प्रश्न की मुख्य माँग
- भारत एवं मॉरीशस के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक तथा आर्थिक संबंधों पर प्रकाश डालिए।
- व्यापार पर विशेष जोर देते हुए द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने में भारतीय प्रधानमंत्री की वर्ष 2025 की मॉरीशस यात्रा के महत्त्व की जाँच कीजिए।
- सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने में प्रधानमंत्री की मॉरीशस यात्रा के महत्त्व की जाँच कीजिये
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उत्तर
भारत एवं मॉरीशस के बीच एक अनूठा बंधन है, मॉरीशस की 70% आबादी का मूल भारत से है। हिंद महासागर में एक प्रमुख रणनीतिक साझेदार के रूप में, मॉरीशस भारत की समुद्री सुरक्षा तथा व्यापार विस्तार में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वर्ष 2025 की यात्रा इन गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।
ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक संबंध
ऐतिहासिक संबंध
- भारतीय गिरमिटिया मजदूर विरासत: मॉरीशस की लगभग 70% आबादी औपनिवेशिक शासन के दौरान लाए गए भारतीय गिरमिटिया मजदूरों से जुड़ी है, जिससे ऐतिहासिक संबंध और भी गहरे हुए हैं।
- उदाहरण के लिए: यूनेस्को विरासत स्थल, अप्रवासी घाट, इस साझा प्रवास इतिहास का प्रतीक है।
- स्वतंत्रता आंदोलन संबंध: मॉरीशस के नेताओं ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम का सक्रिय रूप से समर्थन किया, जिससे लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक सद्भावना मजबूत हुई।
- उदाहरण के लिए: मॉरीशस के पहले प्रधानमंत्री सर शिवसागर रामगुलाम ने वर्ष 1919-21 के दौरान लंदन में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के साथ सहयोग किया।
सांस्कृतिक संबंध
- भाषाई एवं सांस्कृतिक बंधन: मॉरीशस में भोजपुरी, तमिल, तेलुगु एवं मराठी भाषी समुदाय भाषा, परंपराओं तथा त्योहारों के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हैं।
- उदाहरण के लिए: मॉरीशस में विश्व हिंदी सचिवालय हिंदी भाषा एवं साहित्य को बढ़ावा देता है, जिससे भाषाई संबंध मजबूत होते हैं।
- संस्थागत सांस्कृतिक आदान-प्रदान: भारत मॉरीशस की सांस्कृतिक संस्थाओं का सक्रिय रूप से समर्थन करता है, जिससे साझा परंपराओं का प्रसार सुनिश्चित होता है।
- उदाहरण के लिए: महात्मा गांधी संस्थान मॉरीशस में भारतीय भाषाओं एवं शास्त्रीय कलाओं को बढ़ावा देता है।
आर्थिक संबंध
- व्यापार एवं निवेश संबंध: पिछले कुछ वर्षों में भारत-मॉरीशस द्विपक्षीय व्यापार में तेजी से विस्तार हुआ है, जो वर्ष 2022-23 में 554 मिलियन डॉलर तक पहुँच गया है।
- उदाहरण के लिए: भारत-मॉरीशस व्यापक आर्थिक सहयोग भागीदारी समझौता (CECPA) वस्तुओं एवं सेवाओं के व्यापार को बढ़ावा देता है, यह किसी भी अफ्रीकी देश के साथ ऐसा पहला समझौता था।
- वित्तीय एवं कर लाभ: भारत में निवेश का एक प्रमुख मार्ग मॉरीशस, दोहरा कराधान अपवंचन समझौते (DTAA) से लाभान्वित होता है।
- उदाहरण के लिए: भारत में कई विदेशी निवेश मॉरीशस के माध्यम से आते हैं, क्योंकि यहाँ की कर नीतियाँ अनुकूल हैं।
व्यापार सहयोग को मजबूत करने में वर्ष 2025 की यात्रा का महत्त्व
- व्यापार समझौतों को बढ़ाना: प्रौद्योगिकी, फार्मास्यूटिकल्स एवं वस्त्र जैसे अतिरिक्त क्षेत्रों को कवर करने के लिए CECPA का विस्तार करने से द्विपक्षीय व्यापार में विविधता आएगी।
