प्रश्न की मुख्य माँग
- जनसांख्यिकीय लाभांश, शिक्षित बेरोजगारी तथा उद्यमिता संबंधी बाधाओं के बीच संबंध
- रोजगार सृजन को सीमित करने में कमजोर जोखिम पूँजी (Risk Capital) पारितंत्र की भूमिका
- नवाचार, स्टार्ट-अप्स एवं उद्यम निर्माण को प्रोत्साहित करने हेतु आवश्यक उपाय।
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उत्तर
परिचय
भारत के जनसांख्यिकीय लाभांश ने बड़ी संख्या में शिक्षित युवाओं को श्रम बाजार में शामिल किया है। किंतु हालिया आर्थिक विमर्शों से स्पष्ट होता है कि बढ़ती स्नातक बेरोजगारी उद्यमशील विचारों की कमी का परिणाम नहीं है, बल्कि उन विचारों को सफल एवं विस्तार योग्य उद्यमों में परिवर्तित करने हेतु आवश्यक जोखिम पूँजी तथा सहायक पारितंत्र की कमजोरी को दर्शाती है।
रोजगार-खोजने वाले से रोजगार-सृजनकर्ता की ओर संक्रमण
- शिक्षित कार्यबल का विस्तार: उच्च शिक्षण संस्थानों के तीव्र विस्तार के कारण भारत प्रतिवर्ष लाखों स्नातक तैयार कर रहा है। किंतु लगभग हर तीन में से एक स्नातक बेरोजगार है, जो औपचारिक अर्थव्यवस्था की सीमित रोजगार-अवशोषण क्षमता को दर्शाता है।
- श्रम-प्रधान से पूँजी-प्रधान विकास की ओर बदलाव: सेमीकंडक्टर, उन्नत विनिर्माण तथा AI-आधारित क्षेत्रों में नए निवेश अधिक पूँजी-प्रधान हैं, जिससे रोजगार सृजन की क्षमता अपेक्षाकृत सीमित रहती है।
- कमजोर जोखिम पूँजी पारितंत्र के कारण नवाचार क्षमता बाधित: उद्यमिता के लिए प्रारंभिक चरण के वित्तपोषण (Early-stage Funding) की आवश्यकता होती है, जो भारत में अभी भी सीमित है। पारंपरिक ऋण संस्थान उच्च जोखिम वाले नवाचार-आधारित उपक्रमों के बजाय संपार्श्विक आधारित ऋण को प्राथमिकता देते हैं।
- उदाहरण: AI, सेमीकंडक्टर एवं जैव-प्रौद्योगिकी क्षेत्र के डीप-टेक स्टार्ट-अप्स को प्रारंभिक निवेश के बाद वित्तीय कमी का सामना करना पड़ता है, जिसके कारण अनेक स्टार्ट-अप्स को विस्तार धीमा करना पड़ता है अथवा विदेशों में स्थानांतरित होना पड़ता है।
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कमज़ोर रोजगार-सृजन पारितंत्र के संरचनात्मक कारण
- पूँजी-प्रधान औद्योगिक विकास: औद्योगिक विस्तार रोजगार सृजन के समानुपाती नहीं है।
- उदाहरण: सेमीकंडक्टर एवं उन्नत विनिर्माण परियोजनाएँ उच्च उत्पादन तो करती हैं, किंतु पारंपरिक विनिर्माण क्षेत्रों की तुलना में अपेक्षाकृत कम प्रत्यक्ष रोजगार सृजित करती हैं।
- तकनीकी परिवर्तन के संदर्भ में कौशल–उद्योग असंगति: AI-आधारित तीव्र तकनीकी परिवर्तन ने शैक्षणिक पाठ्यक्रमों के अद्यतन होने की गति को पीछे छोड़ दिया है। वर्तमान में उद्योग AI प्रणालियों के साथ कार्य करने की क्षमता, जटिल समस्या-समाधान कौशल तथा उन्नत तकनीकी दक्षताओं की माँग कर रहे हैं।
- उदाहरण: IT कंपनियाँ अब पारंपरिक कोडिंग प्रोफाइल की अपेक्षा AI/ML कौशल वाले स्नातकों को अधिक प्राथमिकता दे रही हैं।
- नवाचार से उद्यम में सीमित रूपांतरण: भारत में विचारों और स्नातकों की कमी नहीं है, किंतु विस्तार योग्य उत्पाद-आधारित कंपनियों की संख्या अपेक्षाकृत कम है। सेवा क्षेत्र पर अत्यधिक निर्भरता भी उच्च-मूल्य रोजगार सृजन को सीमित करती है। वैश्विक नवाचार केंद्रों की तुलना में भारत में ऐसे उच्च-विकास वाले डीप-टेक उद्यम कम हैं, जो बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित कर सकें।
आगे की राह
- जोखिम पूँजी पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करना: वेंचर कैपिटल, एंजेल नेटवर्क तथा सार्वजनिक नवाचार निधियों का विस्तार किया जाए।
- उदाहरण: सिडबी (SIDBI) फंड ऑफ फंड्स का विस्तार तथा भारत के बढ़ते स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र को टियर-II एवं टियर-III नवाचार केंद्रों तक पहुँचाना।
- अनुसंधान एवं डीप-टेक नवाचार को बढ़ावा देना: शिक्षण संस्थानों एवं उद्योगों को जोड़ने वाले अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र में निवेश बढ़ाया जाए।
- उदाहरण: सेमीकंडक्टर एवं AI मिशनों के अंतर्गत प्रारंभिक चरण की कंपनियों के लिए नवाचार अनुदान उपलब्ध कराना।
- उद्योग–शिक्षा एकीकरण: पाठ्यक्रमों को उभरती प्रौद्योगिकियों एवं उद्यमिता कौशलों के अनुरूप बनाया जाए।
- उदाहरण: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अंतर्गत अनिवार्य इंटर्नशिप एवं इनक्यूबेशन सहायता को सुदृढ़ करना।
- श्रम-प्रधान एवं MSME-आधारित विकास को प्रोत्साहन: उच्च रोजगार क्षमता वाले क्षेत्रों के पुनरुत्थान पर बल दिया जाए।
- उदाहरण: वस्त्र उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण, पर्यटन तथा हरित अर्थव्यवस्था आधारित MSMEs को बढ़ावा देना।
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निष्कर्ष
भारत में शिक्षित बेरोजगारी का विरोधाभास इस बात को दर्शाता है कि देश अभी तक अपनी जनसांख्यिकीय क्षमता को उद्यमशीलता-प्रेरित आर्थिक गतिशीलता में पूर्णतः रूपांतरित नहीं कर पाया है। जोखिम पूँजी पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने, नवाचार-आधारित विकास को बढ़ावा देने तथा श्रम-प्रधान क्षेत्रों का विस्तार करने के माध्यम से ही भारत रोजगार तलाशने वाली अर्थव्यवस्था से रोजगार सृजित करने वाली अर्थव्यवस्था की ओर प्रभावी रूप से अग्रसर हो सकता है।