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Q. जाँच कीजिए कि पाकिस्तान-बांग्लादेश के बढ़ते संबंध दक्षिण एशिया में भारत के रणनीतिक हितों को कैसे प्रभावित करते हैं। भारत की प्रतिक्रिया के लिए एक व्यापक ढाँचे का सुझाव देते हुए रणनीतिक, आर्थिक और भू-राजनीतिक आयामों के माध्यम से इस विकास का विश्लेषण कीजिए। (15 अंक, 250 शब्द)

February 26, 2025

GS Paper IIInternational Relations

प्रश्न की मुख्य माँग

  • जाँच  कीजिए कि पाकिस्तान-बांग्लादेश के बढ़ते रिश्ते दक्षिण एशिया में भारत के रणनीतिक हितों को कैसे प्रभावित करते हैं।
  • रणनीतिक, आर्थिक एवं भू-राजनीतिक आयामों के माध्यम से इस घटनाक्रम का विश्लेषण कीजिए।
  • भारत की प्रतिक्रिया के लिए एक व्यापक रूपरेखा सुझाएँ।

उत्तर

विकसित होते पाकिस्तान-बांग्लादेश संबंध बदलते क्षेत्रीय संरेखण को दर्शाते हैं, जो नए कूटनीतिक संपर्क एवं व्यापार सहयोग द्वारा चिह्नित हैं। जैसे-जैसे बांग्लादेश दक्षिण एशिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक के रूप में उभर रहा है तथा पाकिस्तान मजबूत संबंधों की ओर अग्रसर है, क्षेत्रीय स्थिरता से लेकर आर्थिक प्रभाव तक भारत के रणनीतिक हित इन विकसित भू-राजनीतिक गतिशीलता से तेजी से प्रभावित हो रहे हैं।

भारत के सामरिक हितों पर प्रभाव

  • भारत विरोधी तत्वों का फिर से उभरना: बांग्लादेश के साथ पाकिस्तान के गहरे होते संबंध निष्क्रिय भारत विरोधी आतंकवादी नेटवर्क को फिर से सक्रिय कर सकते हैं, जिससे भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में सुरक्षा खतरे उत्पन्न हो सकते हैं।
    • उदाहरण के लिए: ULFA एवं NSCN जैसे ISI समर्थित विद्रोही समूह पहले बांग्लादेश को भारत में घुसपैठ के लिए आधार के रूप में इस्तेमाल करते थे।
  • बंगाल की खाड़ी में नौसेना की मौजूदगी: पाकिस्तान एवं बांग्लादेश के बीच संयुक्त सैन्य सहयोग क्षेत्र में भारत के समुद्री प्रभुत्व को चुनौती दे सकता है तथा कमज़ोरियाँ पैदा कर सकता है।
    • उदाहरण के लिए: उत्तरी अरब सागर में पाकिस्तान के नेतृत्व वाले AMAN-23  अभ्यास में बांग्लादेश की नौसेना की भागीदारी संभावित समुद्री सहयोग का संकेत देती है जो भारत की रणनीतिक स्थिति को कमजोर कर सकती है।
  • सीमा सुरक्षा चुनौतियाँ: ढाका एवं इस्लामाबाद के बीच बढ़ता सहयोग भारत के साथ आतंकवाद विरोधी समन्वय को कमज़ोर कर सकता है, जिससे घुसपैठ तथा अवैध प्रवास बढ़ सकता है।
    • उदाहरण के लिए: छिद्रपूर्ण भारत-बांग्लादेश सीमाएँ ऐतिहासिक रूप से ISI संचालन को सुविधाजनक बनाती रही हैं, जिससे सीमा पर बाड़ लगाना एवं निगरानी करना महत्त्वपूर्ण हो गया है।
  • BIMSTEC के प्रभाव को कमजोर करना: पाकिस्तान की रणनीतिक पहुँच का उद्देश्य BIMSTEC जैसी भारत के नेतृत्व वाली क्षेत्रीय सहयोग पहल को कमजोर करना है, तथा अप्रत्यक्ष रूप से SAARC को पुनर्जीवित करना है, जिसमें पाकिस्तान एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
    • उदाहरण के लिए: पाकिस्तान के साथ बांग्लादेश के घनिष्ठ आर्थिक एवं रक्षा संबंध भारत के नेतृत्व वाले बहुपक्षीय मंचों पर उसकी निर्भरता को कम कर सकते हैं। 
  • संभावित हथियार हस्तांतरण: इस्लामाबाद ढाका को बैलिस्टिक मिसाइल या उन्नत हथियार दे सकता है, जिससे क्षेत्रीय सैन्य संतुलन में बदलाव आएगा एवं भारत की पूर्वी सुरक्षा स्थिति पर दबाव पड़ेगा। 
    • उदाहरण के लिए: पाकिस्तान द्वारा बांग्लादेश को अब्दाली मिसाइल बेचने की अटकलें क्षेत्रीय हथियारों की वृद्धि पर चिंता बढ़ाती हैं।

