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October 28, 2025
प्रश्न की मुख्य माँग
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1960 के दशक की हरित क्रांति ने भारत को खाद्यान्न-अभावी देश से खाद्यान्न-समृद्ध राष्ट्र में परिवर्तित कर दिया। यह परिवर्तन उच्च उत्पादक किस्मों (HYVs) और कृत्रिम उर्वरकों के प्रयोग से संभव हुआ। हालाँकि, इस रासायनिक-आधारित मॉडल ने गंभीर पारिस्थितिकी और स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभाव उत्पन्न किए।
भारत को अब “पेट भरने” से “पोषण प्राप्त करने” की दिशा में बढ़ना होगा। पुनर्योजी, जलवायु-लचीली कृषि को कृषि अनुसंधान (Agri-R&D), फसल विविधीकरण और किसान सशक्तिकरण के माध्यम से बढ़ावा देना ही सतत् एवं पोषण-सुरक्षित विकास का मार्ग है।
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