प्रश्न की मुख्य माँग
- भारत की सीमा सुरक्षा पर प्रभावों का वर्णन कीजिए।
- उसके रणनीतिक हितों पर प्रभावों का उल्लेख कीजिए।
- आगे की राह सुझाइए।
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उत्तर
नेपाल में जारी राजनीतिक परिवर्तन, जिसका प्रतीक श्री बालेन्द्र शाह का उदय है, शासन की कमियों और जन असंतोष को दर्शाता है। यह आंतरिक अस्थिरता भारत की सीमा सुरक्षा और रणनीतिक हितों को सीधे प्रभावित करती है, विशेषकर दोनों देशों के बीच मौजूद खुली और परस्पर निर्भर सीमा के संदर्भ में।
सीमा सुरक्षा पर प्रभाव
- खुली सीमा के जोखिम: राजनीतिक अस्थिरता सीमा प्रबंधन को कमजोर कर सकती है।
- उदाहरण: नेपाल के संवैधानिक संकट (2015–16) के दौरान भारत-नेपाल सीमा पर अव्यवस्था, विरोध प्रदर्शन और प्रशासनिक नियंत्रण में कमी देखी गई।
- प्रवास में वृद्धि: आर्थिक संकट के कारण सीमापार प्रवासन बढ़ जाता है।
- उदाहरण: नेपाल भूकंप, 2015 के बाद कई नेपाली श्रमिक बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे भारतीय राज्यों में रोजगार के लिए आए।
- अनौपचारिक नेटवर्क: कमजोर संस्थाएँ सीमा पार अवैध गतिविधियों को बढ़ावा देती हैं।
- उदाहरण: नकली मुद्रा तस्करी और मानव तस्करी जैसी गतिविधियाँ छिद्रपूर्ण सीमाओं के माध्यम से संचालित होती हैं।
- स्थानीय अशांति: आंतरिक विरोध-प्रदर्शन सीमा क्षेत्रों में फैल सकते हैं।
- उदाहरण: मधेशी आंदोलन (2015) के दौरान अवरोधों के कारण भारत से जुड़े सीमा बिंदुओं पर वस्तुओं और लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई।
- पहचान की राजनीति: क्षेत्रीय असंतोष सीमा गतिशीलता को प्रभावित करता है।
- उदाहरण: मधेशी पहचान की राजनीति का उदय, जो भारत से सटे तराई क्षेत्र से जुड़ा है।
रणनीतिक हितों पर प्रभाव
- भू-राजनीतिक संतुलन: नेपाल की विदेश नीति में बदलाव भारत-चीन के बीच क्षेत्रीय प्रतिस्पर्द्धा को प्रभावित करता है।
- उदाहरण: लिपुलेख दर्रे से जुड़े मुद्दों पर नेपाल की स्थिति को लेकर चिंताएँ।
- संपर्क संबंधी चिंताएँ: राजनीतिक अस्थिरता के कारण अवसंरचना और व्यापार परियोजनाओं में देरी होती है, जिससे विकास साझेदारी प्रभावित होती है।
- सुरक्षा सहयोग: कमजोर शासन के कारण समन्वित सुरक्षा प्रयासों में बाधा आती है और नीतिगत पूर्वानुमान कम हो जाता है।
- आर्थिक संबंध: अस्थिरता से व्यापार और निवेश प्रवाह बाधित होते हैं।
- क्षेत्रीय प्रभाव: नेतृत्व में परिवर्तन से कूटनीतिक संबंधों और संपर्क पैटर्न में बदलाव आता है।
आगे की राह
- सीमा प्रबंधन: समन्वित निगरानी और खुफिया साझाकरण को सुदृढ़ किया जाए।
- उदाहरण: सशस्त्र सीमा बल (SSB) और नेपाल की सशस्त्र पुलिस बल के बीच समन्वय तथा संयुक्त सीमा कार्य समूह।
- आर्थिक सहयोग: अस्थिरता के कारणों को कम करने के लिए विकास साझेदारी को बढ़ावा दिया जाए।
- उदाहरण: भारत द्वारा वित्तपोषित सीमापार रेल परियोजनाएँ जैसे जयनगर–कुर्था रेल लिंक।
- कूटनीतिक संवाद: नए नेतृत्व के साथ निरंतर संवाद बनाए रखा जाए।
- जन-जन संपर्क: सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों का उपयोग स्थिरता बढ़ाने के लिए किया जाए।
- उदाहरण: खुली सीमा के कारण वैवाहिक संबंध और तीर्थ स्थल जैसे पशुपतिनाथ मंदिर–काशी के बीच संबंध।
- रणनीतिक संतुलन: नेपाल की स्वायत्तता का सम्मान करते हुए भारत के रणनीतिक हितों की रक्षा की जाए।
- उदाहरण: भारत की “पड़ोसी प्रथम” नीति, जो अहस्तक्षेप और सहयोग के बीच संतुलन स्थापित करती है।
निष्कर्ष
नेपाल की अस्थिरता भारत के लिए जोखिम और अवसर दोनों प्रस्तुत करती है। सुरक्षा सतर्कता, आर्थिक सहयोग और राजनयिक जुड़ाव को मिलाकर अपनाया गया सुविचारित दृष्टिकोण अस्थिरता को रणनीतिक स्थिरता में परिवर्तित कर सकता है, साथ ही भारत के दीर्घकालिक क्षेत्रीय हितों की रक्षा भी कर सकता है।
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