सामरिक, आर्थिक एवं भू-राजनीतिक विश्लेषण

रणनीतिक आयाम

  • सीमा पार से घुसपैठ: पाकिस्तान के साथ बांग्लादेश का बढ़ता रक्षा सहयोग कट्टरपंथी तत्वों को बढ़ावा दे सकता है, जिससे भारत की पूर्वी सीमा पर उग्रवाद का खतरा और बढ़ सकता है।
    • उदाहरण के लिए: ULFA एवं जमात-उल-मुजाहिदीन ने ऐतिहासिक रूप से बांग्लादेश को एक सुरक्षित पनाहगाह के रूप में इस्तेमाल किया है, जहाँ उन्हें पाकिस्तान स्थित संचालकों से रसद सहायता मिलती है।
  • भारत की रक्षा श्रेष्ठता के लिए खतरा: बांग्लादेश एवं पाकिस्तान के बीच सैन्य सहयोग भारत की तकनीकी बढ़त को बेअसर कर सकता है, जिससे इस क्षेत्र में हथियारों की होड़ शुरू हो सकती है।
    • उदाहरण के लिए: चीनी एवं पाकिस्तानी रक्षा निर्यात द्वारा समर्थित बांग्लादेश का हालिया नौसैनिक विस्तार बंगाल की खाड़ी में भारत के प्रभुत्व के लिए खतरा है।

आर्थिक आयाम

  • व्यापार मोड़ जोखिम: पाकिस्तान एवं चीन के साथ व्यापार साझेदारी में बांग्लादेश की विविधता भारत पर उसकी निर्भरता को कम कर सकती है, जिससे द्विपक्षीय व्यापार प्रभावित हो सकता है।
    • उदाहरण के लिए: भारत को बांग्लादेश का निर्यात 15 बिलियन डॉलर का है, लेकिन पाकिस्तान के साथ गहरे संबंध व्यापार प्रवाह को मोड़ सकते हैं, जिससे भारतीय व्यवसाय प्रभावित हो सकते हैं।
  • बुनियादी ढांचे की प्रतिद्वंद्विता: बांग्लादेशी बुनियादी ढाँचे में चीनी-पाकिस्तानी निवेश में वृद्धि भारत की क्षेत्रीय संपर्क परियोजनाओं को चुनौती दे सकती है।
    • उदाहरण के लिए: बांग्लादेश के पायरा बंदरगाह में चीन की भागीदारी भारत समर्थित बुनियादी ढाँचे के साथ प्रतिस्पर्धा करती है, जिससे समुद्री व्यापार मार्गों तक भारतीय पहुँच प्रभावित होती है।

भू-राजनीतिक आयाम

  • दक्षिण एशिया में रणनीतिक पुनर्गठन: चीन द्वारा समर्थित बांग्लादेश-पाकिस्तान साझेदारी भारत के क्षेत्रीय नेतृत्व एवं कूटनीतिक स्थिति को कमजोर कर सकती है।
    • उदाहरण के लिए: चीन की बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) के साथ बांग्लादेश की बढ़ती निकटता दक्षिण एशिया में भारत के रणनीतिक प्रभाव को कम कर सकती है।
  • भारत की विदेश नीति पर प्रभाव: बांग्लादेश-पाकिस्तान के बीच मजबूत संबंध भारत को अपनी पड़ोस-प्रथम नीति का पुनर्मूल्यांकन करने के लिए मजबूर कर सकते हैं, जिससे अन्य क्षेत्रीय शक्तियों के साथ जुड़ाव बढ़ सकता है।
    • उदाहरण के लिए: म्यांमार एवं श्रीलंका के साथ भारत की पहुंच दक्षिण एशिया में बदलते गठबंधनों के प्रति संतुलन के रूप में कार्य कर सकती है।