- अफ्रीका का प्रवेश द्वार: अफ्रीकी देशों के साथ मॉरीशस के तरजीही व्यापार समझौते इसे भारत के अफ्रीका आउटरीच के लिए एक रणनीतिक केंद्र के रूप में स्थापित करते हैं।
- उदाहरण के लिए: भारतीय फर्म फ्रैंकोफोन अफ्रीका में सुगम बाजार पहुँच के लिए मॉरीशस की अफ्रीकी संघ की सदस्यता का लाभ उठा सकती हैं।
- वित्तीय क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देना: भारत मॉरीशस के वित्तीय क्षेत्र को आधुनिक बनाने में मदद कर सकता है, जिससे पारदर्शिता एवं वैश्विक झटकों के खिलाफ लचीलापन बढ़ सकता है।
- उदाहरण के लिए: विनियामक ढाँचे को मजबूत करने से मॉरीशस को कर पनाहगाह के रूप में दुरुपयोग से बचाया जा सकता है।
- बुनियादी ढाँचे में निवेश: बंदरगाहों एवं स्मार्ट शहरों सहित मॉरीशस में संयुक्त बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं का विस्तार आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा।
- पर्यटन एवं सेवा क्षेत्र का विकास: चिकित्सा पर्यटन, शिक्षा एवं IT सहयोग को बढ़ावा देने से सेवा क्षेत्र के संबंध बढ़ेंगे।
- उदाहरण के लिए: भारतीय संस्थान मॉरीशस में सैटेलाइट कैंपस स्थापित कर सकते हैं, जिससे द्विपक्षीय शैक्षिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा।
सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने में वर्ष 2025 की यात्रा का महत्त्व
- समुद्री सुरक्षा सहयोग: भारत-मॉरीशस सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने से हिंद महासागर में समुद्री डकैती, तस्करी एवं अवैध मछली पकड़ने से निपटने में मदद मिलेगी।
- उदाहरण के लिए: भारत ने मॉरीशस में वास्तविक समय की निगरानी के लिए तटीय रडार श्रृंखला स्थापित की है।
- रणनीतिक सैन्य प्रतिष्ठान: संयुक्त निगरानी एवं नौसैनिक समन्वय को बढ़ाने से समुद्री सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा तथा हिंद महासागर में चीन के प्रभाव को सीमित किया जा सकेगा।
- उदाहरण के लिए: भारत ने सैन्य निगरानी अभियानों के लिए अगालेगा द्वीप का पुनर्विकास किया है।
- खुफिया जानकारी एवं साइबर सुरक्षा साझा करना: खुफिया जानकारी को मजबूत करने से क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी एवं अंतरराष्ट्रीय अपराध पर अंकुश लग सकता है।
- उदाहरण के लिए: मॉरीशस के पास हिंद महासागर क्षेत्र के लिए भारत के सूचना संलयन केंद्र (IFC-IOR) तक पहुँच है।
- नौसेना अभ्यास एवं प्रशिक्षण: संयुक्त नौसैनिक अभ्यासों का विस्तार करने से समुद्री सुरक्षा तैयारियों में सुधार होगा।
- उदाहरण के लिए: INS सर्वेक्षक, एक भारतीय सर्वेक्षण जहाज ने हाल ही में मॉरीशस के समुद्री क्षेत्र के 25,000 वर्ग किलोमीटर का मानचित्रण किया।
- रक्षा प्रौद्योगिकी सहयोग: भारत रक्षा प्रौद्योगिकी एवं उपकरण प्रदान कर सकता है, जिससे मॉरीशस की सुरक्षा क्षमताएँ मजबूत होंगी।
- उदाहरण के लिए: भारत ने मॉरीशस की समुद्री सुरक्षा बढ़ाने के लिए गश्ती नौकाओं एवं निगरानी विमानों की आपूर्ति की है।
इतिहास को अवसर से जोड़ते हुए, भारत-मॉरीशस संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के मॉडल में विकसित होना चाहिए। समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना, FDI-संचालित व्यापार को बढ़ावा देना एवं डिजिटल तथा जलवायु सहयोग को गहरा करना एक लचीला गठबंधन सुनिश्चित करेगा। ‘क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा एवं विकास’ (SAGAR) जैसी पहलों का लाभ उठाकर दोनों राष्ट्र हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता के रूप में स्थापित हो सकते हैं।