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Answer:
दृष्टिकोण:
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भूमिका:
दलाई लामा का यह उद्धरण नैतिक सफलता के सार को रेखांकित करता है, जो केवल हमारे द्वारा हासिल की गई उपलब्धियों के बारे में नहीं है, बल्कि उस सफलता को प्राप्त करने की प्रक्रिया में हमारे द्वारा किए गए बलिदानों और हमारे द्वारा स्थापित मूल्यों के बारे में भी है। यह परिप्रेक्ष्य सफलता की हमारी व्यक्तिगत परिभाषा के आत्मनिरीक्षण की मांग करता है और हमें भौतिक लाभ से अधिक नैतिक विचारों और व्यक्तिगत विकास को महत्व देने के लिए प्रोत्साहित करता है।
मुख्य विषयवस्तु:
दलाई लामा का उद्धरण इस बात पर जोर देता है कि सफलता को केवल अंतिम परिणाम से नहीं मापा जाना चाहिए, बल्कि किसी की यात्रा और इसमें क्या शामिल है, से भी मापा जाना चाहिए।
निष्कर्ष:
सफलता व्यक्तिपरक होती है और यह अलग-अलग व्यक्तियों में अलग-अलग होती है। हालांकि, भौतिक उपलब्धियाँ सफलता का सबसे स्पष्ट संकेतक होती हैं, लेकिन दलाई लामा का उद्धरण हमें सफलता को अधिक नैतिक और समग्र दृष्टिकोण के माध्यम से देखने के लिए प्रेरित करता है। इस परिप्रेक्ष्य के माध्यम से हम ऐसी सफलता प्राप्त करने की आकांक्षा कर सकते हैं जो न केवल व्यक्तिगत रूप से संतुष्टिदायक हो बल्कि हमारे समाज और पूरे विश्व के लिए भी लाभकारी हो।
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