Q. आप एक मध्यम आकार के शहर के नगर आयुक्त हैं। हाल ही में, बड़ी संख्या में स्ट्रीट वेंडर्स ने एक व्यस्त बाजार के पास नो-वेंडिंग जोन में अपने स्टॉल लगाए हैं। नो-वेंडिंग जोन की शुरुआत सुचारू यातायात प्रवाह सुनिश्चित करने और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई थी। हालाँकि, इनमें से कई विक्रेता अपने परिवारों, जिनमें बुजुर्ग माता-पिता और स्कूल जाने वाले बच्चे शामिल हैं, के जीवनयापन के लिए पूरी तरह से यहाँ से होने वाली कमाई पर निर्भर हैं। स्थानीय दुकानदारों के संघ ने कई शिकायतें दर्ज की हैं, जिसमें दावा किया गया है कि विक्रेताओं की वजह से यहाँ भीड़भाड़ उत्पन्न हो रही है और ये लोग उनके व्यवसायों को अनुचित रूप से प्रभावित कर रहे हैं। दूसरी ओर, एक सामाजिक कल्याण समूह ने विक्रेताओं की आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए नगरपालिका से मानवीय समाधान प्रदान करने का आग्रह किया है। इस मामले में शामिल नैतिक मुद्दों पर चर्चा कीजिए। इस स्थिति में आपके पास क्या विकल्प उपलब्ध हैं? अपने चुने गए विकल्पों की उचित व्याख्या कीजिए। (20 अंक, 250 शब्द)

December 25, 2024

GS Paper IVEthics, Integrity and Aptitude

प्रश्न की मुख्य माँग

  • सार्वजनिक व्यवस्था, आजीविका और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा के बीच संतुलन बनाने में शामिल नैतिक मुद्दों की पहचान कीजिए।
  • विक्रेताओं, दुकानदारों और सार्वजनिक व्यवस्था के बीच संघर्ष को हल करने के लिए उपलब्ध विकल्पों का परीक्षण कीजिए।
  • निष्पक्षता और समावेशिता सुनिश्चित करने के लिए एक व्यवहार्य कार्यवाही प्रस्तावित कीजिए।

उत्तर

यह मामला, मध्यम आकार के शहर में शहरी प्रशासन और सामाजिक समानता के बीच संघर्ष को उजागर करता है। स्ट्रीट वेंडर्स, जो अपने व्यापार पर निर्भर हैं , ने एक व्यस्त बाजार के पास निर्दिष्ट नो-वेंडिंग जोन पर अतिक्रमण कर लिया है, जिससे यातायात बाधित हो रहा है और स्थानीय दुकानदारों की तरफ से शिकायतें बढ़ रही हैं। सार्वजनिक व्यवस्था, निष्पक्ष व्यावसायिक प्रथाओं और विक्रेताओं की आर्थिक भेद्यता के बीच संतुलन बनाना एक नैतिक और प्रशासनिक चुनौती है।

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प्रमुख हितधारकों

  • स्ट्रीट वेंडर्स: आर्थिक रूप से सुभेद्य व्यक्ति जो जीवनयापन के लिए वेंडिंग पर निर्भर रहते हैं।
  • स्थानीय दुकानदार: वेंडर्स के कारण होने वाली प्रतिस्पर्धा और भीड़भाड़ के परिणामस्वरूप इन्हें नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
  • आम जनता: आम जनता को व्यस्त बाजार में सुचारू यातायात प्रवाह और सार्वजनिक सुरक्षा की आवश्यकता है।
  • सामाजिक कल्याण समूह: विक्रेताओं के लिए मानवीय और सतत समाधान की वकालत करते हैं।
  • नगरपालिका प्रशासन: इनका कार्य,सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और न्यायसंगत शासन सुनिश्चित करना है।

