Q. भारत में एक रिस्पांसिबल AI पारिस्थितिकी तंत्र को आकार देने में AI सुरक्षा संस्थान और इंडिया-AI मिशन जैसी पहलों के महत्त्व का मूल्यांकन कीजिए। इन्हें और अधिक समावेशी, पारदर्शी और प्रभावी कैसे बनाया जा सकता है?" (15 अंक, 250 शब्द)

April 16, 2025

GS Paper IIIScience & Tech

प्रश्न की मुख्य माँग

  • भारत में एक रिस्पांसिबल AI पारिस्थितिकी तंत्र को आकार देने में AI सुरक्षा संस्थान और IndiaAi मिशन जैसी पहलों के महत्त्व का मूल्यांकन कीजिए।
  • भारत में AI पारिस्थितिकी तंत्र की चुनौतियों पर प्रकाश डालिये।
  • चर्चा कीजिए कि इन पहलों को अधिक समावेशी, पारदर्शी और प्रभावी कैसे बनाया जा सकता है।

उत्तर

भारत का कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) परिवेश तेजी से विकसित हो रहा है, जो  सुरक्षा संस्थान (AISI) और IndiaAI मिशन जैसी पहलों से प्रेरित है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य नैतिक मानकों को बढ़ावा देकर, अनुसंधान क्षमताओं को बढ़ाकर और यह सुनिश्चित करके एक जिम्मेदार और समावेशी AI परिदृश्य को बढ़ावा देना है कि AI प्रौद्योगिकियाँ भारत की विविध सामाजिक आवश्यकताओं के अनुरूप हों।

AI सुरक्षा संस्थान और IndiaAI मिशन का महत्त्व

  • स्वदेशी AI अनुसंधान को बढ़ावा देना: AISI, भारत के लिए प्रासंगिक AI अनुसंधान को आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करता है, जिसमें विशिष्ट सामाजिक आवश्यकताओं के लिए लोकल डेटासेट का उपयोग किया जाता है। 
    • उदाहरण के लिए: AISI ने भारत की विविध आवश्यकताओं के अनुरूप AI समाधान विकसित करने के लिए मशीन अनलर्निंग और सिंथेटिक डेटा जेनरेशन पर परियोजनाएं शुरू की हैं।
  • नैतिक ढाँचे की स्थापना: IndiaAI मिशन, AI प्रौद्योगिकियों के विकास और तैनाती का मार्गदर्शन करने के लिए नैतिक AI ढाँचे के निर्माण पर बल देता है। 
    • उदाहरण के लिए: IIIT-दिल्ली द्वारा विकसित AI नैतिक प्रमाणन ढाँचे का उद्देश्य AI प्रणालियों में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है, जिससे उपयोगकर्ताओं और हितधारकों के बीच विश्वास को बढ़ावा मिले।
  • AI अवसंरचना में वृद्धि: IndiaAI मिशन ने भारत में AI इंफ्रास्ट्रक्चर में उल्लेखनीय सुधार किया है, जिससे AI विकास को और अधिक मजबूती मिली है। 
    • उदाहरण के लिए: सरकार AI क्लाउड सेवा प्रदाताओं के साथ साझेदारी के माध्यम से 18,000 GPU प्रदान कर रही है, जो AI अनुसंधान और नवाचार की कम्प्यूटेशनल आवश्यकताओं में मदद करेगा।
  • समावेशी AI प्रथाओं को बढ़ावा देना: दोनों पहल समावेशिता को प्राथमिकता देती हैं और यह सुनिश्चित करती हैं कि AI प्रौद्योगिकियाँ समाज के सभी वर्गों को लाभान्वित करें।
  • वैश्विक सहयोग और नेतृत्व: AISI भारत को वैश्विक AI सुरक्षा और प्रशासन में अग्रणी के रूप में स्थान देता है, जो अंतर्राष्ट्रीय AI मानकों में योगदान देता है। 
    • उदाहरण के लिए: AI सुरक्षा पर वर्ष 2024 सियोल मंत्रिस्तरीय बैठक में भारत की भागीदारी वैश्विक AI मानदंडों को आकार देने में सहयोगी प्रयासों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

