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Q. भारत की पश्चिम एशिया नीति बहुसंरेखण और रणनीतिक संतुलन पर आधारित है। अमेरिका-इजराइल समन्वय में हो रही वृद्धि भारत की क्षेत्रीय रणनीति को किस प्रकार प्रभावित करती है, इसका मूल्यांकन कीजिए। (15 अंक, 250 शब्द)

March 3, 2026

GS Paper IIInternational Relations

प्रश्न की मुख्य माँग

  • बताइए कि तीव्र होती अमेरिका–इजरायल समन्वय भारत के क्षेत्रीय आकलन को कैसे प्रभावित करता है (रणनीतिक दबाव)।
  • भारत के लिए अवसर और रणनीतिक समायोजन की चर्चा कीजिए।

उत्तर

भारत की पश्चिम एशिया नीति रणनीतिक बहु-संरेखण (Strategic multi-alignment) पर आधारित है, जिसके अंतर्गत भारत एक साथ इजरायल, संयुक्त राज्य अमेरिका, ईरान और प्रमुख अरब खाड़ी देशों के साथ मजबूत संबंध बनाए रखता है। हालाँकि, क्षेत्रीय संघर्षों तथा शक्ति-संरचना में पुनर्संयोजन के प्रयासों के बीच अमेरिका–इजरायल समन्वय के तीव्र होने से भारत की सावधानीपूर्वक संतुलित क्षेत्रीय रणनीति अधिक जटिल उत्पन्न हो गई है।

तीव्र होती अमेरिका–इजरायल समन्वय का भारत के क्षेत्रीय आकलन पर प्रभाव (रणनीतिक दबाव)

  • भारत–ईरान संबंधों पर दबाव: ईरान के विरुद्ध अमेरिका–इजरायल की कठोर रणनीति भारत के संपर्क और ऊर्जा हितों को जटिल बनाती है।
    • उदाहरण: वर्ष 2018 में अमेरिका के संयुक्त व्यापक कार्य योजना (JCPOA)  से बाहर होने के बाद लगाए गए प्रतिबंधों के कारण चाबहार बंदरगाह परियोजना की प्रगति धीमी पड़ गई।
  • ऊर्जा सुरक्षा पर जोखिम: ईरान से जुड़ी संभावित सैन्य वृद्धि हॉर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाली तेल आपूर्ति को प्रभावित कर सकती है।
    • उदाहरण: भारत के लगभग 60% कच्चे तेल का आयात हॉर्मुज के रास्ते से होकर आता है।
  • फिलिस्तीन मुद्दे पर कूटनीतिक संतुलन: इजरायल के साथ अत्यधिक निकटता भारत के पारंपरिक फिलिस्तीन समर्थन को प्रभावित कर सकती है।
    • उदाहरण: भारत ने ऐतिहासिक रूप से संयुक्त राष्ट्र महासभा में दो-राष्ट्र समाधान का समर्थन किया है।
  • भारत-खाड़ी संबंधों पर प्रभाव: अरब देश क्षेत्रीय संघर्षों में भारत की स्थिति पर करीबी से नजर रखते हैं।
    • उदाहरण: UAE और सऊदी अरब भारत के प्रमुख ऊर्जा आपूर्तिकर्ता और निवेश साझेदार हैं।
  • भारतीय प्रवासी के लिए जोखिम: क्षेत्रीय अस्थिरता खाड़ी देशों में रहने वाले 80 लाख से अधिक भारतीयों को सीधे प्रभावित कर सकती है।
    • उदाहरण: ऑपरेशन राहत (यमन, 2015) जैसे संकटों के दौरान भारतीयों की निकासी की गई थी।
  • रणनीतिक स्वायत्तता पर सीमाएँ: अमेरिका–इजरायल की बढ़ती सैन्य साझेदारी भारत पर स्पष्ट रुख अपनाने का दबाव बढ़ा सकती है।
    • उदाहरण: I2U2 (भारत–इजरायल–UAE–अमेरिका) में भागीदारी बनाए रखते हुए ईरान के साथ संबंधों का संतुलन बनाए रखना।

भारत के लिए अवसर और रणनीतिक समायोजन

  • इजरायल के साथ रक्षा सहयोग को गहरा करना: अमेरिका–इजरायल के मजबूत समन्वय से प्रौद्योगिकी सहयोग के अवसर बढ़ते हैं।
    • उदाहरण: भारत द्वारा बराक-8 मिसाइल रक्षा प्रणाली और हेरॉन (Heron) ड्रोन की खरीद।
  • भारत–अमेरिका रणनीतिक अभिसरण को सुदृढ़ करना: क्षेत्रीय समन्वय व्यापक हिंद-प्रशांत सहयोग के साथ मेल खाता है।
    • उदाहरण: अमेरिका के साथ कॉमकासा (COMCASA) और बेका (BECA) जैसे आधारभूत रक्षा समझौते।
  • आर्थिक और नवाचार साझेदारी: त्रिपक्षीय और लघु-बहुपक्षीय (Minilateral) ढाँचे आर्थिक सहयोग को विस्तार देते हैं।
    • उदाहरण: I2U2 के अंतर्गत फूड कॉरिडोर और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएँ।
  • अरब साझेदारियों के माध्यम से संतुलन: भारत खाड़ी राजतंत्रों के साथ समानांतर रूप से मजबूत संबंध बनाए रखता है।
    • उदाहरण: वर्ष 2022 में UAE के साथ व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA)।
  • बहुध्रुवीय कूटनीति का उपयोग: अमेरिका के दबाव के बावजूद भारत ईरान के साथ जुड़ाव बनाए रखता है।
    • उदाहरण: अफगानिस्तान तक संपर्क के लिए चाबहार बंदरगाह का निरंतर संचालन।
  • मुद्दा-आधारित कूटनीतिक रुख बनाए रखना: भारत पश्चिम एशिया के संघर्षों में औपचारिक सैन्य गठबंधन से बचते हुए संतुलित रुख अपनाता है।
    • उदाहरण: बहुपक्षीय मंचों पर संवाद और तनाव-निवारण की अपील।

निष्कर्ष

अमेरिका–इजरायल के बीच बढ़ता समन्वय पश्चिम एशिया की शक्ति संरचना को पुनः आकार दे रहा है, जिससे भारत के लिए जोखिम और अवसर दोनों उत्पन्न हो रहे हैं। एक ओर यह ईरान और अरब साझेदारों के साथ भारत के संतुलन को जटिल बनाता है, वहीं दूसरी ओर सावधानीपूर्वक बहु-संरेखण तथा रणनीतिक स्वायत्तता की भारत की नीति उसे ऊर्जा सुरक्षा, सामरिक हितों तथा प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा को संरक्षित करते हुए चयनात्मक साझेदारियों को और गहरा करने में सक्षम बनाती है।

India’s West Asia policy is built on multi-alignment and strategic balance. Assess how intensifying US–Israel coordination affects India’s regional calculus. in hindi

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