नैतिक मुद्दे 

  • आजीविका का अधिकार बनाम सार्वजनिक व्यवस्था: स्ट्रीट वेंडर अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए वेंडिंग पर निर्भर रहते हैं। हालाँकि, उनकी मौजूदगी से भीड़भाड़ होती है और सार्वजनिक व्यवस्था बाधित होती है। यातायात प्रवाह और सार्वजनिक सुरक्षा को बनाए रखते हुए उनकी आजीविका की रक्षा के लिए एक संतुलन की आवश्यकता है ।
  • निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा बनाम इक्विटी: वेंडर्स द्वारा कम दामों में सामान बेचे जाने के कारण दुकानदार उन्हें अनुचित प्रतिस्पर्धा के रूप में देखते हैं। हालाँकि, वेंडर्स अक्सर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से संबंधित होते हैं। इस मामले में किए जाने वाले समाधान कुछ इस तरह से होने चाहिए कि दुकानदारों के हितों को अनुचित रूप से नुकसान न पहुँचे और समता भी सुनिश्चित हो सके।
  • आर्थिक विकास और सामाजिक कल्याण में संतुलन: हालाँकि एक शहर के लिए आर्थिक विकास अति महत्त्वपूर्ण होता है परंतु इसके साथ-साथ सामाजिक कल्याण नीतियों के निर्माण में हमें यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि स्ट्रीट वेंडर्स जैसे सुभेद्य समूहों को जीवनयापन करने में मुश्किलों का सामना न करना पड़े। निष्पक्ष और न्यायपूर्ण नीतियों में आर्थिक विकास और हाशिए पर स्थित समुदायों के कल्याण दोनों को एकीकृत किया जाना चाहिए ।
  • मानवीय चिंताएँ: कई वेंडर्स अपने परिवारों का भरण-पोषण करते हैं। उन्हें  बिना कोई विकल्प प्रदान किये, विस्थापित करने से उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, जिससे निर्णयन प्रक्रियाओं में उनके लिए संवेदना होना अति आवश्यक है।
  • शासन में भरोसा: निर्णय पारदर्शी और समावेशी होने चाहिए और इनमें सभी हितधारकों की चिंताओं को संबोधित किया जाना चाहिए।यदि किसी भी समूह के हितों का उचित प्रतिनिधित्व न हो तो अशांति उत्पन्न हो सकती है और प्रशासन की निष्पक्ष रूप से शासन करने की क्षमता में भरोसा कमजोर हो सकता है ।

उपलब्ध विकल्प

विकल्प 1

नो-वेंडिंग जोन का सख्त प्रवर्तन: इस विकल्प के अंतर्गत मौजूदा नो-वेंडिंग जोन नीति का कठोर प्रवर्तन शामिल है, जिसका अर्थ है कि स्ट्रीट वेंडर्स को उस क्षेत्र से हटा दिया जाएगा जहां वेंडिंग की अनुमति नहीं है।

गुण समस्या 
सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित होगा, दुकानदार संतुष्ट होंगे और भीड़भाड़  कम होगी। इससे वेंडर्स को गंभीर आर्थिक कठिनाईओं का सामना करना पड़ सकता है, उनकी आजीविका खतरे में पड़ सकती है तथा सामाजिक अशांति की संभावना उत्पन्न होती है।

विकल्प 2

वेंडर्स को निर्दिष्ट क्षेत्र में स्थानांतरित करना: इस विकल्प में स्ट्रीट वेंडर्स को वर्तमान नो-वेंडिंग क्षेत्र से हटाकर उनकी गतिविधियों के लिए विशेष रूप से बनाए गए निर्दिष्ट वेंडिंग क्षेत्र में ले जाना शामिल है। यह नया स्थान नगर पालिका द्वारा चुना जाएगा, यह सुनिश्चित करते हुए कि यह सार्वजनिक सुरक्षा, यातायात प्रवाह या दुकानदारों के व्यवसाय में हस्तक्षेप न करे।

गुण समस्या 
यह बाजार में भीड़भाड़ को कम करते हुए वेंडिंग के लिए सुरक्षित, कानूनी स्थान उपलब्ध कराता है । इसके लिए महत्त्वपूर्ण संसाधनों और योजना की आवश्यकता होती है, तथा व्यस्त बाजार के निकट ग्राहकों की कम संख्या के कारण विक्रेता इसका विरोध कर सकते हैं ।

विकल्प 3: अस्थायी समय-आधारित विक्रय: इस विकल्प में सड़क विक्रेताओं को पूरे दिन के बजाय निर्दिष्ट घंटों के दौरान काम करने की अनुमति दी जा सकती है।

