Q. किसी विशेष राज्य में FIR दर्ज करने और जाँच करने के संबंध में केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) के अधिकार क्षेत्र पर विभिन्न राज्यों द्वारा प्रश्न उठाए जा रहे हैं। हालाँकि, CBI को सहमति न देने की राज्यों की शक्ति पूर्ण नहीं है। भारत के संघीय स्वरूप के विशेष संदर्भ में स्पष्ट कीजिए। (15 अंक, 250 शब्द)

April 2, 2026

GS Paper IIIndian Polity

प्रश्न की मुख्य माँग

  • सीबीआई के अधिकार क्षेत्र पर राज्यों द्वारा उठाए गए प्रश्न
  • संघीय ढाँचे में राज्यों की सहमति वापस लेने की सीमाएँ
  • जाँच में सहकारी संघवाद को सुदृढ़ करने के उपाय

उत्तर

दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम, 1946 के तहत सशक्त केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो के अधिकार क्षेत्र को लेकर कई राज्यों द्वारा सामान्य सहमति वापस लेने के कारण विवाद उत्पन्न हुआ है। हालाँकि, संवैधानिक सिद्धांतों और न्यायिक निर्णयों के माध्यम से इस शक्ति की सीमाएँ निर्धारित की गई हैं, जो भारत के सहकारी संघीय ढाँचे को संतुलित बनाए रखते हैं।

सीबीआई के अधिकार क्षेत्र पर राज्यों द्वारा उठाए गए प्रश्न

  • संघीय ढाँचे की चिंता: सातवीं अनुसूची की राज्य सूची की प्रविष्टि 2 के अंतर्गत ‘कानून और व्यवस्था’ राज्य का विषय है, जिससे राज्य की अनुमति के बिना सीबीआई के हस्तक्षेप पर सीमा लगती है।
    • उदाहरण: पश्चिम बंगाल ने वर्ष 2018 में राज्य अधिकारों के अतिक्रमण का हवाला देते हुए सामान्य सहमति वापस ले ली।
  • राजनीतिक दुरुपयोग के आरोप: विपक्ष-शासित राज्यों का आरोप है कि सीबीआई का चयनात्मक उपयोग राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया जाता है, जिससे इसकी विश्वसनीयता प्रभावित होती है।
    • उदाहरण: महाराष्ट्र ने विपक्षी नेताओं से जुड़े भ्रष्टाचार मामलों में हस्तक्षेप का आरोप लगाया।
  • समानांतर जाँच की समस्या: राज्य पुलिस और सीबीआई के बीच समानांतर जाँच से टकराव उत्पन्न होता है, जिससे कानून-व्यवस्था की दक्षता प्रभावित होती है।
    • उदाहरण: सुशांत सिंह राजपूत मामले में महाराष्ट्र ने राज्य पुलिस के अधिकार क्षेत्र का हवाला देते हुए सीबीआई की जाँच का विरोध किया।
  • चयनात्मक मामले हस्तांतरण: राज्यों का तर्क है कि संवेदनशील मामलों को चयनात्मक रूप से सीबीआई को सौंपा जाता है, जिससे निष्पक्षता पर प्रश्न उठते हैं।

संघीय ढाँचे में सीबीआई को सहमति न देने की राज्यों की शक्ति की सीमाएँ

  • न्यायिक हस्तक्षेप: सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय राष्ट्रीय महत्त्व के मामलों में राज्यों के विरोध के बावजूद सीबीआई जाँच का आदेश दे सकते हैं।
    • उदाहरण: शारदा चिट फंड घोटाले को पश्चिम बंगाल सरकार के विरोध के बावजूद सीबीआई को सौंपा गया।
  • समवर्ती सूची का अधिकार: यद्यपि पुलिस राज्य सूची का विषय है, परंतु आपराधिक कानून समवर्ती सूची में आता है, जिससे विधायी आधार पर सीबीआई की भूमिका संभव होती है।
  • राष्ट्रीय सुरक्षा का पहलू: बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और सुरक्षा से जुड़े मामलों में, राज्य की सहमति के बिना भी सीबीआई की भागीदारी उचित ठहराई जाती है।
    • उदाहरण: मध्य प्रदेश के व्यापम घोटाले को इसके व्यापक प्रभाव के कारण सीबीआई को सौंपा गया।
  • अंतर-राज्यीय अपराध: एकाधिक राज्यों में फैले मामलों में समन्वय और प्रभावी जाँच के लिए सीबीआई की भूमिका आवश्यक होती है।
  • संसदीय सर्वोच्चता: अनुच्छेद-256 और 257 के अंतर्गत संसद राष्ट्रीय जवाबदेही सुनिश्चित करने हेतु जाँच एजेंसियों पर कानून बना सकती है।
    • उदाहरण: भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत सीबीआई को देशभर में रिश्वतखोरी मामलों की जाँच का अधिकार प्राप्त है।

जाँच में सहकारी संघवाद को सुदृढ़ करने के उपाय

  • समर्पित कानून: सीबीआई की शक्तियों को एक पृथक विधि के माध्यम से स्पष्ट रूप से परिभाषित किया जाए, जिससे इसकी वैधता और विश्वसनीयता बढ़े।
  • निगरानी को सुदृढ़ करना: न्यायिक और संसदीय पर्यवेक्षण के माध्यम से निष्पक्षता सुनिश्चित की जाए तथा दुरुपयोग की संभावनाओं को कम किया जाए।
  • केंद्र-राज्य परामर्श: सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाकर राज्य की स्वायत्तता और जाँच की दक्षता के बीच संतुलन स्थापित किया जाए।
  • संचालनात्मक स्वतंत्रता में वृद्धि: सरकारी अनुमोदनों पर निर्भरता कम कर सीबीआई की कार्यक्षमता और निष्पक्षता को बढ़ाया जाए।

निष्कर्ष

जाँच की दक्षता और संघीय स्वायत्तता के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए स्पष्ट कानूनी ढाँचा, सीबीआई की पारदर्शी कार्यप्रणाली तथा केंद्र-राज्य समन्वय को सुदृढ़ करना आवश्यक है। इससे जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए भारत के सहकारी संघीय ढाँचे की रक्षा की जा सकेगी।

The jurisdiction of the Central Bureau of Investigation (CBI) regarding lodging an FIR and conducting probe within a particular state is being questioned by various States. However, the power of States to withhold consent to the CBI is not absolute. Explain with special reference to the federal character of India. in hindi

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