UPSC PYQs

Prelims, Mains & Optional PYQs

UPSC Notes

Comprehensive & Short Notes

Q. आर्थिक सुधारों और सरकारी प्रयासों के बावजूद, भारत में क्षेत्रीय असमानताएँ में समय के साथ वृद्धि हुई हैं। संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने के लिए कारणों की जाँच कीजिए और रणनीति सुझाएँ। (15 अंक, 250 शब्द)

January 11, 2025

GS Paper III

प्रश्न की मुख्य माँग

  • इस तथ्य पर चर्चा कीजिए कि आर्थिक सुधारों और सरकारी प्रयासों के बावजूद, भारत में क्षेत्रीय असमानताएँ समय के साथ बढ़ी हैं।
  • भारत में बढ़ती क्षेत्रीय असमानताओं के कारणों का परीक्षण कीजिए।
  • संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने के लिए रणनीति सुझाइये।

उत्तर

क्षेत्रीय असमानताएँ विभिन्न क्षेत्रों में संसाधनों, अवसरों और विकास के असमान वितरण को दर्शाती हैं। भारत में उदारीकरण जैसे आर्थिक सुधारों और आकांक्षी जिला कार्यक्रम जैसी योजनाओं के बावजूद, विकसित और अविकसित क्षेत्रों के बीच अंतर बना हुआ है। नीति आयोग के हालिया डेटा शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढाँचे में भारी अंतर को उजागर करते हैं, जो संतुलित क्षेत्रीय विकास की आवश्यकता को रेखांकित करता है।

Enroll now for UPSC Online Course

आर्थिक सुधारों और सरकारी प्रयासों के बावजूद भारत में क्षेत्रीय असमानताएं समय के साथ बढ़ी हैं

  • असमान औद्योगिक विकास: आर्थिक सुधारों ने बेहतर बुनियादी ढाँचे के कारण पहले से ही विकसित क्षेत्रों में उद्योगों को आकर्षित किया।
    उदाहरण के लिए: गुजरात और महाराष्ट्र में प्रमुख उद्योग हैं, जबकि बिहार जैसे राज्य औद्योगीकरण के मामले में पिछड़े हुए हैं।
  • सुधारों का क्षेत्रीय फोकस: सुधारों ने IT और सेवाओं पर बल दिया, जिससे शहरी क्षेत्रों को लाभ हुआ जबकि ग्रामीण, कृषि क्षेत्र अविकसित रह गए।
    उदाहरण के लिए: बेंगलुरु का IT बूम महाराष्ट्र के विदर्भ में कृषि संकट की स्थिति के एकदम  विपरीत है।
  • बुनियादी ढाँचे में अंतराल: आर्थिक सुधारों ने चुनिंदा क्षेत्रों के बुनियादी ढाँचे में सुधार किया, जिससे कनेक्टिविटी और संसाधन पहुंच के संबंध में अंतर उत्पन्न हो गया।
  • मानव विकास में असमानताएं: कुछ राज्यों में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में अधिक निवेश के कारण मानव पूंजी में अंतर बढ़ गया है।
  • नीति कार्यान्वयन संबंधी असमानताएं: केंद्रीकृत नीतियों में अक्सर बेहतर प्रशासन वाले विकसित राज्यों को तरजीह दी जाती है, जिसके परिणामस्वरूप असमान परिणाम सामने आते हैं।

भारत में बढ़ती क्षेत्रीय असमानताओं के  कारण

  • प्राकृतिक संसाधन संपदा: छत्तीसगढ़ और झारखंड जैसे संसाधन संपन्न क्षेत्रों को आनुपातिक विकास लाभ के बिना शोषण का सामना करना पड़ता है।
  • शासन और राजनीतिक इच्छाशक्ति: सक्रिय शासन वाले राज्य निवेश और विकास को आकर्षित करते हैं, तथा खराब शासन वाले राज्यों को पीछे छोड़ देते हैं।
  • शहरी-ग्रामीण विभाजन: शहरी-केंद्रित नीतियों में महानगरीय क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाती है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों की विकास आवश्यकताओं की उपेक्षा की जाती है।
    उदाहरण के लिए: दिल्ली जैसे शहरों में मेट्रो रेल नेटवर्क और अधिक विकसित हो रहा है, जबकि बिहार में ग्रामीण परिवहन में अभी भी समस्या में व्याप्त हैं।
  • राजकोषीय असमानताएं: जिन राज्यों की राजस्व जुटाने की क्षमता अधिक है, वे गरीब राज्यों के विपरीत विकास में अधिक निवेश करते हैं।
  • निजी क्षेत्र की प्राथमिकताएं: निवेशक पिछड़े क्षेत्रों को दरकिनार करते हुए कुशल श्रम और उन्नत बुनियादी ढाँचे वाले क्षेत्रों को अधिक प्राथमिकता देते हैं।

संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने की रणनीतियाँ

  • पिछड़े क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे का विकास: निवेश को आकर्षित करने और विकास को बढ़ावा देने के लिए अविकसित क्षेत्रों में
    परिवहन, बिजली और कनेक्टिविटी में सुधार पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उदाहरण के लिए: दिल्ली के आसपास ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे ने कम विकसित NCR क्षेत्रों में कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधि को बढ़ावा दिया।
  • विकेंद्रीकृत औद्योगिक विकास: क्षेत्रीय असमानताओं को कम करने के लिए पिछड़े राज्यों में
    औद्योगिक क्लस्टर और SEZ स्थापित करने चाहिए।

    • उदाहरण के लिए: DMIC परियोजना ने राजस्थान और मध्य प्रदेश में औद्योगिक केंद्रों को बढ़ावा दिया है, जिससे क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिला है।
  • कौशल विकास कार्यक्रम: रोजगार क्षमता बढ़ाने और पिछड़े क्षेत्रों में मानव पूंजी अंतर को कम करने के लिए अनुरूप कौशल प्रशिक्षण पहलों को लागू करना चाहिए
    • उदाहरण के लिए: प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत बिहार और झारखंड जैसे राज्यों में युवाओं को प्रशिक्षित किया गया, जिससे रोजगार के अवसर बढ़े।
  • निवेश के लिए राजकोषीय प्रोत्साहन: विकास को प्रोत्साहित करने के लिए पिछड़े क्षेत्रों में स्थापित उद्योगों को कर लाभ और सब्सिडी प्रदान करनी चाहिए।
    • उदाहरण के लिए: हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों में कर छूट की शुरुआत के बाद निवेश में वृद्धि देखी गई।
  • कृषि और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देना: ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए कृषि क्षेत्र में सिंचाई, भंडारण और मूल्य श्रृंखला एकीकरण को बढ़ावा देना चाहिए।
    • उदाहरण के लिए: ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि (RIDF) ने ओडिशा जैसे पूर्वी राज्यों के कृषि उत्पादन में सुधार किया।

Check Out UPSC CSE Books From PW Store

क्षेत्रीय असमानताओं को कम करने के लिए, भारत को समान संसाधन आवंटन को प्राथमिकता देनी चाहिए, पिछड़े क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे को बढ़ाना चाहिए और स्थानीय रोजगार के लिए कौशल-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना चाहिए। विकेंद्रीकृत शासन को मजबूत करने, निजी निवेश को प्रोत्साहित करने और प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने से सतत विकास सुनिश्चित हो सकता है। इस संबंध में एक सहयोगात्मक, समावेशी दृष्टिकोण, संतुलित विकास और समृद्ध भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगा।

Despite economic reforms and government efforts, regional disparities in India have widened over time. Examine the reasons and suggest strategies to promote balanced regional development. in hindi

Need help preparing for UPSC or State PSCs?

Connect with our experts to get free counselling & start preparing

Free Counselling for UPSC Aspirants

Connect with our experts and take the right next step.

Expert Guidance
Personalized Strategy
100% Free

Book Your Free Session

NEED ASSISTANCE?

Request a Callback

Our counsellor will connect with you and help you choose the right course and centre.

  • Expert Guidance
  • Course & Fee Information
  • Quick Callback Support

Request a Callback

Books
UPSC PYQs
UPSC Notes
Current Affairs
Quick Revise Now !
AVAILABLE FOR DOWNLOAD SOON
UDAAN PRELIMS WALLAH
Comprehensive coverage with a concise format
Integration of PYQ within the booklet
Designed as per recent trends of Prelims questions
हिंदी में भी उपलब्ध
Quick Revise Now !
UDAAN PRELIMS WALLAH
Comprehensive coverage with a concise format
Integration of PYQ within the booklet
Designed as per recent trends of Prelims questions
हिंदी में भी उपलब्ध

<div class="new-fform">







    </div>

    Subscribe our Newsletter
    Sign up now for our exclusive newsletter and be the first to know about our latest Initiatives, Quality Content, and much more.
    *Promise! We won't spam you.
    Yes! I want to Subscribe.