Q.
विकास प्रक्रिया का महत्त्वपूर्ण पहलू भारत में मानव संसाधन विकास पर अपर्याप्त ध्यान दिया जाना रहा है। इस अपर्याप्तता को दूर करने के लिए उपाय सुझाएँ। (10 अंक, 150 शब्द)
May 10, 2025
GS Paper IIISocial Justice
प्रश्न की मुख्य माँग
- भारत में मानव संसाधन विकास पर दिए गए अपर्याप्त ध्यान पर प्रकाश डालिए।
- इस अपर्याप्तता को दूर करने के उपायों पर चर्चा कीजिए।
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उत्तर
मानव संसाधन विकास (HRD) में राष्ट्रीय विकास को गति देने के लिए प्रतिभाओं और कौशलों को व्यवस्थित रूप से पोषित करना शामिल है। तीव्र आर्थिक प्रगति के बावजूद भारत GDP वृद्धि के मामले में शीर्ष पांच देशों में शामिल है फिर भी चुनौतियाँ बनी हुई हैं, जैसा कि 193 देशों में से 134 की निम्न HDI रैंकिंग में परिलक्षित होता है।
भारत में मानव संसाधन विकास पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया
- शिक्षा की गुणवत्ता: ASER रिपोर्ट सरकारी स्कूलों में खराब शिक्षण परिणामों, अपर्याप्त बुनियादी ढाँचे और कमजोर समझ कौशल को उजागर करती है।
- उदाहरण: अजीम प्रेमजी फाउंडेशन ने पाया कि 60% भारतीय स्कूली बच्चों के पास ऑनलाइन शिक्षा तक पहुँच नहीं है।
- कौशल बेमेल: लगभग 30% भारतीय स्नातक उद्योग-संबंधित कौशल की कमी के कारण रोजगार योग्य नहीं हैं।
- स्वास्थ्य देखभाल अवसंरचना: राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण से पता चलता है, कि विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में गंभीर अंतराल हैं, जिसके लिए मजबूत प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों की आवश्यकता है।
- पोषण: POSHAN अभियान के बावजूद कुपोषण की समस्या बनी हुई है, जिसके लिए बेहतर क्रियान्वयन और पहुँच की आवश्यकता है।
- उदाहरण: वर्ष 2024 की वैश्विक भुखमरी सूचकांक में भारत 127 देशों में से 105वें स्थान पर है।
- डिजिटल डिवाइड: COVID-19 ने असमानताओं को उजागर किया है, कमजोर पृष्ठभूमि वाले कई छात्रों के पास डिजिटल पहुँच की कमी है।
अपर्याप्तता को दूर करने के उपाय
- उद्योग-अकादमिक सहयोग: सैद्धांतिक ज्ञान और उद्योग की आवश्यकताओं के बीच के अंतर को कम करना चाहिये।
- उदाहरण: IIT मद्रास रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए उद्योगों के साथ सहयोग करता है।
- सतत व्यावसायिक विकास: शिक्षकों को विकासशील शिक्षा प्रणालियों के अनुकूल होने के लिए आजीवन शिक्षण को प्रोत्साहित करना चाहिए।
- टेलीमेडिसिन: स्वास्थ्य सेवा की सुलभता में सुधार के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करना चाहिए।
- उदाहरण: केरल ने COVID-19 के दौरान टेलीमेडिसिन को सफलतापूर्वक लागू किया।
- मोबाइल शिक्षा इकाइयाँ: डिजिटल डिवाइड को कम करना चाहिये और डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देना चाहिए।
- उदाहरण: महाराष्ट्र की डिजिटल बस परियोजना मोबाइल शिक्षण संसाधन प्रदान करती है।
- मेंटरशिप कार्यक्रम: शिक्षा और व्यवसायों में लैंगिक समानता को प्रोत्साहित करना चाहिए।
- उदाहरण: WISE (वुमेन इन साइंस एंड इंजीनियरिंग) कार्यक्रम महिलाओं के करियर विकास में सहायता करते हैं।
- इनक्यूबेशन सेंटर: शैक्षणिक संस्थानों में नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देना चाहिए।
- उदाहरण: IIT बॉम्बे के इनक्यूबेशन सेंटर, स्टार्टअप और तकनीकी उन्नति को बढ़ावा देते हैं।
- कौशल महोत्सव: इंटरैक्टिव प्लेटफार्मों के माध्यम से व्यावसायिक प्रशिक्षण को बढ़ावा देना चाहिए।
गतिशील कार्यबल के निर्माण के लिए भारत को जमीनी स्तर पर शिक्षा सुधार, संरचित कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित करना होगा। उद्योग-अकादमिक सहयोग को मजबूत करने और निरंतर शिक्षक प्रशिक्षण से मानव संसाधन विकास और भी बढ़ेगा।