भारत के AI पारिस्थितिकी तंत्र में चुनौतियाँ

  • AI संसाधनों तक सीमित पहुँच: भारत के कई क्षेत्रों में अभी भी आवश्यक AI उपकरण और बुनियादी ढाँचे तक पहुँच की कमी है, जिससे AI को व्यापक रूप से अपनाने में बाधा आ रही है। 
    • उदाहरण के लिए: AI संसाधनों की उपलब्धता के बावजूद, ग्रामीण क्षेत्रों को अक्सर इन उपकरणों तक पहुँचने और उनका प्रभावी ढंग से उपयोग करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
  • डेटा गोपनीयता और सुरक्षा चिंताएँ: AI प्रौद्योगिकियों का तेज़ी से विकास, गंभीर डेटा गोपनीयता और सुरक्षा मुद्दों को जन्म देता है। 
    • उदाहरण के लिए: AI अनुप्रयोगों में नागरिकों की जानकारी की सुरक्षा के लिए मज़बूत डेटा सुरक्षा कानूनों की आवश्यकता के बारे में चर्चा चल रही है।
  • AI कार्यबल में कौशल अंतराल: उन्नत AI प्रौद्योगिकियों की जानकारी रखने वाले सुसज्जित कुशल पेशेवरों की कमी है। 
    • उदाहरण के लिए: शैक्षणिक संस्थान AI प्रशिक्षण को शामिल करने के लिए पाठ्यक्रम को अद्यतन करने पर काम कर रहे हैं, लेकिन कुशल AI पेशेवरों की माँग अभी भी आपूर्ति से अधिक है।
  • AI सिस्टम में पक्षपात और निष्पक्षता: यह सुनिश्चित करना कि AI सिस्टम पक्षपात से मुक्त हों, एक गंभीर चुनौती बनी हुई है। 
    • उदाहरण के लिए: IIIT-दिल्ली द्वारा निष्पक्ष जैसी पहल AI मॉडल में पक्षपात का आकलन करने और उसे कम करने के लिए उपकरण विकसित कर रही है, जिससे निष्पक्षता को बढ़ावा मिल रहा है।
  • विनियामक और नीतिगत अंतराल: AI प्रौद्योगिकियों की विकासशील प्रकृति अक्सर मौजूदा नियमों से आगे निकल जाती है, जिससे शासन संबंधी चुनौतियाँ उत्पन्न होती हैं।

समावेशिता, पारदर्शिता और प्रभावशीलता को बढ़ाना

  • हितधारकों की भागीदारी को व्यापक बनाना: AI विकास में विभिन्न हितधारकों को शामिल करने से समावेशिता को बढ़ावा मिल सकता है। 
    • उदाहरण के लिए: शैक्षणिक संस्थानों, स्टार्टअप और सरकारी निकायों के साथ AISI का सहयोग यह सुनिश्चित करता है कि AI परियोजनाओं में विभिन्न दृष्टिकोणों पर विचार किया जा रहा है।
  • स्पष्ट नैतिक दिशा-निर्देश स्थापित करना: व्यापक नैतिक दिशा-निर्देश विकसित करना और उन्हें लागू करना पारदर्शिता को बढ़ावा दे सकता है। 
    • उदाहरण के लिए: IndiaAI मिशन के तहत विकसित किए जा रहे नैतिक AI ढाँचे का उद्देश्य AI विकास और तैनाती के लिए स्पष्ट मानक प्रदान करना है।
  • AI संसाधनों तक समान पहुँच सुनिश्चित करना: AI उपकरणों और बुनियादी ढाँचे तक समान पहुँच प्रदान करने से समावेशिता को बढ़ावा मिल सकता है।
  • मजबूत जवाबदेही तंत्र को लागू करना: स्पष्ट जवाबदेही संरचनाएँ स्थापित करने से AI पहलों की प्रभावशीलता बढ़ सकती है। 
    • उदाहरण के लिए: जोखिम पहचान और क्षति का पता लगाने पर AISI का ध्यान यह सुनिश्चित करता है कि AI सिस्टम को उनके प्रभाव के लिए जवाबदेह ठहराया जाए।
  • निरंतर शिक्षण और अनुकूलन को बढ़ावा देना: निरंतर शिक्षण और अनुकूलन को प्रोत्साहित करने से AI सिस्टम की प्रतिक्रियाशीलता में सुधार हो सकता है। 
    • उदाहरण के लिए: परियोजना विकास के लिए IndiaAI मिशन का पुनरावृत्त दृष्टिकोण, फीडबैक और उभरती आवश्यकताओं के आधार पर निरंतर सुधार की सुविधा प्रदान करता है।

AI सेफ्टी इंस्टीट्यूट और IndiaAI मिशन भारत में एक रिस्पांसिबल AI पारिस्थितिकी तंत्र को आकार देने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नैतिक मानकों, समावेशिता और पारदर्शिता पर ध्यान केंद्रित करके, इन पहलों का उद्देश्य AI की क्षमता का दोहन करना है और साथ ही संबंधित जोखिमों को कम करना है। उनका निरंतर विकास और अनुकूलन विश्वास को बढ़ावा देने और यह सुनिश्चित करने के लिए महत्त्वपूर्ण है कि AI प्रौद्योगिकियाँ, भारतीय समाज के सभी वर्गों को लाभान्वित करें।

Evaluate the significance of initiatives like the AI Safety Institute and the IndiaAI Mission in shaping a responsible AI ecosystem in India. How can these be made more inclusive, transparent, and effective?” in hindi

Explore UPSC Foundation Course

Need help preparing for UPSC or State PSCs?

Connect with our experts to get free counselling & start preparing

Aiming for UPSC?

Download Our App

      
Quick Revise Now !
AVAILABLE FOR DOWNLOAD SOON
UDAAN PRELIMS WALLAH
Comprehensive coverage with a concise format
Integration of PYQ within the booklet
Designed as per recent trends of Prelims questions
हिंदी में भी उपलब्ध
Quick Revise Now !
UDAAN PRELIMS WALLAH
Comprehensive coverage with a concise format
Integration of PYQ within the booklet
Designed as per recent trends of Prelims questions
हिंदी में भी उपलब्ध

<div class="new-fform">







    </div>

    Subscribe our Newsletter
    Sign up now for our exclusive newsletter and be the first to know about our latest Initiatives, Quality Content, and much more.
    *Promise! We won't spam you.
    Yes! I want to Subscribe.