गुण समस्या 
इससे वेंडर्स को नॉन-पीक आवर्स में कार्य करने की सुविधा मिलेगी, जिससे भीड़भाड़ कम होगी और वो आजीविका अर्जन कर पायेंगे।। अनुपालन की निगरानी करना चुनौतीपूर्ण है और समय को लेकर विवाद हो सकता है।दुकानदारों को लग सकता है कि इससे उनकी शिकायतों का पर्याप्त समाधान नहीं हो रहा है ।

विकल्प 4:

सहयोगात्मक हितधारक समाधान: इस विकल्प में सभी हितधारकों, सड़क विक्रेताओं, दुकानदारों, आम जनता (नागरिक निकायों या संघों के माध्यम से प्रतिनिधित्व), सामाजिक कल्याण समूहों और नगरपालिका प्रशासन को संवाद-आधारित निर्णय लेने की प्रक्रिया के लिए एक साथ लाना शामिल है।

गुण समस्या 
विश्वास और समावेशिता का निर्माण होगा और सभी हितधारकों को संतुलित और निष्पक्ष समाधान मिलेगा इसमें समय लग सकता  है और तत्काल समाधान में देरी हो सकती है, जिससे हितधारकों में निराशा उत्पन्न हो सकती है।

चयनित कार्यवाही का तरीका

सबसे अच्छा तरीका दो-चरणीय समाधान है:

  • अल्पकालिक समाधान 
    • यातायात प्रवाह को बनाए रखते हुए नॉन-पीक आवर्स के दौरान वेंडर्स को वेंडिंग की अनुमति देने के लिए नो-वेंडिंग जोन में समय-आधारित वेंडिंग शेड्यूल लागू करना चाहिए ।
    • सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और भीड़भाड़ को कम करने के लिए पीक आवर्स के दौरान निगरानी बढ़ानी चाहिए ।
  • दीर्घकालिक समाधान 
    • स्वच्छता और पेयजल जैसी आवश्यक सुविधाओं के साथ एक निर्दिष्ट वेंडिंग जोन विकसित करना चाहिए जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि वेंडर्स के पास काम करने के लिए एक स्थायी स्थान हो।
    • विक्रेताओं की संख्या को विनियमित करने और भीड़भाड़ को रोकने के लिए लाइसेंसिंग प्रणाली लागू करनी चाहिए।

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तर्क: यह दृष्टिकोण विक्रेताओं और दुकानदारों की तत्काल आवश्यकताओं को संबोधित करता है, साथ ही भविष्य के लिए एक स्थायी ढाँचा तैयार करता है। यह सार्वजनिक व्यवस्था, आर्थिक निष्पक्षता और करूणापूर्ण शासन को संतुलित करते हुए यह सुनिश्चित करता है, कि सभी हितधारकों के हितों का ध्यान रखा जाए और उनकी सहायता की जाए।

स्ट्रीट वेंडर्स, दुकानदारों और आम जनता की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक संतुलित दृष्टिकोण की आवश्यकता है, जो आर्थिक और सामाजिक कल्याण दोनों पर ध्यान केंद्रित करता हो। PM SVANidhi योजना जैसे सरकारी कार्यक्रम वित्तीय सहायता प्रदान करते हैं, जबकि स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट, 2014 उनके अधिकारों की रक्षा करता है। भविष्य में, कौशल विकास प्रदान करके, अधिक वेंडिंग जोन बनाकर और डिजिटल प्लेटफार्म को बढ़ावा देकर वेंडर्स को शहर की अर्थव्यवस्था में  एकीकृत करने में मदद करेगा।

You are the Municipal Commissioner of a mid-sized city. Recently, a large number of street vendors have set up stalls in a no-vending zone near a busy marketplace. The no-vending zone was established to ensure smooth traffic flow and maintain public order. However, many of these vendors depend solely on their earnings to sustain their families, including elderly parents and school-going children. The local shopkeepers’ association has filed multiple complaints, claiming that the vendors are causing congestion and affecting their businesses unfairly. On the other hand, a social welfare group has urged the municipality to provide a humane solution, citing the vendors’ economic vulnerability.  Discuss the ethical issues involved in the case. What are the options available to you in this situation? Explain your selected course of action in hindi

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