, जापान, जर्मनी और ब्राजील) का समर्थन प्राप्त रहा है, जो सुरक्षा परिषद में स्थायी एवं अस्थायी दोनों श्रेणियों की सदस्यता के विस्तार का पक्षधर है। किंतु हाल के भू-राजनीतिक परिवर्तनों, जैसे 2026 के UNSC चुनाव में जर्मनी की पराजय तथा मध्य शक्तियों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्द्धा, ने G4 की रणनीतिक प्रासंगिकता और भारत के लिए उसकी उपयोगिता पर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।
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G4 का महत्त्व
- सामूहिक कूटनीतिक प्रभाव: G4, UNSC सुधार की माँग करने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं और क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाला एक समन्वित मंच है।
- उदाहरण: G4 का प्रस्ताव एशिया, अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और यूरोप का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करते हुए 6 नए स्थायी सदस्यों के माध्यम से UNSC के विस्तार का समर्थन करता है।
- उभरती शक्तियों का प्रतिनिधित्व: यह समूह इस तर्क को सुदृढ़ करता है कि वर्तमान UNSC की संरचना समकालीन वैश्विक वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित नहीं करती है।
- उदाहरण: भारत विश्व की लगभग 1/6 आबादी का प्रतिनिधित्व करता है, फिर भी वह UNSC की स्थायी निर्णय-निर्माण संरचना से बाहर है।
- रणनीतिक साझेदारियाँ: जापान, जर्मनी और ब्राजील के साथ सहयोग भारत के द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय कूटनीतिक नेटवर्क को मजबूत करता है।
- उदाहरण: भारत–जापान साझेदारी हिंद-प्रशांत सहयोग को सुदृढ़ करती है, जबकि भारत–जर्मनी संबंध आर्थिक एवं प्रौद्योगिकी सहयोग को बढ़ावा देते हैं।
G4 की सीमाएँ
- क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वियों का विरोध: G4 के प्रत्येक सदस्य को अपने-अपने क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वियों के विरोध का सामना करना पड़ता है, जिससे समूह की सामूहिक गति कमजोर होती है।
- उदाहरण: भारत का पाकिस्तान, जापान का दक्षिण कोरिया, जर्मनी का इटली तथा ब्राजील का मैक्सिको विरोध करते हैं।
- साझेदार देशों की भू-राजनीतिक स्थितियों से जुड़ाव: G4 देशों के भू-राजनीतिक रुख से भारत की कूटनीतिक स्थिति प्रभावित हो सकती है।
- उदाहरण: वर्ष 2026 के UNSC चुनावों में जर्मनी की पराजय, जो आंशिक रूप से गाजा मुद्दे पर इजरायल के प्रति उसके मजबूत समर्थन तथा अफ्रीकी संघ में रूस के काउंटर-लॉबिंग अभियान से जुड़ी थी, यह दर्शाती है कि भू-राजनीतिक समीकरण चुनावी परिणामों को प्रभावित करते हैं।
- वर्तमान महाशक्तियों का प्रतिरोध: चीन और रूस, विशेषकर जापान और जर्मनी को स्थायी सदस्यता दिए जाने का रणनीतिक एवं ऐतिहासिक कारणों से विरोध करते हैं।
- उदाहरण: जापान की स्थायी सदस्यता का चीन द्वारा किया गया विरोध व्यापक G4 वार्ताओं को प्रभावित करता है।
- वैश्विक दक्षिण की पहचान का कमजोर होना: विकसित अर्थव्यवस्थाओं के साथ निकटता यह धारणा उत्पन्न कर सकती है कि भारत विकासशील देशों के बजाय अभिजात शक्तियों के हितों का प्रतिनिधित्व करता है।
- उदाहरण: भारत ने ऐतिहासिक रूप से वर्ष 2017 में न्यायमूर्ति दलवीर भंडारी की अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) में जीत जैसे चुनावों में वैश्विक दक्षिण के समर्थन पर भरोसा किया है।
आगे की राह
- वैश्विक दक्षिण के साथ गठबंधन को प्राथमिकता देना: G4 से आगे बढ़कर विकासशील देशों के साथ साझेदारी को सुदृढ़ कर व्यापक समर्थन प्राप्त करना।
- उदाहरण: 40 से अधिक विकासशील देशों वाले L.69 समूह का उपयोग कर UNSC सुधार हेतु लिखित प्रस्तावों को आगे बढ़ाना।
- मुद्दा-आधारित साझेदारियाँ अपनाना: G4 के साथ सहयोग बनाए रखते हुए साझेदार देशों के भू-राजनीतिक रुख के साथ घनिष्ठ रूप से स्वयं को नहीं जोड़ना।
- सुधार वार्ताओं में सक्रिय नेतृत्व करना: केवल स्थायी सदस्यता प्राप्त करने तक सीमित न रहकर, UNSC सुधारों के व्यापक एजेंडा को आकार देने में नेतृत्वकारी भूमिका निभाना।
- उदाहरण: अफ्रीका के प्रतिनिधित्व तथा क्षेत्रीय संतुलन पर आधारित विस्तार का समर्थन कर व्यापक सहमति का निर्माण करना।
- बहुपक्षीय विश्वसनीयता को सुदृढ़ करना: विकासशील देशों के प्रतिनिधि के रूप में भारत की छवि को बनाए रखना।
- उदाहरण: अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन तथा वैश्विक दक्षिण सहयोग मंचों जैसी पहलों में नेतृत्व जारी रखना।
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निष्कर्ष
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) सुधारों के लिए G4 अभी भी एक महत्त्वपूर्ण मंच बना हुआ है, किंतु हाल के भू-राजनीतिक घटनाक्रम यह दर्शाते हैं कि यह भारत के लिए एकमात्र कूटनीतिक माध्यम नहीं हो सकता है। भारत की सबसे बड़ी शक्ति वैश्विक दक्षिण के बीच उसकी विश्वसनीयता है। इसलिए G4 के साथ सहयोग, व्यापक गठबंधन निर्माण तथा सुधार प्रक्रिया में नेतृत्वकारी भूमिका पर आधारित संतुलित दृष्टिकोण ही भारत की UNSC की स्थायी सदस्यता की दीर्घकालिक आकांक्षाओं को अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सकता है।