UPSC PYQs

Prelims, Mains & Optional PYQs

UPSC Notes

Comprehensive & Short Notes

Q. नाटो का विस्तार और सुदृढ़ीकरण तथा एक मजबूत अमेरिका-यूरोप रणनीतिक साझेदारी भारत के लिए लाभदायक है। इस कथन के आलोक में आपकी क्या राय है? अपने उत्तर के समर्थन में कारण और उदाहरण दीजिए। (15 अंक, 250 शब्द)

August 12, 2025

GS Paper IIInternational Relations

प्रश्न की मुख्य माँग

  • संक्षेप में बताइए कि NATO के सुदृढ़ीकरण और अमेरिका-यूरोप की मजबूत रणनीतिक साझेदारी से भारत को किस प्रकार लाभ होगा।
  • भारत के लिए प्रमुख चिंताओं का उल्लेख कीजिये।

उत्तर

उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (NATO) जो मुख्यतः एक यूरो-अटलांटिक सैन्य गठबंधन है, ने रूस के साथ बढ़ते तनाव और चीन के आक्रामक रुख के बीच वैश्विक भू-राजनीति में नया महत्व प्राप्त कर लिया है। हालाँकि भारत NATO का सदस्य नहीं है  फिर भी इस गठबंधन का विस्तार और अमेरिका-यूरोप के बीच रणनीतिक संबंधों का मजबूत होना भारत के वैश्विक हितों के लिए महत्वपूर्ण प्रभाव रखता है।

नाटो-अमेरिका-यूरोप की मजबूत साझेदारी भारत के लिए क्यों लाभदायक है?

  • सुरक्षा सहयोग: NATO की आतंकवाद-रोधी रणनीतियाँ भारत को अपनी सीमा सुरक्षा और खुफिया क्षमताओं को सुदृढ़ करने में मदद कर सकती हैं। 
    • उदाहरण: आतंकवादी गतिविधियों पर खुफिया जानकारी साझा करने से राष्ट्रीय रक्षा तैयारियों‌ में वृद्धि होती है।
  • आर्थिक स्थिरता: एक स्थिर अमेरिका-यूरोप संबंध वैश्विक आर्थिक विकास को बढ़ावा देते हैं जिससे अप्रत्यक्ष रूप से भारत के व्यापार और निवेश वातावरण को लाभ होता है। 
    • उदाहरण: अमेरिका-यूरोपीय संघ व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद बेहतर आर्थिक नीतियों और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देती है।
  • प्रौद्योगिकीय उन्नति: NATO सहयोगियों के साथ सहयोग करने से भारत को उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकियों तक पहुँच प्राप्त करने में मदद मिली है, जिससे सैन्य तैयारियों में सुधार हुआ है। 
    • उदाहरण: फ्रांस से राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद ने भारत की हवाई युद्ध क्षमताओं को बढ़ाया है।
  • जलवायु परिवर्तन: वैश्विक साझेदारियाँ प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और नीति समन्वय के माध्यम से भारत को अपने पर्यावरणीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायता कर सकती हैं। 
    • उदाहरण के लिए: अमेरिका-यूरोपीय संघ वैश्विक मीथेन प्रतिज्ञा, उत्सर्जन में कमी लाकर भारत के सतत विकास प्रयासों के अनुरूप है।
  • ऊर्जा सुरक्षा: नवीकरणीय और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग, भारत को ऊर्जा स्वतंत्रता और स्थिरता प्राप्त करने में मदद कर सकता है। 
    • उदाहरण के लिए: अमेरिका-यूरोपीय संघ ऊर्जा परिषद स्वच्छ ऊर्जा समाधानों के लिए प्रौद्योगिकी-साझाकरण को सुगम बनाती है ।

नाटो और अमेरिका-यूरोप संबंध का सुदृढ़ीकरण भारत के लिए कई रणनीतिक लाभ प्रस्तुत करता है, इस विकसित होते संरेखण से उत्पन्न होने वाली संभावित चुनौतियों के प्रति सचेत रहना भी उतना ही महत्त्वपूर्ण है।