भारत की प्रतिक्रिया के लिए व्यापक रूपरेखा

  • सीमा सुरक्षा को मजबूत करना: भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में ISI से जुड़ी गतिविधियों को रोकने के लिए निगरानी, ​​बाड़ लगाना एवं घुसपैठ विरोधी उपायों को बढ़ाना।
    • उदाहरण के लिए: भारत-बांग्लादेश सीमा पर AI-संचालित निगरानी ड्रोन का उपयोग अवैध गतिविधियों एवं खुफिया जानकारी लीक को रोक सकता है।
  • आर्थिक जुड़ाव को गहरा करना: बांग्लादेश को भारत के साथ आर्थिक रूप से संरेखित रखने के लिए द्विपक्षीय अधिमान्य व्यापार समझौते एवं निवेश प्रोत्साहन प्रदान करना।
    • उदाहरण के लिए: बांग्लादेशी वस्तुओं एवं बुनियादी ढाँचे के वित्तपोषण के लिए शुल्क-मुक्त पहुँच का विस्तार भारत के आर्थिक विकास को सुदृढ़ कर सकता है।
  • राजनयिक पहुँच: बढ़ते पाकिस्तानी प्रभाव का मुकाबला करने एवं साझा सुरक्षा हितों को सुदृढ़ करने के लिए बांग्लादेश के राजनीतिक तथा सैन्य नेतृत्व को शामिल करना।
    • उदाहरण के लिए: नियमित उच्च-स्तरीय भारत-बांग्लादेश रक्षा वार्ता पाकिस्तान के कूटनीतिक प्रयासों को बेअसर कर सकती है।
  • समुद्री सुरक्षा एवं नौसेना विस्तार: बांग्लादेश के साथ संयुक्त अभ्यास के माध्यम से बंगाल की खाड़ी में भारत की नौसैनिक उपस्थिति को मजबूत करना, समुद्री प्रभुत्व सुनिश्चित करना है।
    • उदाहरण के लिए: SAGAR सिद्धांत के अंतर्गत भारत-बांग्लादेश नौसैनिक अभ्यास क्षेत्रीय जल में भारतीय प्रभाव को बनाए रख सकता है।
  • वैश्विक गठबंधनों का लाभ उठाना: रणनीतिक निवेश के माध्यम से बांग्लादेश में चीनी एवं पाकिस्तानी प्रभाव को सीमित करने के लिए अमेरिका, यूरोपीय संघ तथा जापान के साथ समन्वय करना। 
    • उदाहरण के लिए: क्वाड समर्थित बुनियादी ढाँचा एवं रक्षा सहयोग ढाका में चीन-पाकिस्तान के प्रभाव का मुकाबला कर सकता है।

“अंतराल को पाटना, संबंधों को मजबूत करना” भारत को क्षेत्रीय संपर्क, व्यापार एवं कूटनीतिक पहुंच को गहरा करके एक सक्रिय जुड़ाव रणनीति अपनानी चाहिए। BIMSTEC को मजबूत करना, आर्थिक गलियारों का लाभ उठाना तथा लोगों के बीच संबंधों को बढ़ावा देना बदलते गठबंधनों को संतुलित करेगा। वास्तविक राजनीति एवं पड़ोस-प्रथम कूटनीति का एक संतुलित मिश्रण एक स्थिर, सहकारी दक्षिण एशिया को बढ़ावा देते हुए भारत की रणनीतिक प्रधानता सुनिश्चित करेगा।

Examine how the growing Pakistan-Bangladesh relationship impacts India’s strategic interests in South Asia. Analyze this development through strategic, economic, and geopolitical dimensions while suggesting a comprehensive framework for India’s response. in hindi

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