UPSC PYQs

Prelims, Mains & Optional PYQs

UPSC Notes

Comprehensive & Short Notes

Q. श्रम-प्रधान निर्यात के लक्ष्य को प्राप्त करने में विनिर्माण क्षेत्र की विफलता के कारणों का उल्लेख कीजिए। पूँजी-प्रधान निर्यात के बजाय अधिक श्रम-प्रधान निर्यात को बढ़ावा देने के उपाय सुझाएँ। (10 अंक, 150 शब्द)

April 3, 2026

GS Paper IIIIndian Economy

प्रश्न की मुख्य माँग

  • विनिर्माण क्षेत्र की विफलता के कारणों की चर्चा कीजिए।
  • आवश्यक सुधारात्मक उपाय सुझाइए।

उत्तर

वैश्विक आपूर्ति शृंखलाएँ दक्षता से सहनशीलता की ओर स्थानांतरित हो रही हैं, जिससे निर्यात के नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं। फिर भी भारत श्रम-प्रधान विनिर्माण निर्यात में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाया है, जो उन संरचनात्मक बाधाओं को दर्शाता है और अनुकूल वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद रोजगार-प्रधान विकास को सीमित करती हैं।

विनिर्माण क्षेत्र की विफलता के कारण

  • लागत संबंधी नुकसान: उच्च लॉजिस्टिक्स, बिजली और अनुपालन लागत श्रम-प्रधान क्षेत्रों की प्रतिस्पर्द्धात्मकता को कम करती हैं।
    • उदाहरण: भारत में लॉजिस्टिक्स लागत जीडीपी का लगभग 13–14% है, जबकि विकसित अर्थव्यवस्थाओं में यह लगभग 8% है।
  • आपूर्ति शृंखला की कमी: वैश्विक मूल्य शृंखलाओं में सीमित एकीकरण से उत्पादन का पैमाना और निर्यात क्षमता प्रभावित होती है।
    • उदाहरण: वियतनाम की तुलना में भारत के व्यापारिक संबंध अपेक्षाकृत कमजोर हैं।
  • कौशल की कमी: कार्यबल में उद्योग-विशिष्ट कौशल का अभाव है, जो वस्त्र, जूता और इलेक्ट्रॉनिक्स असेंबली जैसे क्षेत्रों के लिए आवश्यक है।
    • उदाहरण: आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण के अनुसार औपचारिक कौशल प्रशिक्षण का स्तर लगभग 5% ही है।
  • नीतिगत अनिश्चितता: बार-बार शुल्क परिवर्तन और अनुपालन बोझ दीर्घकालिक निवेश को हतोत्साहित करते हैं।
    • उदाहरण: अचानक निर्यात प्रतिबंध (जैसे वस्त्र/कच्चा माल) वैश्विक खरीदारों के भरोसे को प्रभावित करते हैं।
  • पूँजी पूर्वाग्रह: प्रोत्साहन संरचनाएँ पूँजी-प्रधान क्षेत्रों को प्राथमिकता देती हैं, जिससे श्रम-प्रधान उद्योगों की उपेक्षा होती है।
    • उदाहरण: उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजनाएँ मुख्यतः इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर पर केंद्रित हैं, न कि वस्त्र या जूता उद्योग पर।

आवश्यक सुधारात्मक उपाय

  • लागत में कमी: लॉजिस्टिक्स, बंदरगाह अवसंरचना में सुधार तथा अनुपालन बोझ को कम करके प्रतिस्पर्द्धात्मकता बढ़ाई जाए।
    • उदाहरण: पीएम गतिशक्ति योजना के माध्यम से अवसंरचना का एकीकरण और लॉजिस्टिक्स लागत में कमी का प्रयास।
  • व्यापार एकीकरण: मुक्त व्यापार समझौतों को सुदृढ़ कर वैश्विक मूल्य शृंखलाओं में भागीदारी बढ़ाई जाए, जिससे स्थिर बाजारों तक पहुँच मिले।
    • उदाहरण: भारत-अमेरिका व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते से वस्त्र और रत्न-आभूषण निर्यात को बढ़ावा।
  • कौशल समन्वय: श्रम-प्रधान क्षेत्रों के अनुरूप उद्योग-आधारित कौशल विकास को बढ़ावा दिया जाए।
    • उदाहरण: तिरुप्पुर जैसे वस्त्र क्लस्टरों के अनुरूप कौशल भारत कार्यक्रमों का संरेखण।
  • नीतिगत स्थिरता: निर्यात-आयात नीतियों में पूर्वानुमेयता सुनिश्चित कर निवेशकों का विश्वास बढ़ाया जाए।
    • उदाहरण: विदेश व्यापार नीति-2023 में दीर्घकालिक निर्यात संवर्द्धन पर बल।
  • क्षेत्रीय समर्थन: श्रम-प्रधान उद्योगों को लक्षित प्रोत्साहन और क्लस्टर आधारित विकास के माध्यम से बढ़ावा दिया जाए।
    • उदाहरण: मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल रीजन एंड अपैरल (MITRA) पार्क्स के माध्यम से पैमाने और रोजगार सृजन को प्रोत्साहन।

निष्कर्ष

जब आपूर्ति शृंखलाएँ रणनीतिक संपत्ति बनती जा रही हैं, तब भारत को पूँजी-प्रधान विकास से हटकर रोजगार-प्रधान निर्यात की ओर बढ़ना होगा। सुधारों, नीतिगत स्थिरता और वैश्विक एकीकरण का प्रभावी उपयोग करके वर्तमान वैश्विक परिवर्तनों को टिकाऊ और रोजगार-सृजनकारी विनिर्माण विस्तार में बदला जा सकता है।

Account for the failure of the manufacturing sector in achieving the goal of labour-intensive exports. Suggest measures for more labour-intensive rather than capital-intensive exports. in hindi

Need help preparing for UPSC or State PSCs?

Connect with our experts to get free counselling & start preparing

Free Counselling for UPSC Aspirants

Connect with our experts and take the right next step.

Expert Guidance
Personalized Strategy
100% Free

Book Your Free Session

NEED ASSISTANCE?

Request a Callback

Our counsellor will connect with you and help you choose the right course and centre.

  • Expert Guidance
  • Course & Fee Information
  • Quick Callback Support

Request a Callback

Books
UPSC PYQs
UPSC Notes
Current Affairs
Quick Revise Now !
AVAILABLE FOR DOWNLOAD SOON
UDAAN PRELIMS WALLAH
Comprehensive coverage with a concise format
Integration of PYQ within the booklet
Designed as per recent trends of Prelims questions
हिंदी में भी उपलब्ध
Quick Revise Now !
UDAAN PRELIMS WALLAH
Comprehensive coverage with a concise format
Integration of PYQ within the booklet
Designed as per recent trends of Prelims questions
हिंदी में भी उपलब्ध

<div class="new-fform">







    </div>

    Subscribe our Newsletter
    Sign up now for our exclusive newsletter and be the first to know about our latest Initiatives, Quality Content, and much more.
    *Promise! We won't spam you.
    Yes! I want to Subscribe.