Q. हाल ही में दक्षिण कोरिया में हुई जेजू एयर विमान दुर्घटना जैसी दुर्घटनाओं को रोकने में मजबूत विमानन नियामक ढाँचे और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणालियों के महत्त्व की जाँच कीजिये। (10 अंक, 150 शब्द)

प्रश्न की मुख्य माँग

  • दक्षिण कोरिया में हाल ही में हुई जेजू एयर विमान दुर्घटना जैसी दुर्घटनाओं को रोकने में मजबूत विमानन नियामक ढाँचे के महत्त्व का परीक्षण कीजिए।
  • दक्षिण कोरिया में हाल ही में हुई जेजू एयर विमान दुर्घटना जैसी दुर्घटनाओं को रोकने में आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणालियों के महत्त्व का परीक्षण कीजिए।

उत्तर

सुरक्षित और कुशल वैश्विक संपर्क सुनिश्चित करने के लिए विमानन सुरक्षा महत्त्वपूर्ण है। जोखिमों को कम करने और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए एक मजबूत नियामक ढाँचा और कुशल आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली आवश्यक है। दक्षिण कोरिया में हाल ही में हुई जेजू एयर विमान दुर्घटना ने इसी तरह की त्रासदियों को रोकने के लिए कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल, रियलटाइम संकट प्रबंधन और अंतरराष्ट्रीय विमानन मानकों के पालन की आवश्यकता को उजागर किया है।

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दुर्घटनाओं को रोकने में मजबूत विमानन नियामक ढाँचे का महत्त्व

  • स्पष्ट सुरक्षा मानक: विनियामक ढाँचे ICAO के अनुलग्नक 14 जैसे समान सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करते हैं, जिससे गैर-अनुपालन वाले बुनियादी ढाँचे और परिचालन संबंधी खामियों से होने वाले जोखिम कम होते हैं। 
    • उदाहरण के लिए: ICAO ने रनवे इंड में सुरक्षा क्षेत्रों के लिए विशिष्ट आयाम तय कर दिए हैं, ताकि ओवररन घटनाओं के दौरान क्षति को रोका जा सके, जिससे जेजू एयर दुर्घटना जैसी स्थितियों को टालने में मदद मिलेगी।
  • नियमित ऑडिट: नियमित ऑडिट ,ऑडिट परिचालन सुरक्षा, बुनियादी ढाँचे और कर्मचारियों की क्षमता में अंतराल की पहचान करने में मदद करते हैं, जिससे अनुपालन और निरंतर सुधार सुनिश्चित होता है। 
    • उदाहरण के लिए: FAA, उड़ान सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने के लिए एयरलाइन संचालन का ऑडिट करता है, जिससे विमानन दुर्घटनाओं में कमी आती है।
  • अनिवार्य प्रशिक्षण: वर्तमान विनियम दुर्लभ आपात स्थितियों के लिए चालक दल के व्यापक प्रशिक्षण को लागू करते हैं, जिससे पक्षी के टकराने या सिस्टम विफलता जैसी उच्च-तनाव स्थितियों में बेहतर निर्णय लिए जा सके। 
    • उदाहरण के लिए: यूरोपीय विमानन सुरक्षा एजेंसी (EASA) को ‘फ्लैपलेस लैंडिंग’ जैसी आपात स्थितियों के लिए सिमुलेशन-आधारित प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है, जिससे चालक दल की तैयारी में सुधार होता है।
  • पक्षी संकट प्रबंधन: यह रूपरेखा निगरानी, निवारक उपायों और आवास प्रबंधन के माध्यम से पक्षी संकट निवारण पर बल देती है, जिससे पक्षियों के टकराव के जोखिम को कम किया जा सके।
  • डिजाइन अनुपालन पर निगरानी: विमान और हवाई अड्डे के डिजाइन वैश्विक सुरक्षा मानकों के अनुरूप होने से आपात स्थितियों के दौरान संभावित सुभेद्यताओं को कम किया जा सकता है। 
    • उदाहरण के लिए: लॉयन एयर दुर्घटना के बाद बोइंग के 737 मैक्स डिजाइन संशोधन परिचालन सुरक्षा को बढ़ाने वाले नियामक आदेशों को दर्शाते हैं।

दुर्घटनाओं को रोकने में आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणालियों का महत्त्व

  • कुशल संचार: ATC, पायलटों और ग्राउंड क्रू के बीच निर्बाध संचार को सक्षम करने वाली प्रणालियाँ, आपात स्थितियों में महत्त्वपूर्ण जानकारी प्रदान करके जोखिम को कम करती हैं। 
    • उदाहरण के लिए: ATC के निर्देशों से 2018 में इंजन फेल होने के बाद साउथवेस्ट एयरलाइंस की एक उड़ान को सुरक्षित रूप से उतारने में मदद मिली।
  • त्वरित प्रतिक्रिया दल: सुसज्जित और प्रशिक्षित प्रतिक्रिया दल दुर्घटना के परिणामों को कम करते हैं, जीवन बचाते हैं और द्वितीयक क्षति को रोकते हैं। 
    • उदाहरण के लिए: चांगी हवाई अड्डे में दुर्घटना, आग और बचाव दल, 90 सेकंड  के अंदर प्रतिक्रिया प्रदान करने की क्षमता रखता है जिससे दुर्घटना का प्रभाव कम से कम होता है।
  • उन्नत प्रौद्योगिकी: इंजन मॉनिटरिंग और कोलिजन अवॉइडेंस सिस्टम जैसे उन्नत उपकरणों का उपयोग करने वाली आपातकालीन प्रणालियाँ समस्याओं की पहले ही पहचान कर लेती हैं, जिससे समस्या बढ़ने से बच जाती है। 
    • उदाहरण के लिए: GPWS अलर्ट ने वर्ष 2019 में एयर इंडिया के एक विमान को उतरते समय भूभाग से टकराने से बचाया था।
  • आपात स्थितियों के लिए बुनियादी ढाँचा: पर्याप्त रनवे सुरक्षा क्षेत्र, अग्निरोधी संरचनाएँ और उन्नत चिकित्सा सुविधाएँ आपातकालीन स्थिति से निपटने में मदद करती हैं। 
    • उदाहरण के लिए: हांगकांग अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रनवे एंड सुरक्षा क्षेत्र (RESA) अतिक्रमण की घटनाओं के दौरान होने वाली क्षति को रोकता है।
  • व्यापक अभ्यास: नियमित आपदा प्रबंधन अभ्यास हितधारकों के बीच समन्वय में सुधार करते हैं, जिससे संकट के दौरान बेहतर तैयारी सुनिश्चित होती है। 
    • उदाहरण के लिए: टोक्यो के हनेडा हवाई अड्डे के सिमुलेशन अभ्यास में पायलट, ATC और प्रतिक्रियाकर्ता शामिल होते हैं, जो बेहतर दुर्घटना प्रबंधन के लिए प्रक्रियाओं को परिष्कृत करते हैं।

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हवाई सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणालियों द्वारा पूरित एक मजबूत विमानन विनियामक ढाँचा अति महत्त्वपूर्ण है। अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करना, पूर्वानुमानित रखरखाव के लिए AI जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का लाभ उठाना और सख्त अनुपालन लागू करना भविष्य की दुर्घटनाओं को रोक सकता है। सुरक्षा संस्कृति, निरंतर प्रशिक्षण और रियलटाइम संकट प्रबंधन को प्राथमिकता देने वाला एक भविष्य-उन्मुख दृष्टिकोण, दुनिया भर में विमानन जोखिमों को काफी कम कर सकता है।

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