भारत के लिए चिंताएँ

  • रूस के साथ संबंध: भारत द्वारा रूस से S-400 मिसाइल प्रणाली प्राप्त करने से नाटो सहयोगियों में चिंता उत्पन्न हो गई है, जिससे रूस के साथ भारत के दीर्घकालिक संबंधों में तनाव उत्पन्न हो सकता है, तथा पश्चिमी देशों के साथ संबंधों पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है।
  • आर्थिक दबाव: भारत पर NATO द्वारा लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों का पालन करने का दबाव पड़ सकता है, जिससे प्रमुख व्यापार समझौते बाधित हो सकते हैं। 
    • उदाहरण के लिए: प्रतिबंधों के अनुपालन के कारण ईरान का तेल व्यापार प्रभावित हुआ।
  • प्रौद्योगिकी हस्तांतरण प्रतिबंध: NATO द्वारा लगाए गए प्रतिबंध उन्नत प्रौद्योगिकियों तक भारत की पहुँच को सीमित कर सकते हैं, जिससे रणनीतिक परियोजनाएँ प्रभावित हो सकती हैं। 
    • उदाहरण के लिए: रूस के साथ FGFA सहयोग को तकनीकी बाधाओं के कारण चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
  • संसाधन आवंटन: नाटो रक्षा पहलों के साथ अधिक संरेखण के लिए उच्च रक्षा व्यय की आवश्यकता हो सकती है, जिससे स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे आवश्यक घरेलू क्षेत्रों के लिए उपलब्ध धन कम हो सकता है
  • संप्रभुता संबंधी चिंताएं: NATO के साथ मजबूत संबंध भारत की स्वतंत्र रणनीतिक निर्णय लेने की क्षमता को सीमित कर सकते हैं, जिससे संप्रभु निर्णय लेने की उसकी दीर्घकालिक नीति को चुनौती मिल सकती है।

निष्कर्ष

वैश्विक परिदृश्य के बदलते स्वरूप को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हुए, भारत को ऐसे संबंधों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए जो पारस्परिक रूप से लाभकारी हों और साथ ही अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करें। यह एक ऐसी रणनीति पर आधारित होना चाहिए जो सहयोग (cooperation), सहभागिता (collaboration), और रणनीतिक स्वायत्तता (strategic autonomy) पर आधारित हो।

The expansion and strengthening of NATO and a stronger US-Europe strategic partnership works well for India. What is your opinion about this statement? Give reasons and examples to support your answer. in hindi

Need help preparing for UPSC or State PSCs?

Connect with our experts to get free counselling & start preparing

Free Counselling for UPSC Aspirants

Connect with our experts and take the right next step.

Expert Guidance
Personalized Strategy
100% Free

Book Your Free Session

NEED ASSISTANCE?

Request a Callback

Our counsellor will connect with you and help you choose the right course and centre.

  • Expert Guidance
  • Course & Fee Information
  • Quick Callback Support

Request a Callback

Books
UPSC PYQs
UPSC Notes
Current Affairs
Quick Revise Now !
AVAILABLE FOR DOWNLOAD SOON
UDAAN PRELIMS WALLAH
Comprehensive coverage with a concise format
Integration of PYQ within the booklet
Designed as per recent trends of Prelims questions
हिंदी में भी उपलब्ध
Quick Revise Now !
UDAAN PRELIMS WALLAH
Comprehensive coverage with a concise format
Integration of PYQ within the booklet
Designed as per recent trends of Prelims questions
हिंदी में भी उपलब्ध

<div class="new-fform">







    </div>

    Subscribe our Newsletter
    Sign up now for our exclusive newsletter and be the first to know about our latest Initiatives, Quality Content, and much more.
    *Promise! We won't spam you.
    Yes! I want to Subscribe.