//php print_r(get_the_ID()); ?>
September 24, 2025
प्रश्न की मुख्य माँग
|
हाल ही में यूरोप में युवाओं के विरोध प्रदर्शन तथा भारत में रोजगार घोटालों और पेपर लीक को लेकर अशांति अविश्वास और निराशा के वातावरण को दर्शाती है। स्वतंत्रता-प्राप्ति के पश्चात् आशावाद के युग के विपरीत आज के युवा असुरक्षा और तीव्र प्रतिस्पर्द्धा का सामना कर रहे हैं। यह परिवर्तन उनके सामाजिक-राजनीतिक चुनौतियों पर गंभीर दृष्टि डालने की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
युवाओं की क्षमता को स्वच्छ संस्थानों, निष्पक्ष अवसरों और नागरिक सशक्तीकरण के माध्यम से दिशा दी जा सकती है। नीतियों में नवाचार और लोकतांत्रिक सहभागिता को मार्गदर्शक बनाना चाहिए। इन सुधारों के साथ युवा समावेशी और लचीले राष्ट्र-निर्माण की दिशा में प्रमुख भूमिका निभा सकते हैं।
<div class="new-fform">
</div>